नई दिल्ली: दिल्ली की राजनीति में आज एक बड़ा भावनात्मक मोड़ देखने को मिला। कथित शराब नीति मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट से क्लीन चिट मिलने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। अदालत द्वारा सभी आरोपों से मुक्त किए जाने के बाद केजरीवाल मीडिया के सामने बात करते हुए फूट-फूट कर रो पड़े, जिसके बाद उनके साथी मनीष सिसोदिया ने उन्हें गले लगाकर ढांढस बंधाया।
‘सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं’
कोर्ट के फैसले को ‘सच्चाई की जीत’ बताते हुए केजरीवाल ने कहा कि आज यह साबित हो गया है कि वह ‘कट्टर ईमानदार’ हैं। भावुक होते हुए उन्होंने कहा, “मेरे और मेरी पार्टी के खिलाफ एक गहरी राजनीतिक साजिश रची गई थी। आज कोर्ट के फैसले ने बता दिया कि सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता।”
बोलते-बोलते केजरीवाल की आवाज भारी हो गई और उन्होंने अपने चश्मे उतारकर अपनी आंखें पोंछीं। इस दौरान वहां मौजूद वकीलों और समर्थकों ने उन्हें हिम्मत दी। इसी बीच, उनके पूर्व डिप्टी मनीष सिसोदिया—जिन्हें भी कोर्ट ने बरी कर दिया है—आगे आए और उन्हें गले लगा लिया।
“क्या चुनी हुई सरकार को गिराना ही लोकतंत्र है?”
केजरीवाल ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए सवाल किया कि आखिर क्यों एक चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा:
“आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए हमारे पांच बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया। भारत के इतिहास में पहली बार एक सिटिंग मुख्यमंत्री को घर से उठाकर 6 महीने के लिए सलाखों के पीछे रखा गया। मनीष सिसोदिया को दो साल तक जेल में रखा गया। यह पूरा केस पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत था।”
उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी को भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और प्रदूषण जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़ना चाहिए, न कि विपक्षी नेताओं को झूठे केस में फंसाकर।
सुनीता केजरीवाल का पलटवार
अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने भी इस फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पूरा मामला किसी की “सत्ता की भूख” का नतीजा था। उन्होंने कोर्ट के उस ऑब्जर्वेशन का भी जिक्र किया जिसमें कहा गया कि आबकारी नीति संस्थागत सुरक्षा उपायों के साथ बनाई गई थी और इसकी प्रक्रिया पर संदेह नहीं किया जा सकता।
क्या था कोर्ट का फैसला?
राउज एवेन्यू कोर्ट ने ‘सबूतों के अभाव’ का हवाला देते हुए अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, के. कविता और अन्य 20 आरोपियों को इस मामले से डिस्चार्ज (बरी) कर दिया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, सीबीआई (CBI) इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है।
राजनीतिक प्रभाव
भले ही कानूनी तौर पर AAP को बड़ी राहत मिली है, लेकिन इस केस का असर 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में साफ देखा गया। इन आरोपों के साये में हुए चुनाव में बीजेपी ने 70 में से 48 सीटें जीतकर करीब तीन दशक बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी की है।
मुख्य बिंदु (Quick Highlights):
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कोर्ट का फैसला: सबूतों की कमी के कारण केजरीवाल और सिसोदिया सभी आरोपों से मुक्त।
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भावुक पल: मीडिया के सामने रो पड़े केजरीवाल, मनीष सिसोदिया ने संभाला।
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बयान: केजरीवाल ने खुद को बताया ‘कट्टर ईमानदार’, केंद्र पर लगाया साजिश का आरोप।
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भविष्य: सीबीआई फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट जा सकती है।

