नई दिल्ली: महिलाओं के स्वास्थ्य की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय जल्द ही पूरे देश में ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) को जड़ से खत्म करना है।
क्या है सरकार की योजना?
भारत सरकार ने इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के लिए उम्र और पहुंच का विशेष ध्यान रखा है:
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किसे मिलेगी वैक्सीन: यह अभियान विशेष रूप से 14 साल की लड़कियों को लक्षित करेगा।
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लागत: यह पूरी तरह से मुफ्त और स्वैच्छिक होगा।
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कहाँ मिलेगी: आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), जिला अस्पताल और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में यह सुविधा उपलब्ध होगी।
एक डोज ही काफी: वैज्ञानिक प्रमाण
स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, ग्लोबल और भारतीय वैज्ञानिक शोधों से यह साबित हो चुका है कि 14 साल की उम्र के आसपास दी गई वैक्सीन की एक खुराक (Single Dose) भी सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ मजबूत और लंबे समय तक चलने वाली सुरक्षा प्रदान करती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के विशेषज्ञों ने भी माना है कि एक खुराक उतनी ही प्रभावी है जितनी कि दो या तीन खुराक वाली पुरानी प्रक्रिया।
कौन सी वैक्सीन दी जाएगी?
भारत में इस अभियान के लिए ‘गार्डासिल’ (Gardasil) नामक वैक्सीन का उपयोग किया जाएगा। यह एक ‘क्वाड्रिवेलेंट’ वैक्सीन है जो:
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HPV टाइप 16 और 18 से बचाती है (जो सर्वाइकल कैंसर के 80% मामलों के लिए जिम्मेदार हैं)।
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HPV टाइप 6 और 11 से सुरक्षा देती है।
भारत के लिए क्यों जरूरी है यह टीका?
भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक:
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हर साल लगभग 80,000 नए मामले सामने आते हैं।
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सालाना 42,000 से अधिक महिलाओं की इस बीमारी से मृत्यु हो जाती है।
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वैक्सीनेशन के जरिए कैंसर होने के जोखिम को 93% से 100% तक कम किया जा सकता है।
14 साल की उम्र ही क्यों?
विशेषज्ञों का कहना है कि HPV वैक्सीन का सबसे अधिक लाभ तब होता है जब यह वायरस के संपर्क में आने से पहले दी जाए। 14 साल की उम्र में टीकाकरण करने से लड़कियों के शरीर में स्थायी प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है, जो भविष्य में कैंसर के खतरे को लगभग समाप्त कर देती है।
[Image showing the stages of cervical cancer progression]
सुरक्षा और गुणवत्ता का भरोसा
भारत ने इस वैश्विक अभियान के लिए ‘गावी’ (Gavi – Vaccine Alliance) के साथ साझेदारी की है। मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि सभी वैक्सीन सत्र प्रशिक्षित चिकित्सा अधिकारियों की देखरेख में होंगे और टीकाकरण के बाद किसी भी दुर्लभ प्रतिकूल प्रभाव (Side-effects) के प्रबंधन के लिए पूरी व्यवस्था रहेगी।
भारत अब उन 160 से अधिक देशों की सूची में शामिल हो जाएगा जिन्होंने अपनी स्वास्थ्य नीति में HPV वैक्सीन को अनिवार्य रूप से शामिल किया है।
मुख्य बिंदु जो आपको जानने चाहिए (Quick Facts):
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बीमारी: सर्वाइकल कैंसर।
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वैक्सीन: गार्डासिल (HPV वैक्सीन)।
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पात्रता: 14 वर्ष की लड़कियां।
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खुराक: एकल खुराक (Single Dose)।
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फायदा: कैंसर से 90% से अधिक सुरक्षा।