नई दिल्ली | 19 फरवरी, 2026
भारत की मेजबानी में चल रहे ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का चौथा दिन बेहद खास रहा। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया भर के तकनीकी दिग्गजों और वैश्विक नेताओं को संबोधित किया। पीएम मोदी के संबोधन का केंद्र एआई (AI) का मानव जीवन पर प्रभाव और इसके सुरक्षित उपयोग की दिशा में भारत की भूमिका रही।
वैश्विक नेताओं का जमावड़ा
इस शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे प्रभावशाली नेता शामिल हुए।
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इमैनुएल मैक्रों (फ्रांसीसी राष्ट्रपति): उन्होंने एआई के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग पर जोर दिया।
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एंटोनियो गुटेरेस (संयुक्त राष्ट्र महासचिव): उन्होंने तकनीक और नैतिकता (Ethics) के संतुलन पर अपनी बात रखी।
एक्स्पो की अवधि बढ़ी: अब शनिवार तक खुला रहेगा
आम जनता के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। शिखर सम्मेलन की सुरक्षा और आधिकारिक बैठकों के चलते आज प्रदर्शनी (Exhibition) आम लोगों के लिए बंद रखी गई थी। इसकी भरपाई करने के लिए सरकार ने एक्स्पो की अवधि को एक दिन और बढ़ाने का फैसला किया है। अब यह प्रदर्शनी शनिवार, 21 फरवरी तक खुली रहेगी।
आईटी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि बहुपक्षीय कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सुरक्षा इंतजाम थोड़े लचीले होंगे, जिससे लोग आसानी से एआई तकनीकों का अनुभव कर सकेंगे।
विवादों में गलगोटिया यूनिवर्सिटी: प्रदर्शनी से किया गया बाहर
एआई समिट के दौरान एक विवाद भी चर्चा का विषय बना रहा। आयोजकों ने निजी संस्थान गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल को प्रदर्शनी से बाहर कर दिया है।
वजह क्या रही? आईटी सचिव एस. कृष्णन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि यूनिवर्सिटी ने चीन निर्मित ‘रोबोडॉग’ को अपना खुद का ‘इन-हाउस इनोवेशन’ बताकर प्रदर्शित किया था। सरकार ने इस ‘अविश्वसनीय व्यवहार’ के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।
“हम नहीं चाहते कि किसी अनावश्यक विवाद की वजह से अन्य प्रदर्शकों के अच्छे काम पर साया पड़े। तकनीक के क्षेत्र में प्रामाणिकता का पालन करना अनिवार्य है।” — एस. कृष्णन, आईटी सचिव

