नई दिल्ली/मेरठ: दिल्ली और मेरठ के बीच का सफर अब सिर्फ एक ट्रेन की सवारी बनकर रह गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 फरवरी को भारत के पहले नमो भारत (Namo Bharat) रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के अंतिम खंडों का उद्घाटन कर इसे पूरी तरह संचालित कर दिया है।
जो सफर सड़क मार्ग से करने में कभी दो घंटे से अधिक का समय लगता था, वह अब आरामदायक हाई-स्पीड ट्रेन के जरिए महज 55 मिनट में पूरा हो रहा है।
पूरा हुआ 82 किलोमीटर का सफर
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर कुल 82.15 किमी लंबा है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की नींव 8 मार्च 2019 को रखी गई थी और तब से इसे चरणों में पूरा किया गया है:
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अक्टूबर 2023: साहिबाबाद से दुहाई डिपो (17 किमी) का पहला खंड शुरू हुआ।
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जनवरी 2025: यह कॉरिडोर दिल्ली के न्यू अशोक नगर तक बढ़ा।
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फरवरी 2026: सराय काले खां से न्यू अशोक नगर (5 किमी) और मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम (21 किमी) के नए खंड जुड़ने के साथ ही अब पूरा कॉरिडोर चालू हो गया है।
हाई-टेक और सुरक्षित सफर
नमो भारत ट्रेनें अपनी रफ्तार और आधुनिक सुरक्षा फीचर्स के लिए जानी जाती हैं। इन ट्रेनों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ये हर 5 से 10 किलोमीटर पर आने वाले स्टेशनों के बीच तेजी से गति पकड़ सकें और रुक सकें।
ट्रेन की प्रमुख विशेषताएं:
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प्रीमियम कोच: हर ट्रेन में एक प्रीमियम कोच है जिसमें अधिक जगह, झुकने वाली सीटें (Reclining Seats), लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट और मैगजीन होल्डर जैसी सुविधाएं हैं। इसके लिए स्टेशनों पर अलग से लाउंज भी बनाया गया है।
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महिला सुरक्षा: हर ट्रेन में एक कोच महिलाओं के लिए आरक्षित है। साथ ही, दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर के लिए विशेष जगह दी गई है।
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सुरक्षा तकनीक: ट्रेनों और स्टेशनों पर CCTV, आग और धुएं का पता लगाने वाले सिस्टम और फायर एक्सटिंगुइशर लगाए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए ‘प्लेटफ़ॉर्म स्क्रीन डोर्स’ (PSD) लगाए गए हैं, जो केवल ट्रेन आने पर ही खुलते हैं।
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रियल-टाइम जानकारी: ट्रेन के अंदर लगी स्क्रीन पर ट्रेन की वर्तमान गति, अगले स्टेशन और रूट की जानकारी लगातार अपडेट होती रहती है।
मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी: यात्रा हुई आसान
इस कॉरिडोर की सबसे बड़ी खूबी इसका मल्टी-मोडल हब होना है। आनंद विहार और न्यू अशोक नगर जैसे प्रमुख स्टेशनों को दिल्ली मेट्रो, भारतीय रेलवे और बस टर्मिनलों के साथ जोड़ा गया है। इससे यात्रियों को एक साधन से दूसरे साधन तक जाने में कोई परेशानी नहीं होती।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी रफ्तार
नमो भारत के पूरी तरह शुरू होने से न केवल यात्रा का समय कम हुआ है, बल्कि एनसीआर (NCR) में प्रदूषण और ट्रैफिक जाम में भी कमी आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कॉरिडोर से मेरठ और आसपास के इलाकों में रियल एस्टेट (Real Estate) की मांग बढ़ेगी और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
दैनिक यात्रियों का कहना है कि नमो भारत ने उनके जीवन को कम तनावपूर्ण बना दिया है। अब वे मेरठ में रहकर दिल्ली में नौकरी करना पहले से कहीं अधिक व्यावहारिक महसूस कर रहे हैं।

