नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र का आज 11वां दिन हंगामेदार रहा। लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने हाल ही में हुए भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया और इसे “एकतरफा आत्मसमर्पण” करार दिया।
राहुल गांधी के बड़े आरोप: ‘भारत माता’ को बेचने जैसा है यह समझौता
लोकसभा में करीब 45 मिनट के अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने भारत के हितों को अमेरिका के पास गिरवी रख दिया है। उन्होंने तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, “आपने भारत को बेच दिया है। क्या आपको शर्म नहीं आती? आपने हमारी मां, भारत माता को बेच दिया है।”
राहुल गांधी के भाषण के मुख्य बिंदु:
-
डेटा की ताकत: राहुल ने कहा कि 21वीं सदी में भारत का सबसे बड़ा हथियार यहां के 140 करोड़ लोगों का डेटा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बिना किसी बराबरी की शर्त के यह डेटा अमेरिका को सौंप दिया है।
-
किसानों पर चोट: उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी खेती मशीनीकृत है और इस समझौते के बाद अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजारों में भर जाएंगे, जिससे हमारे गरीब किसानों की कमर टूट जाएगी।
-
ऊर्जा सुरक्षा: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अब भारत यह तय नहीं कर पाएगा कि उसे किससे तेल खरीदना है; अब यह फैसला अमेरिका करेगा।
-
दबाव की राजनीति: राहुल ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने यह समझौता किसी बड़े दबाव (Chokehold) में किया है।
श्रीकांत शिंदे का जवाब: ‘आपकी राजनीतिक डील हर राज्य में फेल हो रही’
राहुल गांधी के आरोपों पर शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने मोर्चा संभाला। उन्होंने राहुल गांधी के भाषण को “काल्पनिक कथा” करार देते हुए तंज कसा। शिंदे ने कहा:
“राहुल गांधी के भाषण से पहले एक डिस्क्लेमर (चेतावनी) चलना चाहिए कि यह सब काल्पनिक है और इसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। जिनकी खुद की राजनीतिक डील हर राज्य में फेल हो रही है, उन्हें देश और दुनिया की चिंता करने से पहले अपना घर संभालना चाहिए।”
शिंदे ने बजट की तारीफ करते हुए इसे “नए भारत का प्रतिबिंब” बताया, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर ध्यान दिया गया है।
राज्यसभा में एच.डी. देवेगौड़ा की सलाह: सिर्फ ग्रोथ नहीं, रोजगार पर हो फोकस
इसी दौरान राज्यसभा में पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा ने बजट पर चर्चा के दौरान संतुलित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि (Growth) अच्छी बात है, लेकिन केवल आंकड़े काफी नहीं हैं। सरकार को अपनी नीतियों के केंद्र में रोजगार (Employment) को रखना होगा।
देवेगौड़ा ने सुझाव दिया कि:
-
छोटे शहरों और ग्रामीण भारत में युवाओं के लिए सम्मानजनक नौकरियां पैदा करना सफलता का असली पैमाना होना चाहिए।
-
किसानों की मदद के लिए कटहल, इमली और जामुन बोर्ड जैसे विशेष बोर्ड बनाए जाने चाहिए।
सदन में बढ़ा तनाव
राहुल गांधी की टिप्पणियों, विशेषकर प्रधानमंत्री के प्रति “डर” और “दबाव” जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता बिना तथ्यों के सदन को गुमराह कर रहे हैं।
क्या आपको लगता है कि भारत-यूएस ट्रेड डील वाकई भारतीय किसानों के लिए खतरा है? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

