धार (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के धार जिले के पीथमपुर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सबको हैरान कर दिया है। मंगलवार, 24 फरवरी को एमपी बोर्ड की 10वीं की परीक्षा के दौरान एक नाबालिग छात्रा ने परीक्षा केंद्र के वॉशरूम में एक बच्चे को जन्म दिया। इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
पेट दर्द की शिकायत के बाद वॉशरूम गई थी छात्रा
जानकारी के अनुसार, यह घटना पीथमपुर के सेक्टर 1 थाना क्षेत्र के एक निजी स्कूल में हुई, जिसे बोर्ड परीक्षा का केंद्र बनाया गया था। परीक्षा के दौरान छात्रा ने अचानक पेट में तेज दर्द की शिकायत की। जब वह स्कूल के वॉशरूम गई, तो वहां उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
जैसे ही स्कूल प्रशासन को इस बात की भनक लगी, उन्होंने तुरंत पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया। 108 एम्बुलेंस की मदद से छात्रा और नवजात बच्चे को तुरंत पीथमपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सरकारी अस्पताल) ले जाया गया, जहाँ दोनों का इलाज जारी है।
पुलिस ने दर्ज की ‘जीरो FIR’
चूंकि मामला एक नाबालिग छात्रा से जुड़ा है, इसलिए पुलिस ने इसे अत्यंत संवेदनशीलता के साथ लिया है।
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शुरुआती कार्रवाई: पीथमपुर पुलिस ने इस मामले में एक ‘जीरो FIR’ दर्ज की है।
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केस ट्रांसफर: प्राथमिक जांच के बाद मामले को बेटमा पुलिस स्टेशन स्थानांतरित कर दिया गया है, क्योंकि पीड़िता वहां की रहने वाली बताई जा रही है।
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जांच जारी: पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह मामला यौन शोषण का तो नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि छात्रा के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा जगत में चर्चा का विषय
यह घटना न केवल सुरक्षा और निगरानी पर सवाल उठाती है, बल्कि एक गंभीर सामाजिक चिंता को भी दर्शाती है। बोर्ड परीक्षा जैसे तनावपूर्ण माहौल के बीच इस तरह की घटना ने परीक्षा केंद्र पर मौजूद शिक्षकों और अन्य छात्रों को भी स्तब्ध कर दिया है।
घटनाक्रम का संक्षिप्त विवरण:
निष्कर्ष: फिलहाल प्रशासन का मुख्य ध्यान मां और बच्चे के स्वास्थ्य पर है। लेकिन पुलिस इस पहलू की भी बारीकी से जांच कर रही है कि आखिर एक नाबालिग छात्रा के साथ इस तरह की स्थिति कैसे बनी और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है।

