डायनासोर के दौर में समुद्र पर था 19 मीटर लंबे विशाल ऑक्टोपस का राज!

Channelindiaone
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Giant Octopus Research: जब धरती पर डायनासोरों का राज था, तब समुद्रों में कौन सबसे ताकतवर शिकारी था? अब तक वैज्ञानिकों का मानना था कि बड़ी मछलियां और समुद्री सरीसृप ही उस समय के सबसे बड़े शिकारी थे। लेकिन अब एक नई रिसर्च ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है।

जापान की Hokkaido University के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि करीब 10 करोड़ साल पहले समुद्रों में विशाल ऑक्टोपस जैसे जीव मौजूद थे। ये इतने बड़े थे कि उनकी कुल लंबाई 19 मीटर तक पहुंच सकती थी।

अगर यह अनुमान पूरी तरह सही साबित होता है, तो यह अब तक के सबसे बड़े बिना रीढ़ वाले जीवों में शामिल हो सकते हैं।


कैसे सामने आई यह चौंकाने वाली जानकारी?

जीवाश्म जबड़ों ने खोला पुराना रहस्य

इस खोज की शुरुआत कुछ बेहद अच्छी तरह सुरक्षित जीवाश्मों से हुई। वैज्ञानिकों को ऐसे fossil jaws यानी जीवाश्म जबड़े मिले, जिनकी संरचना ने उनका ध्यान खींचा।

इन जबड़ों का अध्ययन करने के बाद पता चला कि ये किसी साधारण समुद्री जीव के नहीं थे। इनके जबड़े बेहद मजबूत थे और कठोर खोल, हड्डियां और शेल्स तक तोड़ सकते थे।

यही वजह है कि वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया कि ये जीव समुद्र के शक्तिशाली शिकारी रहे होंगे।


कितने बड़े थे ये प्राचीन ऑक्टोपस?

आज के ऑक्टोपस से कई गुना विशाल

शोध के अनुसार, इनका मुख्य शरीर लगभग 1.5 मीटर से 4.5 मीटर तक लंबा हो सकता था। लेकिन जब उनकी लंबी भुजाओं को इसमें जोड़ा गया, तो कुल लंबाई 7 मीटर से लेकर 19 मीटर तक पहुंच गई।

इतनी लंबाई किसी भी आधुनिक ऑक्टोपस की तुलना में बहुत ज्यादा है।

आज का सबसे बड़ा जीवित ऑक्टोपस Giant Pacific Octopus माना जाता है, जिसकी भुजाओं का फैलाव लगभग 5.5 मीटर तक होता है। ऐसे में 19 मीटर लंबा ऑक्टोपस कल्पना से भी बड़ा लगता है।


क्या ये समुद्र के सबसे खतरनाक शिकारी थे?

बड़े जीव भी बनते थे इनका शिकार

वैज्ञानिकों का मानना है कि ये विशाल ऑक्टोपस केवल छोटे समुद्री जीवों तक सीमित नहीं थे। वे बड़ी मछलियों, ammonites और यहां तक कि समुद्री सरीसृपों का भी शिकार कर सकते थे।

इनके पास मजबूत भुजाएं, शक्तिशाली सक्शन कप और चोंच जैसी संरचना थी, जिससे वे शिकार को मजबूती से पकड़ लेते थे।

Christian Klug के अनुसार, एक बार यदि ऐसा जीव अपने शिकार को पकड़ ले, तो उसके बच निकलने की संभावना बेहद कम होती।

आज भी Giant Pacific Octopus बड़े शार्क तक पर हमला करते देखे गए हैं, जिससे यह अनुमान और मजबूत होता है।


क्या ये जीव बेहद समझदार भी थे?

जबड़ों पर मिले खास संकेत

इस रिसर्च का एक और दिलचस्प हिस्सा यह है कि जीवाश्म जबड़ों पर घिसाव दोनों तरफ बराबर नहीं मिला। बाईं और दाईं तरफ अलग-अलग निशान पाए गए।

इससे वैज्ञानिकों ने अंदाजा लगाया कि ये जीव भोजन करते समय शरीर के एक हिस्से का ज्यादा इस्तेमाल करते थे।

आधुनिक जीवों में ऐसी आदत advanced brain function यानी बेहतर दिमागी क्षमता से जुड़ी मानी जाती है।

आज के ऑक्टोपस अपनी बुद्धिमानी, समस्या सुलझाने की क्षमता और शिकार की अनोखी रणनीतियों के लिए जाने जाते हैं। इसलिए माना जा रहा है कि उनके प्राचीन पूर्वज भी काफी समझदार रहे होंगे।


अभी भी बाकी हैं कई रहस्य

हालांकि यह खोज बेहद रोमांचक है, लेकिन अभी भी कई सवालों के जवाब बाकी हैं।

वैज्ञानिक अब तक यह नहीं जान पाए हैं कि इन जीवों का पूरा शरीर कैसा दिखता था, इनके fins कितने बड़े थे, या ये कितनी तेजी से तैर सकते थे।

सबसे बड़ी बात यह है कि अभी तक ऐसा कोई जीवाश्म नहीं मिला है जिसमें इनके पेट की सामग्री सुरक्षित हो। इससे यह पूरी तरह साबित नहीं हो पाया कि ये वास्तव में क्या खाते थे।

Nick Longrich का मानना है कि ये शायद ammonites का शिकार ज्यादा करते थे, लेकिन मौका मिलने पर दूसरे जीवों को भी नहीं छोड़ते होंगे।


प्राचीन समुद्री इतिहास की तस्वीर बदल सकती है

अब तक माना जाता था कि ancient oceans में vertebrates यानी रीढ़ वाले जीव ही सबसे ऊपर थे। लेकिन यह नई रिसर्च दिखाती है कि invertebrates यानी बिना रीढ़ वाले जीव भी उतने ही ताकतवर हो सकते थे।

यह खोज समुद्री विकास और evolution को समझने के तरीके को बदल सकती है। वैज्ञानिक अब ancient oceans की food chain को नए नजरिए से देख रहे हैं।


निष्कर्ष

समुद्र की गहराइयों में छिपे रहस्य हमेशा से इंसानों को आकर्षित करते रहे हैं। 19 मीटर लंबे विशाल ऑक्टोपस की यह नई खोज बताती है कि प्राचीन दुनिया हमारी कल्पना से कहीं ज्यादा अद्भुत और खतरनाक थी।

अगर आने वाले समय में और जीवाश्म मिलते हैं, तो यह साफ हो सकता है कि डायनासोर के दौर में समुद्र का असली राजा कौन था। फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि ancient oceans में डर सिर्फ बड़ी मछलियों से नहीं, बल्कि विशाल ऑक्टोपस से भी था।

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