नई दिल्ली | 27 अप्रैल, 2026 | Revised School timmings in many States: उत्तर और मध्य भारत में सूरज की तपिश अब जानलेवा साबित हो रही है। कई राज्यों में पारा 42°C से 45°C के बीच पहुँच चुका है, जिसके कारण भीषण लू (Heatwave) की स्थिति बनी हुई है। बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित कई राज्यों की सरकारों ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है और कई जगहों पर गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान भी समय से पहले कर दिया गया है।
अगर आप अभिभावक या छात्र हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि आपके जिले या राज्य में स्कूल की टाइमिंग क्या है और छुट्टियां कब से शुरू हो रही हैं।
उत्तर प्रदेश: नोएडा और गाजियाबाद में सख्ती
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद ने बढ़ते तापमान को देखते हुए स्कूलों के समय में कटौती की है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और लखनऊ जैसे शहरों में अब स्कूल दोपहर की तपिश शुरू होने से पहले ही बंद किए जा रहे हैं।
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गर्मियों की छुट्टियां: यूपी के सरकारी स्कूलों में मई के तीसरे सप्ताह से छुट्टियां प्रस्तावित हैं, लेकिन निजी स्कूलों ने भीषण गर्मी को देखते हुए 15 मई के आसपास से ही अवकाश घोषित करने की तैयारी कर ली है।
महाराष्ट्र और राजस्थान: दोपहर की क्लास पर पाबंदी
महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में पारा 45 डिग्री के करीब है। यहाँ सरकार ने दोपहर 12 बजे के बाद किसी भी शैक्षणिक गतिविधि पर रोक लगा दी है। वहीं, राजस्थान के कोटा और जयपुर जैसे शहरों में जिला प्रशासन ने स्कूलों को सुबह 7:30 से दोपहर 12:30 बजे तक ही संचालित करने का निर्देश दिया है।
देहरादून और उत्तराखंड: आज स्कूल बंद
उत्तराखंड के मैदानी इलाकों, विशेषकर देहरादून में प्रशासन ने आज स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया है। मौसम विभाग द्वारा जारी ‘रेड अलर्ट’ और लू की चेतावनी के बाद यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति की समीक्षा के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा।
दिल्ली और अन्य राज्यों में ‘वाटर बेल’ सिस्टम
राजधानी दिल्ली और उत्तराखंड के कई स्कूलों ने एक अनोखी पहल शुरू की है, जिसे ‘वाटर बेल’ (Water Bell) कहा जा रहा है।
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क्या है वाटर बेल? स्कूल के समय में दिन में तीन से चार बार एक विशेष घंटी बजाई जाती है। इस घंटी का मतलब है कि सभी छात्रों को अनिवार्य रूप से पानी पीना है। इसका उद्देश्य बच्चों को डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) से बचाना है।
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आउटडोर एक्टिविटी पर रोक: दिल्ली शिक्षा निदेशालय (DoE) ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्कूलों में कोई भी पीटी (PT) या खेलकूद की गतिविधि खुले मैदान में नहीं होगी। सभी कार्यक्रम इनडोर (हॉल के अंदर) ही आयोजित किए जाएंगे।
बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभागों ने स्कूलों के लिए कुछ महत्वपूर्ण गाइडलाइन्स जारी की हैं:
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खुले में क्लास बंद: पेड़ के नीचे या खुले बरामदे में क्लास लेना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
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ओआरएस का स्टॉक: स्कूलों को प्राथमिक चिकित्सा किट में ओआरएस (ORS) और ग्लूकोज रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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हल्के कपड़े: कई स्कूलों ने छात्रों को फुल स्लीव के सूती कपड़े पहनने की छूट दी है ताकि वे धूप से बच सकें।
राज्य-वार छुट्टियों और समय का अनुमानित चार्ट
| राज्य | स्कूल का समय (संशोधित) | गर्मियों की छुट्टियां (अनुमानित) |
| उत्तर प्रदेश | सुबह 7:30 – दोपहर 12:30 | 20 मई से 30 जून |
| दिल्ली | सुबह 7:00 – दोपहर 1:00 | 11 मई से 30 जून |
| बिहार (पटना) | सुबह 6:30 – सुबह 11:30 | 15 मई से शुरू |
| महाराष्ट्र | सुबह का सत्र अनिवार्य | मई के पहले सप्ताह से |
| झारखंड | सुबह 7:00 – सुबह 11:30 | मध्य मई से |
बढ़ती गर्मी केवल एक मौसमी बदलाव नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती है। प्रशासन के इन फैसलों से बच्चों को लू की चपेट में आने से बचाने में मदद मिलेगी। अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे बच्चों को स्कूल भेजते समय पानी की बोतल और छाता जरूर दें।

