MP Assembly Budget Session 2026: 6 छंदों वाला ‘वंदे मातरम’ और विपक्ष का भारी हंगामा; जानें सत्र की बड़ी बातें

Channelindiaone
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MP Assembly Budget Session: मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को केवल औपचारिकताओं के साथ नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद की गूंज और तीखी राजनीतिक तकरार के साथ शुरू हुआ। सत्र के पहले ही दिन सदन में इतिहास रचा गया और साथ ही विपक्ष के तेवरों ने आने वाले दिनों के लिए टकराव के संकेत दे दिए।

सत्र के आंकड़े: एक नज़र में (16 फरवरी – 6 मार्च)

इस बजट सत्र में जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए व्यापक तैयारी की गई है। सदन में पेश किए जाने वाले सवालों और प्रस्तावों का ब्यौरा नीचे दिया गया है:

मद संख्या
कुल प्रश्न 3,478
ध्यानाकर्षण सूचनाएं 236
स्थगन प्रस्ताव 10
अशासकीय संकल्प 41
शून्यकाल सूचनाएं 83

पहली बार: ‘वंदे मातरम’ के सभी 6 छंदों का गूंज उठा स्वर

विधानसभा की कार्यवाही की शुरुआत एक ऐतिहासिक बदलाव के साथ हुई। अब तक सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत के कुछ हिस्से ही गाए जाते थे, लेकिन इस बार बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित ‘वंदे मातरम’ के सभी छह छंदों को एक सुर में गाया गया।

राज्य सरकार ने 28 जनवरी के केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों का हवाला देते हुए अब सभी सरकारी कार्यक्रमों में पूरे राष्ट्रीय गीत को अनिवार्य कर दिया है। इसे राष्ट्रवाद की दिशा में मोहन यादव सरकार का एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


राज्यपाल का संबोधन: 2047 तक $2 ट्रिलियन इकोनॉमी का लक्ष्य

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अपने अभिभाषण में सरकार का रोडमैप पेश किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अमृत काल’ के विजन को राज्य की प्रगति का आधार बताया। उनके भाषण के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:

  • 2026 – कृषि वर्ष: सरकार ने साल 2026 को ‘कृषि वर्ष’ के रूप में मनाने का संकल्प लिया है।

  • $2 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था: साल 2047 तक मध्य प्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।

  • शिप्रा शुद्धिकरण: उज्जैन की जीवनदायिनी शिप्रा नदी को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

  • PM जनमन योजना: इसके तहत राज्य में 1.35 लाख नए आवासों का निर्माण किया जाएगा।

  • शिक्षा और विकास: नई शिक्षा नीति और ‘संकल्प पत्र 2023’ के वादों को पूरा करने पर जोर दिया गया।


सदन में हंगामा: जब विपक्ष ने घेरा

राज्यपाल का भाषण अभी जारी ही था कि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार अपनी जगह पर खड़े हो गए। विपक्ष ने सरकार पर ज्वलंत मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।

विपक्ष के मुख्य आरोप:

  1. नल-जल योजना: विपक्षी दल ने इस योजना में भारी भ्रष्टाचार और खामियों का मुद्दा उठाया।

  2. इंदौर दूषित जल मामला: इंदौर में दूषित पानी के कारण हुई मौतों पर सरकार को घेरते हुए सदन में नारेबाजी शुरू कर दी गई।

भारी शोर-शराबे के बीच राज्यपाल ने अपना भाषण पूरा किया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने संबोधन के शेष भाग को ‘पढ़ा हुआ’ मान लिया और सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी।


निष्कर्ष (Editor’s Take)

मध्य प्रदेश का यह बजट सत्र केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह सरकार के ‘सांस्कृतिक एजेंडे’ और विपक्ष की ‘आक्रामक रणनीति’ का अखाड़ा बन चुका है। वंदे मातरम के पूरे गान ने जहाँ सत्ता पक्ष के इरादे स्पष्ट कर दिए हैं, वहीं इंदौर जल संकट जैसे मुद्दों पर विपक्ष का कड़ा रुख सदन में लंबी बहस की ओर इशारा कर रहा है।

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