नई दिल्ली: दिल्ली में चल रहे ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ (India AI Impact Summit 2026) के पहले दिन हुई फजीहत के बाद नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने एक बड़ा कदम उठाया है। समिट में शामिल होने आए 40 से अधिक देशों के विदेशी मेहमानों के लिए अब ‘UPI One World’ वॉलेट सेवा शुरू कर दी गई है।
अब विदेशी पर्यटक और प्रतिनिधि बिना भारतीय मोबाइल नंबर या बैंक खाते के भी भारत की स्वदेशी तकनीक ‘UPI’ का इस्तेमाल कर सकेंगे।
क्या है ‘UPI One World’ और यह कैसे काम करेगा?
NPCI के अनुसार, यह एक ‘पायलट प्रोजेक्ट’ है जिसका उद्देश्य भारत आने वाले विदेशी नागरिकों को डिजिटल भुगतान का सहज अनुभव देना है।
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बिना लोकल नंबर की सुविधा: विदेशी मेहमानों को UPI इस्तेमाल करने के लिए भारतीय सिम कार्ड की जरूरत नहीं होगी।
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आसान वॉलेट लोड: वे विभिन्न पेमेंट माध्यमों से अपने ‘UPI One World’ वॉलेट में पैसे लोड कर सकेंगे।
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P2M पेमेंट्स: किसी भी दुकान या मर्चेंट पर लगे UPI QR कोड को स्कैन करके तुरंत भुगतान किया जा सकेगा।
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सुरक्षित तकनीक: यह सेवा PPI-UPI एप्लीकेशन के जरिए काम करती है, जो पूरी तरह सुरक्षित और रियल-टाइम है।
डिजिटल इंडिया के कार्यक्रम में ‘कैश’ पर छिड़ा था विवाद
दरअसल, समिट के पहले दिन (16 फरवरी) सोशल मीडिया पर तब हंगामा मच गया जब विदेशी और भारतीय मेहमानों ने डिजिटल पेमेंट की अनुपलब्धता की शिकायत की।
विडंबना की बात: भारत की डिजिटल ताकत दिखाने वाले इस वैश्विक आयोजन में फूड स्टॉल्स पर केवल ‘नकद’ (Cash) स्वीकार किया जा रहा था। एआई मिशन और डिजिटल इंडिया पहल के तहत आयोजित इस समिट में कार्ड या यूपीआई न चलने पर लोगों ने इसे “प्रबंधन की विफलता” बताया।
सोशल मीडिया पर तंज: समिट में आए कुणाल गांधी ने एक्स (Twitter) पर लिखा, “एआई समिट में वाई-फाई नहीं है और डिजिटल इंडिया के वेन्यू पर केवल कैश लिया जा रहा है… ऐसा लगता है कि एआई शतरंज में दुनिया जीत सकता है, कोडिंग कर सकता है, लेकिन भारतीय कुप्रबंधन को नहीं हरा सकता।”
संस्कृति और तकनीक का संगम
NPCI ने अपने बयान में कहा कि इस पहल के जरिए मेहमान भारत की संस्कृति और खान-पान का आनंद लेते हुए “मेड इन इंडिया” तकनीक का अनुभव कर सकेंगे। एआई समिट 20 फरवरी तक चलेगी, और उम्मीद है कि यूपीआई सेवा शुरू होने के बाद अब मेहमानों को भुगतान में कोई परेशानी नहीं होगी।
निष्कर्ष: साख बचाने की कोशिश
भारत दुनिया भर में अपनी डिजिटल भुगतान प्रणाली का लोहा मनवा रहा है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर के एआई समिट में कैश की मांग ने सरकार और आयोजकों की साख पर सवाल खड़े कर दिए थे। ‘UPI One World’ का विस्तार न केवल मेहमानों की मुश्किल हल करेगा, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की डिजिटल छवि को भी मजबूती देगा।

