नई दिल्ली: अगर आप गोल्ड फ्लेक (Gold Flake) या क्लासिक (Classic) सिगरेट के शौकीन हैं, तो अब आपकी जेब पर बोझ बढ़ने वाला है। देश की सबसे बड़ी सिगरेट निर्माता कंपनी ITC ने अपने चुनिंदा ब्रांड्स की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फैसला सरकार द्वारा बढ़ाई गई एक्साइज ड्यूटी और नए टैक्स स्ट्रक्चर के असर को कम करने के लिए लिया गया है।
क्यों बढ़े सिगरेट के दाम?
दरअसल, 1 फरवरी 2026 से सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर लगने वाले टैक्स में बड़ा बदलाव किया गया है। अब सिगरेट को 40% के उच्चतम GST स्लैब में रखा गया है। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने ‘सेंट्रल एक्साइज एक्ट’ में संशोधन कर सिगरेट की लंबाई के आधार पर ‘प्रति स्टिक’ (Per Stick) एक्साइज ड्यूटी लागू कर दी है। इसी अतिरिक्त बोझ को कंपनी अब ग्राहकों पर डाल रही है।
नई कीमतें: अब कितने में मिलेगा एक पैकेट?
ITC ने अपने पोर्टफोलियो के लगभग आधे हिस्से में कीमतें बढ़ाई हैं। सबसे ज्यादा असर प्रीमियम ब्रांड्स पर देखने को मिल रहा है:
| ब्रांड (Brand) | पहले की कीमत (Pack) | नई कीमत (Pack) | प्रति सिगरेट (Per Stick) |
| Gold Flake (10 का पैक) | ₹170 | ₹240 | ₹24 |
| Classic Regular/Mild (20 का पैक) | ₹340 | ₹480 | ₹24 |
| Classic Connect (Slims) (20 का पैक) | ₹300 | ₹360 | ₹18 |
| Gold Flake Superstar (10 का पैक) | ₹59 | ₹70 | ₹7 |
लंबाई के हिसाब से समझें नया टैक्स गणित
सरकार ने सिगरेट की लंबाई के आधार पर अलग-अलग एक्साइज ड्यूटी तय की है, जिससे कंपनियों की लागत बढ़ गई है:
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65 mm तक (बिना फिल्टर): ₹2.05 प्रति सिगरेट अतिरिक्त।
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65 mm तक (फिल्टर वाली): ₹2.10 प्रति सिगरेट अतिरिक्त।
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65-70 mm (मीडियम): ₹3.60 से ₹4 प्रति सिगरेट।
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70-75 mm (लॉन्ग/प्रीमियम): लगभग ₹5.40 प्रति सिगरेट।
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नॉन-स्टैंडर्ड डिजाइन: सबसे ज्यादा ₹8.50 प्रति सिगरेट तक की ड्यूटी।
बाजार और शेयर मार्केट पर असर
कीमतों में बढ़ोतरी की खबर आते ही सिगरेट कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी गई। ITC के शेयर में करीब 2.03% का उछाल आया, वहीं Godfrey Phillips का शेयर भी 2.85% चढ़ गया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि टैक्स के बावजूद कीमतों में इस तरह की बढ़ोतरी से कंपनियों का मुनाफा (EBIT per stick) बना रहेगा।
आगे की क्या है तैयारी?
जानकारों की मानें तो ITC अब 74 mm कैटेगरी में और भी नए प्रोडक्ट्स लॉन्च कर सकती है। किंग साइज सिगरेट पर लगने वाले भारी टैक्स के असर को कम करने के लिए कंपनी अपनी रणनीति बदल रही है। हालांकि, कीमतें बढ़ने से सिगरेट की कुल बिक्री (Volume) पर थोड़ा असर पड़ सकता है, लेकिन मुनाफे में कमी आने की संभावना कम है।
नोट: फिलहाल डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास पुराना स्टॉक मौजूद है, लेकिन नए स्टॉक की सप्लाई जल्द ही नई कीमतों के साथ शुरू हो जाएगी। कई जगह दुकानदारों ने अभी से बढ़ी हुई कीमतों पर सिगरेट बेचना शुरू कर दिया है।

