बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली | 7 मई, 2026 | Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार का दिन किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं रहा। बुधवार की शानदार तेजी के बाद, आज बाजार में भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिला। शुरुआती बढ़त और गिरावट के दौर के बाद, प्रमुख सूचकांक – सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) – अंततः सपाट स्तर पर बंद हुए। बाजार की इस चाल ने निवेशकों को असमंजस में डाल दिया, जहाँ एक ओर ऑटो सेक्टर में जोरदार खरीदारी दिखी, वहीं आईटी (IT) और एफएमसीजी (FMCG) शेयरों ने बाजार पर दबाव बनाए रखा।
निफ्टी अंततः 24,350 के स्तर से ऊपर टिकने में कामयाब रहा, जबकि सेंसेक्स में भी मामूली बढ़त दर्ज की गई।
बाजार का हाल: बेंचमार्क सुस्त, पर मिडकैप और स्मॉलकैप में जोश
दोपहर के कारोबार में, बाजार में सुस्ती का माहौल रहा। दिन भर के उतार-चढ़ाव के बाद, सेंसेक्स मामूली 31 अंकों की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 24,360 के स्तर को पार कर गया।
भले ही मुख्य सूचकांकों में बड़ी तेजी नहीं दिखी, लेकिन व्यापक बाजार (Broader Markets) में निवेशकों का उत्साह बरकरार रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की उछाल दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी करीब 0.9 प्रतिशत चढ़ा। बाजार की चौड़ाई (Market Breadth) सकारात्मक रही, जो यह दर्शाता है कि छोटे और मझोले शेयरों में खरीदारी का मजबूत रुख था।
तेल की चाल: कॉरपोरेट अर्निंग्स से ज्यादा महत्वपूर्ण
वर्तमान में, भारतीय शेयर बाजार की दिशा कंपनियों के नतीजों (Earnings) से ज्यादा कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Prices) पर निर्भर कर रही है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत की खबर होती है।
हाल ही में, ऊर्जा की ऊँची कीमतों ने मुद्रास्फीति (Inflation), रुपये (Rupee) की कमजोरी और जीडीपी (GDP) ग्रोथ को लेकर चिंताएं बढ़ा दी थीं। लेकिन, गुरुवार को कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में 2% की गिरावट आई और यह $99 प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। तेल की इस गिरावट का सीधा फायदा भारतीय बाजार को मिला। इसके साथ ही, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी मजबूत होकर 94.2525 के स्तर पर बंद हुआ।
बुधवार की तेजी के बाद गुरुवार की सुस्ती
गुरुवार की यह सुस्त चाल बुधवार की शानदार रैली के बाद आई। बुधवार को सेंसेक्स 940.73 अंक (1.22%) उछलकर 77,958.52 पर और निफ्टी 298.15 अंक (1.24%) चढ़कर 24,330.95 पर बंद हुआ था। तेल की कीमतों में आई गिरावट ने उस समय बाजार को बड़ा बूस्ट दिया था, लेकिन अब निवेशक यह देख रहे हैं कि क्या यह राहत स्थायी है।
सेक्टोरल अपडेट: ऑटो की हुंकार, IT-FMCG बेदम
बाजार में सेक्टोरल रोटेशन साफ नज़र आया:
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ऑटो सेक्टर लीडर: निफ्टी ऑटो इंडेक्स 2.15% चढ़ा। हालिया नतीजों के बाद निवेशकों ने ऑटो शेयरों में जमकर खरीदारी की।
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दबाव में IT और FMCG: निफ्टी आईटी 0.39% टूट गया, और BSE FMCG 0.25% गिर गया। यह इस बात का संकेत है कि तेजी केवल कुछ चुनिंदा पॉकेट तक ही सीमित रही।
प्रमुख शेयरों का हाल:
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बाजाज ऑटो: मार्च तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहने के बाद शेयर चढ़ा।
