Mumbai Family Death Case: तरबूज में मिला ‘चूहे मारने का ज़हर’! मुंबई के एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत का सनसनीखेज खुलासा; अब हत्या या हादसे की जाँच

Channelindiaone
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दक्षिण मुंबई | 8 मई, 2026 | Mumbai Family Death Case: पिछले महीने दक्षिण मुंबई से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई थी, जहाँ एक ही परिवार के चार सदस्यों की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुरुआती जाँच में इसे फूड पॉइजनिंग (Food Poisoning) का मामला माना जा रहा था, लेकिन अब इस केस में एक ऐसा भयानक मोड़ आया है जिसने पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों (Forensic Experts) दोनों को हिलाकर रख दिया है।

फॉरेंसिक रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि परिवार की मौत तरबूज खाने से हुई फूड पॉइजनिंग के कारण नहीं, बल्कि “ज़हर” के कारण हुई थी। जाँचकर्ताओं को मृतकों के शरीर और उनके द्वारा खाए गए तरबूज के नमूनों में चूहे मारने के लिए इस्तेमाल होने वाले एक अत्यंत विषैले पदार्थ के निशान मिले हैं। यह खुलासा उन अटकलों को खारिज करता है कि मौतें केवल खराब तरबूज खाने से हुई थीं।

क्या हुआ था उस काली रात को?

45 वर्षीय अब्दुल्ला डोकाडिया, उनकी 35 वर्षीय पत्नी नसरीन, और उनके दो बच्चे, 13 वर्षीय ज़ैनब और 16 वर्षीय आयशा, अपने दक्षिण मुंबई स्थित घर में खुशी-खुशी रह रहे थे। पिछले महीने, उन्होंने अपने रिश्तेदारों के लिए एक डिनर होस्ट किया था, जिसमें मटन पुलाव परोसा गया था। रिश्तेदारों के जाने के कई घंटों बाद, रात करीब 1 बजे, परिवार ने तरबूज खाया।

लेकिन, सुबह 5 बजे तक, परिवार के सभी सदस्यों को गंभीर उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। स्थिति इतनी तेजी से बिगड़ी कि कुछ ही घंटों के भीतर चारों की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया था।

फॉरेंसिक जाँच में ‘हरे’ अंगों ने खोला राज़

इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पिछले हफ्ते शुरुआती फॉरेंसिक टेस्ट में खुलासा हुआ कि पीड़ितों के कुछ आंतरिक अंग, जिनमें मस्तिष्क, हृदय और आंतें शामिल हैं, हरे रंग के हो गए थे। चिकित्सा विज्ञान में, अंगों का हरा होना ज़हर दिए जाने का एक स्पष्ट और सुसंगत संकेत है।

इस ग्रीन टिंट (Green Tint) ने पुलिस को पॉइजनिंग के कोण से जाँच करने के लिए मजबूर किया।

तरबूज और शरीर में मिला ‘जिंक फास्फाइट’

विस्तृत फॉरेंसिक परीक्षणों ने अब परिवार की मौत का असली कारण उजागर कर दिया है। डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को मृतकों के शरीर में जिंक फास्फाइट (Zinc Phosphite) के निशान मिले हैं। जिंक फास्फाइट एक अत्यंत घातक और विषैला रसायन है, जिसका मुख्य उपयोग चूहे मारने वाले ज़हर (Rodenticide) में किया जाता है।

चौंकाने वाली बात यह है कि जिंक फास्फाइट केवल मृतकों के शरीर में ही नहीं, बल्कि उस तरबूज के नमूनों में भी पाया गया जिसे परिवार ने रात को खाया था। यह खोज इस बात की पुष्टि करती है कि ज़हर तरबूज के माध्यम से ही परिवार के शरीर में पहुँचा था।

हत्या या हादसा? जाँच अब इस दिशा में

इस नए और सनसनीखेज खुलासे के बाद, मुंबई पुलिस की जाँच पूरी तरह से बदल गई है। जाँचकर्ता अब इस बात की तहकीकात कर रहे हैं कि क्या यह घातक रसायन:

  1. हादसे (Accident): के कारण तरबूज में मिल गया था? क्या तरबूज को किसी ऐसी जगह रखा गया था जहाँ चूहे मारने का ज़हर मौजूद था, और यह अनजाने में तरबूज में प्रवेश कर गया?

  2. साजिश (Deliberate act): के तहत जानबूझकर तरबूज में इंजेक्ट किया गया था? क्या किसी बाहरी व्यक्ति या परिवार के ही किसी परिचित ने जानबूझकर परिवार को मारने के लिए यह खौफनाक कदम उठाया?

पुलिस अब इन दोनों ही संभावनाओं को ध्यान में रखकर जाँच कर रही है। परिवार के मेहमानों के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं, जिन्होंने पुलाव खाया था लेकिन वे पूरी तरह से सुरक्षित रहे।

शरीर में मिला ‘मॉर्फिन’ – एक और पहेली

अंगों के हरे होने के अलावा, फॉरेंसिक जाँच में अब्दुल्ला डोकाडिया के शरीर में मॉर्फिन (Morphine) के निशान भी मिले हैं। मॉर्फिन एक बहुत शक्तिशाली दर्द निवारक दवा है, जिसे आमतौर पर केवल कड़े चिकित्सा नियंत्रण (Controlled Medical Settings) में ही दिया जाता है।

जाँचकर्ता अब इस बात की भी जाँच कर रहे हैं कि क्या यह खोज किसी पूर्व चिकित्सा हस्तक्षेप, दुर्घटनावश संपर्क या किसी अधिक संदिग्ध चीज़ की ओर इशारा करती है। यह मॉर्फिन शरीर में कैसे पहुँचा, यह अभी भी एक रहस्य है।


मुंबई परिवार मौत मामला: एक नज़र में मुख्य विवरण

विवरण जानकारी
पीड़ित 4 सदस्य (अब्दुल्ला, नसरीन, ज़ैनब, आयशा)
स्थान दक्षिण मुंबई
मौत की तारीख पिछले महीने
शुरुआती शक तरबूज से फूड पॉइजनिंग
नया मोड़ (फॉरेंसिक) चूहे मारने का ज़हर (जिंक फास्फाइट)
ज़हर का स्रोत तरबूज के नमूने में जिंक फास्फाइट मिला
संदेह हादसा या जानबूझकर ज़हर दिया जाना (हत्या)
अन्य खोज अंगों का हरा होना; अब्दुल्ला के शरीर में मॉर्फिन

मुंबई के इस परिवार की मौत अब केवल एक दुखद हादसा नहीं, बल्कि एक गंभीर आपराधिक जाँच का विषय बन गई है। तरबूज में चूहे मारने वाले ज़हर की मौजूदगी यह स्पष्ट करती है कि यह फूड पॉइजनिंग का सामान्य मामला नहीं था। अब सबकी नज़रें मुंबई पुलिस पर टिकी हैं, जो इस पहेली को सुलझाकर यह बताएगी कि क्या यह एक खौफनाक हत्या थी या एक भयानक लापरवाही।

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