राजस्थान विधानसभा में राज्य बजट पर चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक विधायक की टिप्पणी से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। वीर (Weir) से विधायक Bahadur Singh Koli ने बजट की तुलना “लड़के के जन्म” से करते हुए पिछली कांग्रेस सरकार के बजट को “लड़की के जन्म” जैसा बताया। इस बयान को लेकर विपक्ष ने तीखी आपत्ति जताई है।
क्या कहा विधायक ने?
सोमवार शाम बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए बहादुर सिंह कोली ने कहा कि वर्तमान सरकार का बजट “युवा बजट” है, जबकि पिछली सरकार का बजट “बुजुर्ग बजट” था।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पहले ही बजट में “लड़के को जन्म दिया” और दूसरे-तीसरे बजट में भी वही किया। इसके विपरीत, उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के अंतिम बजट पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “लड़की पैदा हुई, लड़का नहीं”, और इसी वजह से कांग्रेस अब विपक्ष में बैठी है।
विधानसभा में उनके इस बयान पर कुछ भाजपा विधायक हंसते नजर आए। हालांकि, कांग्रेस विधायकों ने तुरंत इस पर आपत्ति दर्ज कराई।
I am utterly aghast, ashamed, and heartbroken watching this video from the Rajasthan Assembly. Here we have Bahadur Singh Koli, a BJP MLA, shamelessly spewing sexist venom during a budget debate-comparing the BJP’s budget to the “birth of a boy” that’s “always useful,” while… pic.twitter.com/KSpUUtMgLP
— Rajesh Griglani (@griglani) February 18, 2026
कांग्रेस की कड़ी प्रतिक्रिया
नेता प्रतिपक्ष Tika Ram Jully ने मंगलवार को इस टिप्पणी की आलोचना करते हुए इसे भेदभावपूर्ण और असंवेदनशील बताया।
उन्होंने कहा कि बजट जैसे गंभीर विषय पर चर्चा के दौरान बेटे-बेटी में भेदभाव दर्शाने वाली भाषा का इस्तेमाल करना दुर्भाग्यपूर्ण है। जुल्ली ने कहा, “आज भी अगर इस तरह की सोच मौजूद है तो यह चिंताजनक है। बेटियां किसी भी तरह से कम नहीं हैं।”
विधानसभा में माहौल गरमाया
बयान के बाद सदन में कुछ समय के लिए माहौल गरम हो गया। कांग्रेस विधायकों ने इसे महिलाओं और बेटियों के प्रति अपमानजनक बताया। हालांकि, अध्यक्ष की ओर से तत्काल कोई आपत्ति दर्ज नहीं की गई।
सामाजिक और राजनीतिक असर
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब सरकार और विपक्ष दोनों ही महिला सशक्तिकरण और समानता की बात करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक मंचों पर इस्तेमाल की जाने वाली भाषा समाज पर व्यापक प्रभाव डालती है, खासकर जब वह विधानसभाओं जैसे लोकतांत्रिक मंचों से आती है।
निष्कर्ष
राजस्थान विधानसभा में बजट बहस के दौरान दिया गया बयान अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। जहां भाजपा इसे राजनीतिक बयानबाजी बता सकती है, वहीं कांग्रेस ने इसे महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बना दिया है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
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