NMC का सख्त निर्देश: 30 मई तक रिपोर्ट जमा नहीं की तो MBBS सीटों पर अटक सकती है मान्यता

Channelindiaone
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National Medical Commission Notice 2026: देशभर के मेडिकल कॉलेजों और मेडिकल शिक्षा संस्थानों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। National Medical Commission यानी NMC ने सभी मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों को स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि वे शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए MBBS सीटों के नवीनीकरण हेतु Annual Disclosure Report समय पर जमा करें।

यह आदेश अंडर ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड की ओर से जारी किया गया है। जिन मेडिकल संस्थानों के पास वैध Letter of Permission (LoP) है, उन्हें यह प्रक्रिया 30 मई 2026 से पहले हर हाल में पूरी करनी होगी।

NMC ने साफ कर दिया है कि अंतिम तारीख बढ़ाने की कोई मांग स्वीकार नहीं की जाएगी। ऐसे में सभी संस्थानों के लिए तय समयसीमा का पालन करना अनिवार्य होगा।


MBBS सीट रिन्यूअल के लिए रिपोर्ट जमा करना जरूरी

नियमों के तहत अनिवार्य हुई प्रक्रिया

NMC द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सभी मौजूदा मेडिकल कॉलेजों को MSMER 2023 के Regulation 4 के तहत अपनी Annual Disclosure Report जमा करनी होगी।

यह रिपोर्ट केवल NMC के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार की जाएगी।

अगर कोई संस्थान तय समय के भीतर रिपोर्ट जमा नहीं करता है, तो उसे 2026-27 शैक्षणिक सत्र में MBBS एडमिशन जारी रखने की अनुमति मिलने में दिक्कत आ सकती है।

यानी यह सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि कॉलेजों के भविष्य और छात्रों के एडमिशन से जुड़ा अहम कदम है।


AEBAS रजिस्ट्रेशन नहीं तो पोर्टल एक्सेस बंद

बिना पंजीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं होगी

NMC ने यह भी साफ किया है कि जिन मेडिकल कॉलेजों ने अभी तक AEBAS (Aadhaar Enabled Biometric Attendance System) रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं किया है, वे पोर्टल एक्सेस नहीं कर पाएंगे।

संस्थानों के नामित नोडल अधिकारियों को पहले ही लॉगिन क्रेडेंशियल्स भेजे जा चुके हैं।

साथ ही एक विस्तृत यूजर मैनुअल भी पोर्टल पर अपलोड किया गया है, ताकि आवेदन प्रक्रिया को सही तरीके से पूरा किया जा सके।

NMC ने कॉलेज प्रशासन से कहा है कि आवेदन शुरू करने से पहले मैनुअल को ध्यान से पढ़ें और हर निर्देश का पालन करें।


गलत जानकारी देने पर बढ़ सकती है परेशानी

एक बार सबमिट के बाद एडिट नहीं होगा डेटा

NMC ने रिपोर्ट भरने वाले संस्थानों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि पोर्टल पर दर्ज की गई सभी जानकारियां पूरी तरह सही और अन्य NMC बोर्ड्स में दर्ज जानकारी से मेल खानी चाहिए।

एक बार आवेदन सबमिट हो जाने के बाद किसी भी तरह का बदलाव संभव नहीं होगा।

इतना ही नहीं, आयोग ने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर जमा की गई जानकारी सार्वजनिक की जा सकती है।

इसलिए किसी भी तरह की गड़बड़ी या विरोधाभास कॉलेजों के लिए गंभीर प्रशासनिक समस्या बन सकता है।


आवेदन शुल्क भी तय, केवल ऑनलाइन भुगतान मान्य

₹3.54 लाख फीस जमा करना अनिवार्य

Annual Disclosure Report जमा करने के साथ मेडिकल कॉलेजों को आवेदन शुल्क भी भरना होगा।

NMC के मुताबिक कुल फीस ₹3,54,000 तय की गई है, जिसमें 18 प्रतिशत GST शामिल है।

यह भुगतान केवल पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के जरिए ही किया जा सकेगा।

NMC ने साफ कहा है कि किसी अन्य माध्यम से किया गया भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा।


30 मई 2026 आखिरी तारीख, विस्तार की उम्मीद नहीं

इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने की अंतिम तारीख 30 मई 2026 निर्धारित की गई है।

NMC ने स्पष्ट किया है कि डेडलाइन बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है और किसी भी प्रकार की देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इसलिए मेडिकल कॉलेजों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और जल्द से जल्द रिपोर्ट सबमिट कर दें।


छात्रों पर क्या पड़ेगा असर?

कॉलेज की देरी से एडमिशन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है

अगर कोई कॉलेज तय समय पर रिपोर्ट जमा नहीं करता या गलत जानकारी देता है, तो उसकी MBBS सीटों के नवीनीकरण पर असर पड़ सकता है।

ऐसी स्थिति में उस कॉलेज में एडमिशन लेने वाले छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।

इसलिए छात्रों और अभिभावकों को भी कॉलेज की NMC अनुपालन स्थिति पर नजर बनाए रखनी चाहिए।


मेडिकल शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की दिशा में कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि NMC का यह कदम मेडिकल शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए उठाया गया है।

इससे कॉलेजों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और छात्रों को बेहतर संस्थान चुनने में मदद मिलेगी।


निष्कर्ष

National Medical Commission का यह निर्देश मेडिकल कॉलेजों के लिए बेहद अहम है।

Annual Disclosure Report सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि MBBS सीटों की मान्यता और छात्रों के भविष्य से जुड़ा बड़ा कदम है।

कॉलेजों को चाहिए कि वे समयसीमा का पालन करें, डेटा की सटीकता सुनिश्चित करें और आवेदन प्रक्रिया को बिना किसी गलती के पूरा करें।

क्योंकि इस बार NMC ने साफ कर दिया है— देरी या लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है।

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