नई दिल्ली/जयपुर: देश की सबसे बड़ी छात्र राजनीति में एक नया इतिहास रचा गया है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान के युवा चेहरे विनोद जाखड़ को NSUI (भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन) का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है।
यह पहली बार है जब राजस्थान के किसी छात्र नेता को इस प्रतिष्ठित पद की कमान सौंपी गई है। इस घोषणा के बाद से ही सोशल मीडिया और गूगल पर लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर कौन हैं विनोद जाखड़, जिन्होंने फर्श से अर्श तक का सफर तय किया है।
कौन हैं विनोद जाखड़? (Bio & Career)
विनोद जाखड़ राजस्थान के जयपुर के रहने वाले हैं और छात्र जीवन से ही संघर्षों के लिए जाने जाते हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है:
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शुरुआती कदम: विनोद ने 2014 में ‘राजस्थान कॉलेज’ के अध्यक्ष के रूप में अपनी पहली जीत दर्ज की थी।
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इतिहास रचा: साल 2018 में जब NSUI ने उन्हें राजस्थान विश्वविद्यालय (RU) चुनाव में टिकट नहीं दिया, तो उन्होंने हार नहीं मानी। वे निर्दलीय मैदान में उतरे और जीत हासिल की। वे राजस्थान यूनिवर्सिटी के 70 साल के इतिहास में पहले दलित अध्यक्ष बने।
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संगठनात्मक अनुभव: जनवरी 2024 में उन्हें राजस्थान NSUI का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था, जहाँ उनके प्रदर्शन को देखते हुए अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट किया गया है।
RSS और बीजेपी के मुखर विरोधी
विनोद जाखड़ की पहचान एक ऐसे नेता के रूप में है जो अपनी विचारधारा से कभी समझौता नहीं करते। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और बीजेपी की नीतियों के कड़े आलोचक रहे हैं।
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वैचारिक संघर्ष: उनके साथियों का कहना है कि विनोद छात्र जीवन से ही आरएसएस की विचारधारा का विरोध करते रहे हैं। उनका मानना है कि वे ‘बांटने वाली राजनीति’ के खिलाफ लड़ रहे हैं।
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जेल और संघर्ष: अक्टूबर 2025 में राजस्थान यूनिवर्सिटी में एक RSS कार्यक्रम के विरोध के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद राजस्थान हाई कोर्ट से उन्हें जमानत मिली। वे कई बार छात्र हितों के लिए जेल जा चुके हैं।
सामाजिक सरोकार और आंदोलन
विनोद सिर्फ राजनीति ही नहीं, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर भी सक्रिय रहते हैं:
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छात्र संघ चुनाव: राजस्थान में छात्र संघ चुनाव दोबारा शुरू कराने के लिए उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ी है।
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नशा मुक्ति अभियान: उन्होंने नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए 800 किलोमीटर की साइकिल यात्रा भी निकाली थी।
राहुल गांधी का भरोसा और भविष्य की चुनौतियां
विनोद जाखड़ की नियुक्ति इस बात का संकेत है कि कांग्रेस अब ज़मीनी स्तर पर संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं को तरजीह दे रही है। उनके सामने अब देशभर के करोड़ों छात्रों को जोड़ने और लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने की बड़ी चुनौती होगी।
विनोद जाखड़ की राजनीतिक यात्रा: एक नज़र में
| वर्ष | उपलब्धि/पद |
| 2014 | राजस्थान कॉलेज के अध्यक्ष चुने गए |
| 2018 | राजस्थान विश्वविद्यालय के पहले दलित अध्यक्ष (निर्दलीय) |
| 2024 | राजस्थान NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त |
| 2025 | RSS विरोध प्रदर्शन के कारण चर्चा और गिरफ्तारी |
| 2026 | NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनीत |

