Tata Steel Share Price: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की, लेकिन दिन चढ़ने के साथ निवेशकों की सतर्कता साफ नजर आई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी ने अच्छी बढ़त दिखाई, लेकिन दोपहर तक मुनाफावसूली के दबाव से बाजार की चाल धीमी पड़ गई। वैश्विक स्तर पर बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई।
इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा टाटा स्टील के शेयरों की रही। कंपनी के मार्च तिमाही नतीजों से पहले निवेशकों की उम्मीदों ने शेयर को नई ऊंचाई तक पहुंचा दिया। कारोबार के दौरान टाटा स्टील ने 224.40 रुपये का नया रिकॉर्ड स्तर छुआ। हालांकि इसके बाद शेयर में हल्का उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला।
Q4 रिजल्ट से पहले टाटा स्टील में जबरदस्त उत्साह
टाटा स्टील लगातार तीसरे कारोबारी दिन बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। पिछले तीन सत्रों में कंपनी का शेयर करीब 6 फीसदी तक मजबूत हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि चौथी तिमाही के नतीजों को लेकर निवेशकों की उम्मीदें काफी सकारात्मक हैं।
हालांकि शेयर में रिकॉर्ड हाई छूने के बाद कुछ निवेशकों ने मुनाफावसूली भी की। कारोबार का वॉल्यूम पिछले सत्र के मुकाबले थोड़ा कम रहा, जिससे संकेत मिलता है कि बड़े निवेशक फिलहाल नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।
सेंसेक्स और निफ्टी में दिनभर रहा उतार-चढ़ाव
शेयर बाजार ने सुबह शानदार शुरुआत की थी। सेंसेक्स 450 अंक से ज्यादा चढ़ गया था और निफ्टी 23,830 के ऊपर पहुंच गया था। लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया।
करीब दोपहर तक सेंसेक्स लगभग सपाट हो गया जबकि निफ्टी 23,700 के आसपास कारोबार करता दिखा। इससे साफ संकेत मिला कि बाजार फिलहाल किसी बड़े ट्रिगर का इंतजार कर रहा है।
अदाणी समूह के शेयरों में लौटी तेजी
विदेशी रिपोर्ट्स से निवेशकों का भरोसा बढ़ा
अदाणी समूह की कंपनियों में शुक्रवार को अच्छी खरीदारी देखने को मिली। खबरों के मुताबिक अमेरिका में गौतम अदाणी से जुड़े कुछ मामलों में राहत मिलने की संभावना है। इस खबर के बाद निवेशकों का भरोसा लौटा और अदाणी समूह के कई शेयरों में 3 फीसदी तक तेजी दर्ज की गई।
अदाणी एंटरप्राइजेज समेत अन्य कंपनियों के शेयरों में आई मजबूती ने बाजार को सहारा देने का काम किया।
आईटी सेक्टर ने दिखाई मजबूती
आईटी शेयरों ने शुक्रवार को शानदार वापसी की। पिछले कारोबारी सत्र की कमजोरी के बाद आज आईटी कंपनियों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली।
इन्फोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक जैसे बड़े शेयरों में तेजी रही। अमेरिकी टेक शेयरों की मजबूती का असर भारतीय आईटी सेक्टर पर साफ दिखाई दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना रहा तो आईटी सेक्टर आने वाले दिनों में और मजबूती दिखा सकता है।
किन सेक्टरों पर रहा दबाव
जहां आईटी और मीडिया शेयरों ने मजबूती दिखाई, वहीं मेटल, ऑयल एंड गैस और पीएसयू बैंक सेक्टर दबाव में रहे।
निफ्टी मेटल इंडेक्स कमजोर बना रहा। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद निवेशकों की चिंता कम नहीं हुई।
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल से इन कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
मिडकैप शेयरों में मिला-जुला कारोबार
मिडकैप शेयरों में आज मिश्रित तस्वीर देखने को मिली। BSE लिमिटेड, वोडाफोन आइडिया और MCX इंडिया में अच्छी गतिविधि रही।
वहीं HUDCO करीब 7 फीसदी टूटकर सबसे कमजोर मिडकैप शेयरों में शामिल रहा। दूसरी ओर Persistent Systems और Oracle Financial जैसे शेयर मजबूती के साथ कारोबार करते दिखे।
इससे साफ है कि निवेशक फिलहाल चुनिंदा शेयरों पर ही दांव लगा रहे हैं।
कच्चे तेल की कीमतें बनी बड़ी चिंता
वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड 106 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सप्लाई को लेकर अनिश्चितता ने तेल की कीमतों को ऊपर बनाए रखा है।
इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ सकता है। अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो महंगाई बढ़ सकती है और इसका असर कंपनियों की लागत पर भी पड़ेगा।
आगे बाजार की चाल कैसी रहेगी
विश्लेषकों के मुताबिक निफ्टी के लिए 23,800 का स्तर बेहद अहम है। अगर यह स्तर मजबूती से टूटता है तो बाजार 24,000 की ओर बढ़ सकता है।
वहीं अगर बाजार इस स्तर के नीचे बना रहता है तो 23,400 तक गिरावट की संभावना बन सकती है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।
निष्कर्ष
शुक्रवार का कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। टाटा स्टील ने रिकॉर्ड हाई बनाकर निवेशकों का उत्साह बढ़ाया, जबकि सेंसेक्स और निफ्टी ने दिनभर अस्थिरता दिखाई।
अब बाजार की नजर टाटा स्टील के तिमाही नतीजों, वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी। आने वाले सत्रों में यही फैक्टर बाजार की दिशा तय करेंगे।

