मौसम विभाग की चेतावनी: 10–11 मार्च से राजस्थान के पश्चिमी भागों में हीट वेव की संभावना
राजस्थान में मार्च के शुरुआती दिनों के साथ ही गर्मी का असर तेजी से बढ़ने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 10 और 11 मार्च से राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में हीट वेव यानी लू चलने की प्रबल संभावना है। इसके चलते तापमान सामान्य से अधिक रहने की आशंका जताई गई है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में आने वाले दिनों में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। इससे दिन के समय तेज़ गर्म हवाएं चल सकती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं।
किन जिलों में ज्यादा असर की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों में हीट वेव का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में दिन का तापमान 38 से 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के दूसरे सप्ताह में ही इस तरह की गर्मी सामान्य से अधिक मानी जाती है। यही कारण है कि मौसम विभाग ने पहले से चेतावनी जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
क्यों बढ़ रही है गर्मी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी राजस्थान में गर्मी बढ़ने का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की कमी और साफ आसमान है। जब आसमान साफ रहता है और हवा में नमी कम होती है, तब सूर्य की किरणें सीधे जमीन तक पहुंचती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है। इसके अलावा पश्चिमी इलाकों में चलने वाली गर्म और शुष्क हवाएं भी तापमान को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं। यही हवाएं आगे चलकर लू का रूप ले लेती हैं।
स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर
लू का असर सबसे ज्यादा बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ता है। तेज गर्मी और गर्म हवाओं के कारण डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि अगर समय पर सावधानी न बरती जाए तो लू गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन सकती है। इसलिए मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
क्या सावधानी बरतें
मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हीट वेव से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बताई हैं:
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दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें
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अधिक से अधिक पानी और तरल पदार्थ पिएं
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हल्के और ढीले कपड़े पहनें
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बच्चों और बुजुर्गों को धूप से बचाकर रखें
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सिर को ढककर ही बाहर निकलें
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लंबे समय तक खाली पेट न रहें
इन सावधानियों को अपनाकर लू के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
किसानों के लिए भी चेतावनी
तेज गर्मी का असर खेती पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय कई जगहों पर रबी की फसल पकने की अवस्था में होती है। अधिक तापमान से गेहूं और अन्य फसलों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि फसलों की सिंचाई समय पर करें और खेतों में नमी बनाए रखें, ताकि फसल को गर्मी से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
आगे कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ रहेगा और तापमान में लगातार बढ़ोतरी होने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में जहां लू का असर देखने को मिल सकता है, वहीं पूर्वी राजस्थान में भी गर्मी धीरे-धीरे बढ़ने के संकेत हैं।
यदि यही स्थिति बनी रही तो मार्च के मध्य तक तापमान और अधिक बढ़ सकता है।

