मंगलुरु, कर्नाटक: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब भारत के विमानन क्षेत्र पर भी दिखाई देने लगा है। कर्नाटक के मंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संचालित होने वाली कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अस्थायी रूप से रद्द कर दिया गया है। एयरलाइंस और विमानन अधिकारियों के अनुसार यह फैसला मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है।
क्यों रद्द हुईं उड़ानें
मध्य पूर्व क्षेत्र में हाल ही में बढ़े सैन्य तनाव और सुरक्षा जोखिमों के कारण कई देशों के एयरस्पेस पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने सुरक्षा कारणों से अपने उड़ान मार्गों में बदलाव किया है या कुछ उड़ानों को अस्थायी रूप से रद्द कर दिया है।
इसी का असर मंगलुरु से खाड़ी देशों के लिए उड़ान भरने वाली सेवाओं पर भी पड़ा है। एयरलाइंस का कहना है कि कुछ रूट ऐसे हैं जो सीधे या परोक्ष रूप से मध्य पूर्व के संवेदनशील एयरस्पेस से गुजरते हैं। यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इन उड़ानों को फिलहाल रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
किन-किन देशों की उड़ानें प्रभावित
मंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सामान्य तौर पर खाड़ी देशों के लिए बड़ी संख्या में उड़ानें संचालित होती हैं। इनमें मुख्य रूप से दुबई, अबू धाबी, दोहा, कुवैत और मस्कट जैसे शहर शामिल हैं। हालिया घटनाक्रम के बाद इन रूट्स पर चलने वाली कुछ उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि सभी उड़ानें स्थायी रूप से बंद नहीं की गई हैं। स्थिति के अनुसार कुछ उड़ानों को रद्द किया गया है जबकि कुछ के समय में बदलाव किया गया है।
यात्रियों को हो रही परेशानी
उड़ानें रद्द होने से सबसे अधिक परेशानी उन यात्रियों को हो रही है जिन्होंने पहले से टिकट बुक कर रखे थे। कई यात्री कामकाज या पारिवारिक कारणों से खाड़ी देशों की यात्रा करने वाले थे। अचानक उड़ान रद्द होने से उनकी योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि उन्हें एयरलाइंस की ओर से ईमेल और एसएमएस के जरिए सूचना दी गई, लेकिन कई लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। कुछ यात्रियों ने कहा कि उन्हें दूसरी तारीख की फ्लाइट दी गई है जबकि कुछ को टिकट रिफंड का विकल्प दिया गया है।
एयरलाइंस का बयान
एयरलाइंस कंपनियों ने कहा है कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में एयरस्पेस से जुड़े जोखिमों को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। एयरलाइंस ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की जांच कर लें।
कंपनियों ने यह भी बताया कि हालात सामान्य होने के बाद उड़ानों का संचालन फिर से शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल सभी उड़ानों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
भारत के विमानन क्षेत्र पर असर
विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से भारत के कई शहरों से खाड़ी देशों के लिए उड़ानों पर असर पड़ सकता है। भारत से बड़ी संख्या में लोग रोजगार और व्यापार के लिए खाड़ी देशों की यात्रा करते हैं। ऐसे में यदि यह स्थिति लंबी चलती है तो विमानन कंपनियों को अपने शेड्यूल और रूट में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं।
इसके अलावा उड़ान मार्ग बदलने से ईंधन की लागत भी बढ़ सकती है, जिससे टिकट कीमतों पर भी असर पड़ने की संभावना है।
सरकार और एयरपोर्ट प्रशासन की नजर
भारत का नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरपोर्ट प्राधिकरण स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय विमानन संगठनों से लगातार जानकारी ली जा रही है।
मंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अधिकारियों ने कहा है कि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए हेल्प डेस्क और सूचना केंद्र सक्रिय किए गए हैं।
आगे क्या हो सकता है
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव जल्द कम होता है तो उड़ानों का संचालन जल्दी सामान्य हो सकता है। लेकिन अगर हालात लंबे समय तक तनावपूर्ण बने रहते हैं तो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर और अधिक असर पड़ सकता है।
फिलहाल यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन की वेबसाइट या कस्टमर केयर से उड़ान की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
मध्य पूर्व में जारी तनाव का असर अब वैश्विक विमानन पर दिखाई देने लगा है और मंगलुरु से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का रद्द होना उसी का एक उदाहरण है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एयरलाइंस ने यह कदम उठाया है। स्थिति सामान्य होने पर उड़ान सेवाएं फिर से बहाल होने की उम्मीद जताई जा रही है।

