लखनऊ | 14 मई, 2026 | Uttar Pradesh News | UP Weather Update: उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार (13 मई) को आए भीषण तूफान, धूल भरी आंधी और बेमौसम बारिश ने भारी तबाही मचाई है। राहत आयुक्त कार्यालय से प्राप्त ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 89 लोगों की जान जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में बिजली गिरने, दीवार गिरने और पेड़ों के उखड़ने से हुई इन मौतों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों तक 24 घंटे के भीतर राहत सहायता पहुँचाई जाए।
जिलों में तबाही का मंजर
तूफान की तीव्रता इतनी अधिक थी कि सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जिससे कई इलाकों में संचार और बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई।
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भदोही: जिले में सबसे ज्यादा तबाही देखने को मिली है। भदोही पुलिस के अनुसार, अलग-अलग घटनाओं में 16 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए हैं。 अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट कुंवर वीरेंद्र कुमार मौर्य ने बताया कि मोबाइल नेटवर्क बाधित होने के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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फतेहपुर: यहां तूफान से जुड़ी घटनाओं में 9 लोगों की जान गई, जिनमें 5 महिलाएं शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर मौतें मकान की दीवार गिरने के कारण हुई हैं।
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बदायूं: जिले में दो नाबालिग लड़कियों सहित 5 लोगों की मौत हुई है。 बिसौली इलाके में एक झोपड़ी की दीवार गिरने से 10 वर्षीय मौसमी और 9 वर्षीय रजनी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, एक पेड़ के ट्रक पर गिरने से चालक की भी जान चली गई。
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चंदौली और सोनभद्र: चंदौली में दीवार और पेड़ गिरने से दो महिलाओं की मौत हुई, जबकि सोनभद्र में आश्रय की तलाश में पेड़ के नीचे खड़े एक व्यक्ति की मौत हो गई।
मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश: राहत कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों और राजस्व विभाग के अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है。 उन्होंने स्पष्ट किया है कि आपदा राहत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएम के प्रमुख निर्देश:
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प्रभावित परिवारों को तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान की जाए।
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कृषि विभाग और बीमा कंपनियां फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वेक्षण कर रिपोर्ट सौंपें।
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पशुधन (livestock) और संपत्ति के नुकसान का आकलन कर मुआवजा तुरंत वितरित किया जाए।
आपदा का प्रभाव और बचाव कार्य
तूफान के कारण उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीण इलाकों में अंधेरा छाया हुआ है। पुलिस और प्रशासन की टीमें तहसीलों का निरीक्षण कर रही हैं और मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में बहाली और बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी है。
उत्तर प्रदेश आपदा: एक नजर में
| जिला | मौतों की संख्या | मुख्य कारण |
| भदोही | 16 | धूल भरी आंधी और पेड़ गिरना |
| फतेहपुर | 09 | दीवार गिरना और बिजली गिरना |
| बदायूं | 05 | दीवार और पेड़ का गिरना |
| कुल मौतें | 89 | प्रदेश भर में हुई विभिन्न घटनाएं |
बेमौसम की इस मार ने न केवल जान-माल का नुकसान किया है, बल्कि किसानों की कमर भी तोड़ दी है। अब सबकी निगाहें प्रशासन की तत्परता पर हैं कि कितनी जल्दी पीड़ित परिवारों को मदद मिल पाती है।

