नई दिल्ली | 11 मई, 2026 | Gold Price Today: भारतीय सर्राफा बाजार में आज सोने की कीमतों ने निवेशकों और आम खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रविवार को देशवासियों से ‘एक साल तक सोना न खरीदने’ की अपील के बाद बाजार में हलचल तेज हो गई है। सोमवार, 11 मई 2026 को देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि गैर-जरूरी सोने की खरीद कम करने से देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) पर दबाव कम होगा और आयात बिल में भी राहत मिलेगी। इस बयान का सीधा असर आज ज्वैलरी शोरूम्स और रिटेल बाजार में देखने को मिल रहा है।
आज के सोने के दाम: एक नजर में (11 मई, 2026)
आज भारत में 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत 15,213 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गई है, जिसमें कल के मुकाबले 22 रुपये की कमी देखी गई है। वहीं, आभूषण बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने और 18 कैरेट सोने की कीमतों में भी गिरावट आई है।
| शुद्धता (Carat) | वजन (Gram) | आज की कीमत (INR) | बदलाव (कल से) |
| 24 कैरेट | 10 ग्राम | Rs 1,52,130 | – Rs 220 |
| 22 कैरेट | 10 ग्राम | Rs 1,39,450 | – Rs 200 |
| 18 कैरेट | 10 ग्राम | Rs 1,14,100 | – Rs 160 |
प्रमुख शहरों में सोने का भाव (Gold Rate in Cities)
देश के अलग-अलग राज्यों में टैक्स और स्थानीय डिमांड के कारण सोने की कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। तनिष्क (Tanishq), मालाबार गोल्ड (Malabar Gold), कल्याण ज्वैलर्स (Kalyan Jewellers) और जोयालुक्कास (Joyalukkas) जैसे प्रमुख ब्रांड्स पर भी कीमतें इसी रुझान का पालन कर रही हैं।
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चेन्नई: दक्षिण भारत में सोने की मांग सबसे अधिक रहती है, यहाँ भी कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई है।
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मुंबई और दिल्ली: देश के इन बड़े महानगरों में सोने की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, हालांकि पीएम की अपील के बाद लिवाली (Buying) में सुस्ती की उम्मीद है।
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कोलकाता: यहाँ भी 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के भाव में गिरावट दर्ज की गई है।
क्यों अस्थिर हैं सोने के दाम? ये हैं मुख्य कारण
सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव केवल घरेलू कारणों से नहीं, बल्कि वैश्विक उथल-पुथल की वजह से भी हो रहा है।
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पश्चिम एशिया में युद्ध: 28 फरवरी से ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई के बाद से कच्चे तेल (Crude Oil) और कीमती धातुओं की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
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होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं, जिसका सीधा असर महंगाई और सोने-चांदी के भाव पर पड़ा है।
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बढ़ती महंगाई और ब्याज दरें: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ी है। निवेशकों को डर है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं, जिससे सोने पर दबाव बना हुआ है।
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विदेशी मुद्रा और आयात शुल्क: भारत अपनी सोने की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। रुपये की कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय दरों में बदलाव सोने को सीधे प्रभावित करते हैं।
प्रधानमंत्री की अपील का क्या होगा असर?
पीएम मोदी की अपील का उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है। जब भारत में सोने का आयात कम होगा, तो डॉलर का बाहर जाना कम होगा, जिससे रुपये की वैल्यू संभल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ हफ्तों में सोने की मांग में 15-20% की कमी आ सकती है, जिससे कीमतों में और सुधार या गिरावट की संभावना बनी रहेगी।
इकोनॉमिस्ट का कहना है कि वर्तमान युद्ध की स्थिति और व्यापार घाटे (Trade Deficit) को देखते हुए भारतीयों को अपनी निवेश रणनीति पर फिर से विचार करना पड़ सकता है।
आज सोने की कीमतों में आई गिरावट उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है जो खरीदारी करना चाहते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री के ‘राष्ट्र हित’ वाले संदेश ने बाजार में एक सस्पेंस भी पैदा कर दिया है। यदि आप निवेश के लिए सोना खरीदना चाह रहे हैं, तो वर्तमान वैश्विक अनिश्चितता और सरकार की नीतियों पर कड़ी नजर रखना जरूरी है।

