पुणे/मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के दुखद निधन के बाद अब उनके भतीजे और विधायक रोहित पवार ने इस मामले में मोर्चा खोल दिया है। बारामती विमान हादसे की जांच को लेकर रोहित पवार ने केंद्र सरकार और उड्डयन मंत्रालय पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि जब तक इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू को उनके पद से हटा दिया जाना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
बीती 28 जनवरी को पुणे के बारामती हवाई पट्टी के पास एक Learjet 45XR विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दर्दनाक हादसे में अजीत पवार समेत पांच लोगों की जान चली गई थी। यह विमान VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित किया जा रहा था।
रोहित पवार के गंभीर आरोप और मांगें
रोहित पवार ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस हादसे के पीछे ‘साजिश’ (Sabotage) की आशंका जताई है। उनके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
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कंपनी पर प्रतिबंध की मांग: उन्होंने मांग की कि ‘VSR वेंचर्स’ पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कंपनी को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है।
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नेताओं से संबंध: रोहित पवार ने दावा किया कि VSR कंपनी के मालिक वी.के. सिंह के बेटे की शादी में महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश (TDP) के कई बड़े नेता शामिल हुए थे, जिसके कारण कंपनी पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है।
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पायलट के ट्रैक रिकॉर्ड पर सवाल: रोहित ने हादसे के वक्त विमान उड़ा रहे कैप्टन सुमित कपूर के इतिहास पर भी उंगली उठाई। उन्होंने बताया कि पायलट को पहले शराब के सेवन के कारण तीन साल के लिए निलंबित किया जा चुका था।
“हादसे के बाद भी उड़ रहे हैं विमान”
रोहित पवार ने इस बात पर हैरानी जताई कि इतने बड़े हादसे के बाद भी उसी कंपनी के विमानों का इस्तेमाल बड़े राजनेताओं द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच मल्टीपल एक्सपर्ट एजेंसियों द्वारा की जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

