Gul Panag Slams Dhruv Rathee: बॉलीवुड अभिनेत्री Gul Panag और मशहूर यूट्यूबर Dhruv Rathee के बीच सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस अब चर्चा का बड़ा विषय बन चुकी है। मामला प्रधानमंत्री Narendra Modi को लेकर दिए गए एक बयान से जुड़ा है, जिस पर गुल पनाग ने खुलकर नाराजगी जताई है।
गुल पनाग ने ध्रुव राठी के उस पोस्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी जहां भी जाएं, उनसे सवाल पूछे जाने चाहिए और उन्हें जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर दो गुट बन गए हैं। एक वर्ग ध्रुव राठी का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा वर्ग इसे देश की गरिमा के खिलाफ बता रहा है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में प्रधानमंत्री Narendra Modi नॉर्वे दौरे पर गए थे। इसी दौरान ओस्लो में नॉर्वे की पत्रकार Hege Langli ने उनसे भारत में मानवाधिकार और लोकतंत्र से जुड़े सवाल पूछने की कोशिश की।
हालांकि प्रधानमंत्री बिना प्रतिक्रिया दिए आगे बढ़ गए। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल हो गया।
इसी घटना के बाद ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी जहां भी जाएं, उनसे कड़े सवाल पूछे जाने चाहिए ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
गुल पनाग ने क्यों जताई नाराजगी?
ध्रुव राठी के इस पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए Gul Panag ने साफ शब्दों में कहा कि यह तरीका ठीक नहीं है।
उन्होंने लिखा कि लोकतंत्र में किसी सरकार या प्रधानमंत्री से असहमति रखना पूरी तरह जायज है। लोग सवाल पूछ सकते हैं, बहस कर सकते हैं और चुनाव में अलग तरह से वोट दे सकते हैं। यही लोकतंत्र की खूबसूरती है।
लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि किसी विदेशी धरती पर भारत के प्रधानमंत्री या उस पद का मजाक उड़ाना देश की संस्थाओं को कमजोर करता है और अंततः भारत की छवि को नुकसान पहुंचाता है।
“यह कूल नहीं है” – गुल पनाग
गुल पनाग ने अपने पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री के पद का सम्मान करना जरूरी है, चाहे व्यक्ति विशेष से सहमति हो या न हो।
उन्होंने कहा कि असहमति व्यक्त करने का तरीका ऐसा नहीं होना चाहिए जिससे देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचे। उनके मुताबिक यह केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे संस्थान और देश की गरिमा का सवाल है।
उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और हजारों लोगों ने इस पर अपनी राय दी।
Not cool.
You can dislike a Prime Minister, disagree with a government, protest, debate and vote differently. That’s democracy.
But reducing the office of India’s Prime Minister, the man, the office, and what he represents abroad, to a joke on foreign soil -doesn’t feel like… https://t.co/XNQg7IiVyh
— Gul Panag (@GulPanag) May 22, 2026
ध्रुव राठी ने पोस्ट में क्या लिखा था?
Dhruv Rathee ने 19 मई को अपने पोस्ट में कहा था कि प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले 12 वर्षों में मोदी ने खुलकर प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की और पारदर्शिता व जवाबदेही के मानकों पर खरे नहीं उतरे।
उन्होंने विदेशी पत्रकारों से अपील की थी कि जहां भी मौका मिले, प्रधानमंत्री से सवाल पूछें ताकि जवाबदेही तय हो सके।
इसी बयान पर विवाद शुरू हुआ।
Modi deserves to be humiliated everywhere he goes.
He has not given a single press conference in 12 years since he became the Prime Minister. He fails to fulfill the basic transparency and accountability requirements of being a leader.
I would like to encourage foreign…
— Dhruv Rathee (@dhruv_rathee) May 19, 2026
कौन हैं गुल पनाग?
Gul Panag का पूरा नाम गुलकीरत कौर पनाग है। उनका जन्म 3 जनवरी 1979 को चंडीगढ़ में हुआ।
उन्होंने साल 1999 में फेमिना मिस इंडिया यूनिवर्स का खिताब जीता और मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
बॉलीवुड में उन्होंने फिल्म ‘धूप’ से डेब्यू किया और इसके बाद ‘डोर’, ‘मनोरमा सिक्स फीट अंडर’, ‘अब तक छप्पन 2’ और हाल के वर्षों में वेब सीरीज The Family Man और Paatal Lok में शानदार अभिनय किया।
राजनीति से भी रहा है जुड़ाव
गुल पनाग केवल अभिनेत्री ही नहीं बल्कि सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व राजनेता भी हैं।
उन्होंने साल 2014 में Aam Aadmi Party के टिकट पर चंडीगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ा था।
हालांकि बाद में उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली।
निजी जिंदगी भी रही चर्चा में
गुल पनाग ने एयरलाइन पायलट ऋषि अटारी से शादी की है और उनका एक बेटा भी है।
उनके पिता सेना में लेफ्टिनेंट जनरल रहे हैं, जिसके कारण उनकी पढ़ाई भारत और विदेश के कई स्कूलों में हुई।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
गुल पनाग के बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
कुछ यूजर्स ने कहा कि गुल पनाग ने देश की गरिमा की बात कर सही मुद्दा उठाया है। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना गलत नहीं है।
यह बहस अब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संस्थागत सम्मान के बीच संतुलन पर चर्चा का विषय बन गई है।
निष्कर्ष
यह विवाद केवल दो सार्वजनिक हस्तियों के बीच की बहस नहीं है, बल्कि लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संस्थागत सम्मान जैसे बड़े सवालों को सामने लाता है।
जहां सवाल पूछना लोकतंत्र की ताकत है, वहीं देश की गरिमा बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। गुल पनाग और ध्रुव राठी की यह बहस इसी संतुलन को लेकर नई चर्चा छेड़ रही है।

