Gold-Silver Price Fall: सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, आखिर क्यों धड़ाम हुआ बाजार? जानें पूरी डिटेल

Channelindiaone
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नई दिल्ली/न्यूयॉर्क: वैश्विक बाजारों में चल रही हलचल के बीच मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। पिछले कुछ सत्रों से जारी यह मंदी आज और गहरी हो गई, जिससे निवेशक असमंजस में हैं। सवाल यह उठ रहा है कि क्या कीमती धातुओं में यह गिरावट जारी रहेगी या फिर से बाउंस बैक देखने को मिलेगा?

बाजार का हाल: कितना गिरे दाम?

मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में जोरदार गिरावट देखी गई:

  • स्पॉट गोल्ड (Spot Gold): 1.4% गिरकर $4,921.62 प्रति औंस पर आ गया।

  • गोल्ड फ्यूचर्स (April): इसमें 2.1% की गिरावट आई और यह $4,942.41 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है।

  • चांदी (Silver): चांदी में सबसे ज्यादा 4.5% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह $74.438 प्रति औंस पर पहुंच गई।

  • प्लैटिनम (Platinum): इसकी कीमतों में भी 2.9% की कमी आई।


आखिर क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम? (मुख्य कारण)

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कोई एक नहीं बल्कि कई बड़े कारण जिम्मेदार हैं:

1. छुट्टियों के कारण कम ट्रेडिंग वॉल्यूम

चीन में लूनर न्यू ईयर (Lunar New Year) की लंबी छुट्टियों (15-23 फरवरी) और अमेरिका में प्रेसिडेंट्स डे (Presidents’ Day) के कारण बाजारों में ट्रेडिंग वॉल्यूम काफी कम रहा। जब बाजार में लिक्विडिटी कम होती है, तो कीमतों में उतार-चढ़ाव ज्यादा होता है।

2. डॉलर की मजबूती

अमेरिकी डॉलर में आई हल्की मजबूती ने सोने को अन्य मुद्राओं के खरीदारों के लिए महंगा बना दिया है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोने की मांग और कीमतों में गिरावट आती है।

3. मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़े

अमेरिका से आए बेहतर जॉब डेटा और स्थिर ब्याज दरों की उम्मीदों ने निवेशकों का ध्यान ‘सेफ हेवन’ एसेट्स (सोना-चांदी) से हटाकर अन्य निवेश विकल्पों की ओर मोड़ दिया है।


मिडिल ईस्ट में तनाव और अमेरिकी कूटनीति

एक तरफ जहां मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है, वहीं दूसरी तरफ जिनेवा में अमेरिका और ईरानी अधिकारियों के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत चल रही है।

  • ट्रम्प का रुख: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिए हैं कि ईरान एक डील चाहता है। हालांकि, अमेरिका ने क्षेत्र में अपने दो बड़े विमान वाहक पोत तैनात कर रखे हैं, जिससे स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।

  • सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की कमी: आमतौर पर युद्ध या तनाव की स्थिति में लोग सोने में निवेश बढ़ाते हैं, लेकिन जनवरी के अंत से कीमतों में आई बड़ी गिरावट के कारण इस बार निवेशकों ने सावधानी बरतना ही बेहतर समझा।


आगे क्या होगा: गिरावट जारी रहेगी या बढ़ेगी कीमत?

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस हफ्ते आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़े सोने और चांदी की अगली दिशा तय करेंगे।

  • बुलिश व्यू: यदि मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ता है या बातचीत विफल होती है, तो सोने में फिर से खरीदारी लौट सकती है।

  • बेयरिश व्यू: यदि डॉलर की मजबूती जारी रहती है और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से सख्त रुख बना रहता है, तो कीमतें कुछ और समय तक दबाव में रह सकती हैं।


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