कोलकाता/मध्यमग्राम | 7 मई, 2026 | Chandranath Rath Murder: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद राज्य में राजनीतिक हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बेहद चौंकाने वाली और खौफनाक घटना में, पश्चिम बंगाल के कद्दावर बीजेपी नेता और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के बेहद करीबी सहयोगी और निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ (Chandranath Rath) की मध्यमग्राम में निर्मम हत्या कर दी गई।
जांचकर्ताओं के अनुसार, यह एक साधारण हत्या नहीं, बल्कि एक बेहद पेशेवर और “पहले से तय सुपारी किलिंग” (Contract Killing) का मामला लग रहा है। हमलावरों ने जिस तरह से इस वारदात को अंजाम दिया, उससे साफ है कि उन्होंने इलाके की रेकी (Recce) की थी और भागने के रास्ते की भी पूरी प्लानिंग की थी।
वारदात का खौफनाक मंज़र: 10 गोलियां और ‘ग्लॉक’ पिस्तौल
घटना बुधवार (6 मई, 2026) की रात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में जेसोर रोड के पास हुई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चंद्रनाथ रथ अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से जा रहे थे, तभी दो वाहनों ने उनका पीछा करना शुरू किया।
साजिश का खुलासा:
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पीछा और घेराबंदी: एक सिल्वर रंग की सैंट्रो कार (रजिस्ट्रेशन नंबर WB74AX2270) और एक बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल रथ की गाड़ी का पीछा कर रही थी।
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गाड़ी को रुकवाना: सैंट्रो कार ने अचानक रथ की स्कॉर्पियो को ओवरटेक किया और उसे धीमा करने के लिए मजबूर किया।
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अंधाधुंध फायरिंग: जैसे ही स्कॉर्पियो धीमी हुई, मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने बेहद करीब से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों ने लगभग 10 राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें से अधिकांश गोलियां रथ के सीने, पेट और सिर में लगीं। घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि हमलावरों की मोटरसाइकिल पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी, जो इस बात को पक्का करता है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी।
चंद्रनाथ रथ को तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ड्राइवर की हालत नाजुक; फॉरेंसिक टीम मौके पर
इस अंधाधुंध फायरिंग में रथ का ड्राइवर भी गंभीर रूप से घायल हो गया है। उसे कोलकाता के SSKM अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुँच गईं। घटनास्थल से गोलियों के खोखे और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस को शक है कि हमलावरों ने ऑस्ट्रियाई निर्मित ‘ग्लॉक’ (Glock) पिस्तौल जैसे परिष्कृत छोटे हथियार का इस्तेमाल किया हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही होगी। गाड़ी की खिड़कियों पर गोलियों के निशान फायरिंग की तीव्रता को बयाँ कर रहे थे।
DGP और पुलिस की कार्रवाई: एक कार जब्त, CCTV खंगाल रहे
पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्धार्थ नाथ गुप्ता ने बताया कि जांचकर्ताओं ने इस मामले से जुड़ी एक कार को जब्त कर लिया है। “जब्त की गई कार की नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ की गई थी। हमने वाहन को जब्त कर लिया है और उससे कारतूस और जिंदा राउंड बरामद किए हैं। कई CCTV फुटेज की जाँच की जा रही है,” उन्होंने कहा।
पुलिस जेसोर रोड और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज को खंगाल रही है ताकि संदिग्धों की आवाजाही का पता लगाया जा सके। स्थानीय गवाहों से भी पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, तीन स्थानीय कुख्यात अपराधियों (History Sheeters) से पूछताछ चल रही है, हालांकि मुख्य हमलावर अभी भी फरार हैं।
शुभेंदु अधिकारी का बयान: “यह एक व्यक्तिगत क्षति है”
इस हत्याकांड पर प्रतिक्रिया देते हुए शुभेंदु अधिकारी ने इसे एक “पहले से तय हत्या” और एक “व्यक्तिगत क्षति” बताया। उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की। “मध्यमग्राम के आसपास कई घटनाएं हुई हैं। पुलिस पूरे मामले की जाँच कर रही है। यह एक पहले से तय हत्या है। यह मेरे लिए एक व्यक्तिगत क्षति है,” अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा। “मैं सभी बीजेपी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील करता हूँ। यह एक दर्दनाक हत्या है। पुलिस ने हमें इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है,” उन्होंने जोड़ा। बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य भी हमले के बाद अस्पताल पहुँचे।
राजनीतिक घमासान: अभिषेक बनर्जी पर आरोप; TMC का इनकार
इस हत्याकांड ने बंगाल की राजनीति में उबाल ला दिया है। बीजेपी ने सीधे तौर पर टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर इस हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है।
बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया, “अभिषेक बनर्जी ने इस हत्या की साजिश रची है। वे यह संदेश देना चाहते हैं कि भले ही वे सत्ता में नहीं हैं, लेकिन वे अभी भी हमारे ऊपर एक ताकत हैं।” उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “वे मूर्ख हैं। उन्हें उनका जवाब मिलेगा।”
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और हत्या की कड़ी निंदा की। पार्टी ने एक बयान में कहा कि लोकतंत्र में हिंसा और राजनीतिक हत्याओं के लिए कोई जगह नहीं है और इस घटना की कोर्ट की निगरानी में जाँच (Court-Monitored Probe) की मांग की।
रथ हत्याकांड: एक नज़र में मुख्य विवरण
| विवरण | जानकारी |
| मृतक | चंद्रनाथ रथ (शुभेंदु अधिकारी के PA) |
| स्थान | मध्यमग्राम, उत्तर 24 परगना (जेसोर रोड) |
| वारदात का तरीका | professional ambush (पीछा, घेराबंदी, फायरिंग) |
| गोलियां | लगभग 10 राउंड (सीना, पेट, सिर में) |
| शक | ऑस्ट्रियाई ग्लॉक पिस्तौल (Austrian Glock Pistol) |
| वाहन | स्कॉर्पियो (रथ की), सैंट्रो (जब्त), बिना नंबर की बाइक (फरार) |
| घायल | ड्राइवर (हालत नाजुक, SSKM में भर्ती) |
| आरोप | बीजेपी ने अभिषेक बनर्जी पर साजिश का आरोप लगाया |
चंद्रनाथ रथ की मध्यमग्राम में हुई यह ‘सुपारी किलिंग’ पश्चिम बंगाल में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद शुरू हुए खूनी संघर्ष का सबसे भयानक चेहरा है। शुभेंदु अधिकारी के PA की इस तरह पेशेवर साजिश के तहत हत्या करना यह दर्शाता है कि बंगाल में राजनीतिक दुश्मनी एक खतरनाक स्तर पर पहुँच चुकी है। अब सबकी नज़रें पुलिस जाँच पर हैं कि क्या वे इस हाई-टेक साजिश के असली मास्टरमाइंड तक पहुँच पाते हैं या यह भी बंगाल की अन्य राजनीतिक हत्याओं की तरह एक अनसुलझी पहेली बन कर रह जाएगी।

