SBI Share Price Today: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए निवेशकों का भरोसा और मजबूत कर दिया है। दिसंबर 2025 में खत्म हुई तिमाही के नतीजों के बाद SBI के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला और स्टॉक ₹1125 के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
इस तेजी के पीछे बैंक का अब तक का सबसे बड़ा तिमाही मुनाफा और बेहतर वित्तीय स्थिति मुख्य वजह मानी जा रही है।
शेयर की मजबूती ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा
SBI के शेयर पिछले कुछ महीनों से लगातार मजबूती दिखा रहे हैं। मार्च 2025 में जहां शेयर ₹680 के आसपास था, वहीं अब इसमें 65 फीसदी से ज्यादा की बढ़त दर्ज हो चुकी है।
बीते एक साल में शेयर ने करीब 44 फीसदी का रिटर्न दिया है। तीन महीनों में 12 फीसदी और एक महीने में 7 फीसदी की तेजी यह बताती है कि निवेशक बैंक के भविष्य को लेकर सकारात्मक हैं।
Q3 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा मुनाफा
Q3 FY26 में SBI ने स्टैंडअलोन आधार पर ₹21,028 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले लगभग 25 फीसदी ज्यादा है।
इस शानदार प्रदर्शन का मुख्य कारण मजबूत ब्याज आय, बेहतर लागत नियंत्रण और एसेट क्वालिटी में सुधार रहा है। बैंक ने परिचालन स्तर पर भी अच्छा संतुलन बनाए रखा है।
म्यूचुअल फंड से मिला बड़ा सहारा
इस तिमाही में SBI को अपनी एसेट मैनेजमेंट कंपनी से भी बड़ा फायदा मिला। IPO की तैयारी कर रही SBI म्यूचुअल फंड ने बैंक को ₹2200 करोड़ का विशेष डिविडेंड दिया।
बैंक प्रबंधन के अनुसार, इस अतिरिक्त आय ने मुनाफे को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आय और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में बढ़ोतरी
बैंक की कुल आय बढ़कर ₹1.40 लाख करोड़ से अधिक हो गई, जो सालाना आधार पर करीब 10 फीसदी की बढ़त है।
नेट इंटरेस्ट इनकम भी 9 फीसदी बढ़कर ₹45,190 करोड़ पर पहुंच गई। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में लगभग 40 फीसदी की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई और यह ₹32,862 करोड़ हो गया।
यह आंकड़े बताते हैं कि बैंक का कोर बिजनेस लगातार मजबूत हो रहा है।
एसेट क्वालिटी में ऐतिहासिक सुधार
SBI की एसेट क्वालिटी में इस तिमाही बड़ा सुधार देखने को मिला है। ग्रॉस एनपीए घटकर ₹73,637 करोड़ रह गया, जबकि नेट एनपीए भी कम होकर ₹18,012 करोड़ पर आ गया।
GNPA रेशियो घटकर 1.57 फीसदी हो गया, जो लगभग 20 वर्षों में सबसे बेहतर स्तर माना जा रहा है। इससे बैंक की वित्तीय स्थिरता और मजबूत हुई है।
प्रोविजनिंग और जोखिम प्रबंधन पर फोकस
बैंक ने संभावित जोखिमों से निपटने के लिए प्रोविजनिंग भी बढ़ाई है। इस तिमाही में ₹4500 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया।
हालांकि नए लोन स्लिपेज में हल्की वृद्धि देखी गई, लेकिन मजबूत प्रोविजनिंग के कारण बैंक की स्थिति सुरक्षित बनी हुई है।
कंसोलिडेटेड रिजल्ट भी रहे मजबूत
कंसोलिडेटेड आधार पर SBI का शुद्ध मुनाफा बढ़कर ₹21,876 करोड़ हो गया है। यह पिछले साल की तुलना में करीब 14 फीसदी ज्यादा है।
इससे साफ है कि बैंक की सहायक कंपनियां भी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं और ग्रुप लेवल पर ग्रोथ बनी हुई है।
लोन ग्रोथ को लेकर बढ़ाया गया अनुमान
SBI मैनेजमेंट ने FY26 के लिए लोन ग्रोथ अनुमान को बढ़ाकर 13 से 15 फीसदी कर दिया है। पहले यह अनुमान 12 से 14 फीसदी था।
चेयरमैन सीएस सेट्टी के अनुसार, कॉरपोरेट लोन और रिटेल सेक्टर में तेजी लौट रही है, जिससे आने वाले महीनों में बैंक को और फायदा मिलेगा।
दिसंबर 2025 तक SBI का कुल लोन बुक ₹46.8 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है।
वैश्विक चुनौतियों पर भी नजर
हालांकि बैंक का प्रदर्शन मजबूत है, लेकिन प्रबंधन ने वैश्विक अनिश्चितताओं को लेकर सावधानी भी जताई है।
भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक व्यापार में उतार-चढ़ाव, कच्चे माल की कीमतों में बदलाव और बाजार की अस्थिरता भविष्य में चुनौती बन सकती है।
इसके बावजूद SBI को अपनी मजबूत पूंजी और नेटवर्क पर भरोसा है।
ब्रोकरेज हाउस की राय: खरीदारी का मौका?
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने SBI के नतीजों को शानदार बताया है और शेयर पर BUY की रेटिंग बरकरार रखी है।
फर्म ने ₹1300 का टारगेट प्राइस तय किया है। उनका मानना है कि बैंक की कमाई और मार्जिन लंबे समय तक मजबूत बने रहेंगे।
एक्सपर्ट्स की राय
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि SBI की ग्रोथ टिकाऊ दिखाई दे रही है। बेहतर लागत नियंत्रण, मजबूत बैलेंस शीट और बढ़ती क्रेडिट डिमांड बैंक के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
SME, कृषि और रिटेल लोन सेगमेंट में बैंक की मजबूत पकड़ इसे प्रतिस्पर्धियों से आगे रखती है।
निवेशकों के लिए क्या है संदेश?
SBI के Q3 नतीजे यह दिखाते हैं कि बैंक फिलहाल मजबूत स्थिति में है। घटते एनपीए, बढ़ता मुनाफा और बेहतर लोन ग्रोथ इसे लॉन्ग टर्म निवेश के लिए आकर्षक बनाते हैं।
हालांकि, शेयर पहले ही ऊंचे स्तर पर है, इसलिए निवेश से पहले जोखिम और बाजार की स्थिति को जरूर समझना चाहिए।

