Mumbai-Pune Expressway toll refund: जाम में फंसे यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! 1 लाख से ज्यादा वाहन चालकों को वापस मिलेगा टोल का पैसा

Channelindiaone
3 Min Read

मुंबई/पुणे: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने घोषणा की है कि हाल ही में लगे भीषण जाम में फंसे हजारों यात्रियों को उनके द्वारा चुकाया गया टोल वापस (Toll Refund) किया जाएगा। यह कदम उन लोगों को राहत देने के लिए उठाया गया है जिन्हें घंटों तक सड़क पर फंसे रहने के बावजूद टोल देना पड़ा था।

क्या था पूरा मामला?

बीती 3 फरवरी को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के खोपोली खंड पर एक गैस टैंकर पलट गया था। इस हादसे के कारण एक्सप्रेसवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया था। यह जाम इतना जबरदस्त था कि गाड़ियाँ लगभग 33 घंटों तक एक ही जगह खड़ी रहीं और कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक लग गया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने टोल वसूली रोकने का आदेश दिया था, लेकिन तकनीकी कारणों से कई लोगों के फास्टैग (FASTag) से पैसे कट गए थे।


किसे और कितना मिलेगा रिफंड?

ताजा मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक जानकारी के अनुसार:

  • कुल रिफंड राशि: MSRDC करीब 5.16 करोड़ रुपये वापस करेगा।

  • प्रभावित यात्री: लगभग 1.2 लाख वाहन चालकों को इस रिफंड का लाभ मिलेगा।

  • रिफंड की प्रक्रिया: यह पैसा सीधे वाहन मालिकों के FASTag अकाउंट में क्रेडिट कर दिया जाएगा।

MSRDC के एक अधिकारी ने पीटीआई (PTI) को बताया, “हमने निर्णय लिया है कि टोल वसूली रोकने के आदेश के बाद भी जिन वाहन मालिकों से पैसे लिए गए थे, उन्हें पूरी राशि वापस की जाएगी। अगले कुछ दिनों में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।”


कैसे होगी रिफंड की पहचान?

MSRDC इस समय टोल ऑपरेटर और IRB इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ मिलकर डेटा की बारीकी से जांच कर रहा है।

  1. डेटा स्क्रूटनी: उन सभी लेन-देन (Transactions) की पहचान की जा रही है जो टोल प्लाजा के बैरियर पूरी तरह खुलने से पहले ऑटोमैटिक तरीके से प्रोसेस हो गए थे।

  2. सटीक जानकारी: टोल ऑपरेटर से विस्तृत फास्टैग ट्रांजैक्शन डेटा मांगा गया है ताकि सही व्यक्ति तक उसका पैसा पहुंच सके।

यात्रियों के लिए राहत

आमतौर पर एक्सप्रेसवे पर लगने वाले जाम के बाद रिफंड जैसी खबरें कम ही सुनने को मिलती हैं। ऐसे में सरकार और MSRDC का यह फैसला उन यात्रियों के लिए मरहम की तरह है जिन्होंने उस 33 घंटे के लंबे इंतजार के दौरान मानसिक और शारीरिक परेशानी झेली थी।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!