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महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M): मुनाफा उम्मीद से ज्यादा रहने के बाद शेयर में तेजी बनी रही।
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One97 Communications (Paytm): मार्च तिमाही में शुद्ध लाभ दर्ज करने के बाद शेयर में उछाल आया।
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गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स: इनपुट लागत बढ़ने के कारण मार्जिन की चिंताओं के चलते शेयर में गिरावट आई।
बाजार का नज़रिया: “सावधानीपूर्वक सकारात्मक” (Cautiously Positive)
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के तकनीकी अनुसंधान विश्लेषक हितेश टेलर ने घरेलू बाजारों के लिए अल्पकालिक दृष्टिकोण को “सावधानीपूर्वक सकारात्मक” बताया। हालांकि, उन्होंने “बीच-बीच में मुनाफावसूली” (Intermittent profit booking) की ओर भी इशारा किया, जो बाजार के प्रमुख प्रतिरोध (Resistance) स्तरों के पास पहुँचने पर ऊपर की ओर बढ़त को सीमित कर सकती है।
भू-राजनीतिक तनाव और तेल का पेच
ग्लोबल मोर्चे पर, भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Standoff) अभी भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है। ईरान अमेरिका के उस शांति प्रस्ताव पर विचार कर रहा है जो युद्ध को रोक सकता है, लेकिन वॉशिंगटन की मुख्य शर्तों (जैसे होर्मुज के जलडमरूमध्य को फिर से खोलना) पर अभी सहमति नहीं बनी है।
यह निवेशकों के लिए सबसे बड़ा पेंच है:
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नेगेटिव सिनेरियो: यदि बातचीत विफल होती है, तो कच्चे तेल की कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं, जिससे भारत के आयात बिल और रुपये पर दबाव बढ़ेगा।
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पॉजिटिव सिनेरियो: यदि समझौता हो जाता है, तो बाजार को बड़ी राहत मिलेगी।
निसान सिक्योरिटीज इन्वेस्टमेंट के मुख्य रणनीतिकार हिरोयुकी किकुकावा ने कहा, “तेल की कीमतें ऊँची बनी रहेंगी।” वहीं, फिलिप नोवा की प्रियंका सचदेवा ने बताया कि किसी भी नए हमले या तनाव बढ़ने से तेल की कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं।
विदेशी निवेशकों की निकासी जारी
घरेलू निवेशकों के उत्साह के बावजूद, विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से पैसे निकाल रहे हैं। इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, बुधवार को विदेशी निवेशकों ने 58.35 बिलियन रुपये के भारतीय शेयर बेचे। यह तब हुआ जब ईरान-अमेरिका संघर्ष के जल्द समाधान की उम्मीदों के बीच घरेलू सेंटीमेंट मजबूत था।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने बाजार के मूड को “आशा और भय के बीच झूलता हुआ” (Swinging between hope and fear) बताया। पश्चिम एशिया की खबरें तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ा रही हैं।
कच्चे तेल में गिरावट के कारण ऑटो शेयरों में खरीदारी दिखी, लेकिन बाजार को और ऊपर ले जाने के लिए उत्साह की कमी थी। निवेशक अभी भी “वेट एंड वॉच” (Wait and watch) की नीति अपना रहे हैं।
आज के मुख्य आंकड़े (क्लोजिंग तक)
| इंडेक्स | मौजूदा स्तर | बदलाव (%) |
| Sensex | 77,989.52* | +0.04% (लगभग) |
| Nifty 50 | 24,360.95* | +0.12% (लगभग) |
| Nifty Midcap 100 | +1% से अधिक | – |
| Crude Oil (Brent) | ~$99/barrel | -2% |
| INR vs USD | 94.2525 | +मजबूत |
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
(नोट: * ये आंकड़े दोपहर के कारोबार और मनीकंट्रोल/रॉयटर्स के आंकड़ों पर आधारित हैं, वास्तविक क्लोजिंग आंकड़े थोड़े भिन्न हो सकते हैं।)

