कोलकाता | 5 मई, 2026 | Bengal BJP Government: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात होने जा रहा है। राज्य विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार बनाने की तैयारी में जुट गई है। सूत्रों और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के अनुसार, बंगाल की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जा सकता है। यह दिन विशेष रूप से इसलिए चुना जा रहा है क्योंकि इसी दिन गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती है, जिसे बीजेपी बंगाल में ‘नई शुरुआत’ के प्रतीक के रूप में देख रही है।
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मंगलवार को पुष्टि की कि मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। हालांकि, बंगाल की जनता और राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि राज्य की कमान किसके हाथों में होगी?
सुवेंदु अधिकारी: मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) का नाम सबसे आगे चल रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह उनकी हालिया ऐतिहासिक जीत है। सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ भवानीपुर में पटखनी दी है।
पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के अनुसार, सुवेंदु को ममता बनर्जी को लगातार दो बार हराने का “पुरस्कार” मिल सकता है। गौरतलब है कि:
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2021 का नंदीग्राम चुनाव: सुवेंदु ने ममता बनर्जी को 1,956 वोटों से हराया था।
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2026 का भवानीपुर चुनाव: सुवेंदु ने एक बार फिर ममता बनर्जी को उनके घर में मात देकर अपनी नेतृत्व क्षमता और करिश्मा साबित किया है।
जब सुवेंदु ने भवानीपुर से नामांकन भरा था, तब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद उनके साथ मौजूद थे, जो स्पष्ट संकेत था कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
सीएम की रेस में और कौन से नाम हैं शामिल?
हालांकि सुवेंदु अधिकारी फ्रंट-रनर हैं, लेकिन बीजेपी नेतृत्व ने अन्य संभावनाओं को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। मुख्यमंत्री पद के लिए दो और नाम चर्चा में बने हुए हैं:
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अग्निमित्रा पॉल (Agnimitra Paul): पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व लोकसभा सांसद (2019-2024) अग्निमित्रा पॉल का नाम तब सामने आ सकता है, यदि बीजेपी बंगाल में किसी महिला चेहरे को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला करती है। वे महिला सशक्तिकरण और पार्टी की कट्टर छवि का एक संतुलित चेहरा मानी जाती हैं।
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समिक भट्टाचार्य (Samik Bhattacharya): वर्तमान राज्यसभा सांसद और प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के नाम पर भी विचार किया जा रहा है। पार्टी के एक धड़े का मानना है कि उनके नेतृत्व में ही बीजेपी ने बंगाल में अपनी पहली विधानसभा जीत दर्ज की है, इसलिए वे इस पद के स्वाभाविक हकदार हो सकते हैं।
सुवेंदु के लिए अग्निपरीक्षा थी यह जीत
पार्टी के नेताओं का कहना है कि हाल के इतिहास में बीजेपी ने किसी भी उम्मीदवार को दो विधानसभा सीटों से नहीं उतारा है, जैसा कि अक्सर लोकसभा चुनावों में देखा जाता है। सुवेंदु अधिकारी के लिए भवानीपुर का चुनाव उनके व्यक्तिगत करिश्मे और विपक्ष के नेता के रूप में उनकी क्षमता की एक बड़ी परीक्षा थी, जिसमें वे सफल रहे हैं।
9 मई: प्रतीकात्मक और रणनीतिक महत्व
9 मई को रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती (Pachishe Boishakh) है। बंगाल के जनमानस में टैगोर का स्थान सर्वोच्च है। बीजेपी इस दिन सरकार बनाकर यह संदेश देना चाहती है कि उनकी सरकार ‘सोनार बांग्ला’ के उस सपने को साकार करेगी जिसका जिक्र टैगोर के साहित्य में मिलता है। यह रणनीतिक कदम बंगाल की संस्कृति के साथ जुड़ने की बीजेपी की कोशिश का हिस्सा है।
बंगाल सरकार गठन: मुख्य बिंदु
| विवरण | जानकारी |
| शपथ ग्रहण की तारीख | 9 मई, 2026 |
| विशेष अवसर | रवींद्रनाथ टैगोर जयंती |
| सीएम पद के दावेदार | सुवेंदु अधिकारी, समिक भट्टाचार्य, अग्निमित्रा पॉल |
| ऐतिहासिक जीत | सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर में ममता बनर्जी को हराया |
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन की औपचारिकताएं अब अंतिम चरण में हैं। सुवेंदु अधिकारी का पलड़ा भारी दिख रहा है, लेकिन अंतिम फैसला बीजेपी पार्लियामेंट्री बोर्ड को लेना है। 9 मई को कोलकाता के राजभवन या किसी बड़े सार्वजनिक मैदान में होने वाला यह शपथ ग्रहण समारोह बंगाल की राजनीति में एक मील का पत्थर साबित होगा।

