नई दिल्ली | 15 मई, 2026 | NEET-UG 2026 Re-Exam Date: देश के लाखों मेडिकल उम्मीदवारों का इंतजार खत्म हुआ। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने घोषणा की है कि रद्द की गई NEET-UG 2026 परीक्षा अब 21 जून (रविवार) को दोबारा आयोजित की जाएगी। यह फैसला 3 मई को हुई परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बाद लिया गया है। केंद्र सरकार के निर्देश पर अब इस पूरे मामले की कमान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के हाथों में है, जो इस रैकेट की जड़ों तक पहुँचने के लिए देशव्यापी छापेमारी कर रही है।
क्यों रद्द करनी पड़ी 3 मई की परीक्षा?
नीट परीक्षा को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब जांच एजेंसियों को एक तथाकथित ‘गेस पेपर’ (Guess Paper) के सबूत मिले। जांच में सामने आया कि परीक्षा से करीब 15 दिन से एक महीने पहले ही 410 सवालों का एक दस्तावेज छात्रों के बीच सर्कुलेट किया गया था।
चौंकाने वाले तथ्य:
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जांचकर्ताओं का दावा है कि इस गेस पेपर के केमिस्ट्री (Chemistry) के करीब 120 सवाल असली परीक्षा के पेपर से हूबहू मेल खाते थे।
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बायोलॉजी के भी 100 से अधिक सवाल ‘स्ट्राइकिंग सिमिलरिटीज’ (अत्यधिक समानता) दर्शाते हैं।
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राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के अनुसार, यह सामग्री व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए परीक्षा से महज 42 घंटे पहले भी धड़ल्ले से बांटी गई थी।
CBI की जांच तेज: ‘इनसाइडर’ की भूमिका पर शक
सीबीआई अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या पेपर लीक में सिस्टम के अंदर बैठे किसी व्यक्ति का हाथ है। जांच एजेंसी उन सभी लोगों की सूची खंगाल रही है जिनके पास पेपर सील होने से पहले उसकी पहुँच थी। इसमें प्रश्न पत्र सेट करने वाले विशेषज्ञ, प्रोफेसर और अनुवादक (Translators) शामिल हैं।
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पुणे से गिरफ्तारी: सीबीआई ने पुणे से मनीषा वाघमारे नामक महिला को गिरफ्तार किया है, जो एक ब्यूटी पार्लर चलाती है। आरोप है कि वह इस नेटवर्क में मध्यस्थ (Intermediary) के रूप में काम कर रही थी और दर्जनों बैंक खातों के जरिए पैसों का लेनदेन कर रही थी।
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लातूर में प्रोफेसर हिरासत में: महाराष्ट्र के कोचिंग हब लातूर से एक रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर को हिरासत में लिया गया है। यह प्रोफेसर नीट के ‘मराठी अनुवाद पैनल’ का हिस्सा थे। आशंका है कि अनुवाद प्रक्रिया के दौरान ही पेपर की गोपनीयता भंग की गई।
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अब तक 7 गिरफ्तारियां: जयपुर, गुड़गांव, नासिक और अहिल्या नगर सहित विभिन्न शहरों से अब तक कुल 7 लोग पकड़े जा चुके हैं।
छात्रों के लिए क्या बदलेगा?
एनटीए ने साफ किया है कि यह फैसला “छात्रों के हित” में और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए लिया गया है।
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नया शेड्यूल: 21 जून को होने वाली परीक्षा के लिए विस्तृत गाइडलाइंस और एडमिट कार्ड जारी करने का समय जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर सूचित किया जाएगा।
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पुराना डेटा: छात्रों को दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी, उनके पुराने पंजीकरण ही मान्य रहेंगे।
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सुरक्षा: री-एग्जाम के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि 3 मई जैसी घटना दोबारा न हो।
देशभर में आक्रोश और प्रदर्शन
परीक्षा रद्द होने के बाद देश के कई हिस्सों में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) सहित कई छात्र संगठनों ने पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए। छात्रों का कहना है कि एनटीए की लापरवाही के कारण उनकी महीनों की मेहनत और भविष्य दांव पर लग गया है।
NEET-UG 2026: जांच की अब तक की स्थिति
| घटना | विवरण |
| री-एग्जाम की तारीख | 21 जून, 2026 (रविवार) |
| जांच एजेंसी | सीबीआई (CBI) और राजस्थान SOG |
| मुख्य संदिग्ध | अनुवाद पैनल के सदस्य और मध्यस्थ |
| लीक का माध्यम | व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स |
| प्रभावित विषय | केमिस्ट्री और बायोलॉजी के सवालों में अधिकतम समानता |
21 जून की तारीख तय होने से छात्रों को तैयारी के लिए एक और मौका मिला है, लेकिन सीबीआई की जांच जिस दिशा में जा रही है, उसने पूरी परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या 21 जून को होने वाली परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित होगी? यह एनटीए के लिए अब तक की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा है।

