NEET UG Scam: देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच में पता चला है कि पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी शुभम खैरनार छात्रों को 500 से 600 अंक दिलाने का भरोसा दे रहा था। यह दावा सिर्फ मौखिक नहीं था, बल्कि इसके सबूत व्हाट्सऐप चैट्स में मिले हैं।
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद मेडिकल प्रवेश परीक्षा की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लाखों छात्र जिन्होंने मेहनत से परीक्षा दी थी, अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। परीक्षा रद्द होने के बाद अब इसे दोबारा 21 जून को आयोजित किया जाएगा।
व्हाट्सऐप चैट से खुला खेल का पूरा राज
CBI को शुभम खैरनार के मोबाइल फोन से कई चैट रिकॉर्ड मिले हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी लगातार अपने साथियों और कुछ उम्मीदवारों के संपर्क में था। चैट्स में उसने साफ तौर पर छात्रों को भरोसा दिलाया था कि उन्हें अच्छे नंबर दिलवाए जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार, अप्रैल के शुरुआती दिनों में शुभम ने पुणे के यश यादव नाम के व्यक्ति से प्रश्नपत्र हासिल करने की बातचीत शुरू की थी। 29 अप्रैल तक सौदा तय हो चुका था। इसके बाद छात्रों और उनके परिवारों को मेडिकल कॉलेज में एडमिशन का सपना दिखाकर उनसे मोटी रकम वसूली गई।
NEET परीक्षा कुल 720 अंकों की होती है और 500-600 अंक पाने वाला छात्र अच्छे सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पा सकता है। यही लालच दिखाकर पूरा खेल खेला गया।
कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क
महाराष्ट्र से हरियाणा और राजस्थान तक पहुंच
जांच एजेंसियों के मुताबिक यह सिर्फ एक स्थानीय गिरोह नहीं था। महाराष्ट्र से शुरू हुआ यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैल चुका था।
हरियाणा के गुरुग्राम, राजस्थान के जयपुर और सीकर, बिहार, जम्मू-कश्मीर और केरल तक लीक पेपर पहुंचने की बात सामने आई है। खासकर सीकर का नाम सामने आना इसलिए भी अहम है क्योंकि यह देश का बड़ा कोचिंग हब माना जाता है।
CBI को शक है कि इस नेटवर्क में कई एजेंट और बिचौलिए शामिल हैं जो अलग-अलग राज्यों में छात्रों तक पहुंच बना रहे थे।
कौन है शुभम खैरनार?
BAMS छात्र से बना घोटाले का मास्टरमाइंड
30 वर्षीय शुभम खैरनार महाराष्ट्र के नासिक का निवासी है और BAMS की पढ़ाई कर रहा है। जांच में पता चला कि उसने पुणे के एक संदिग्ध व्यक्ति से 10 लाख रुपये में पेपर खरीदा था।
इसके बाद उसने यही पेपर हरियाणा के एक खरीदार को 15 लाख रुपये में बेच दिया। इस सौदे से उसने 5 लाख रुपये का मुनाफा कमाया।
जांच एजेंसियों का मानना है कि शुभम अकेला नहीं है। उसके पीछे एक बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा था जो लंबे समय से इस तरह के घोटालों में सक्रिय हो सकता है।
लुक बदलकर बचना चाहता था आरोपी
CBI ने शुभम को मंगलवार को नासिक से हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के वक्त वह मंदिर जाने की तैयारी में था।
अधिकारियों के अनुसार, उसने पहचान छिपाने के लिए अपने बाल कटवा लिए थे और लुक बदल लिया था। लेकिन तकनीकी निगरानी और पुराने फोटो के जरिए उसकी पहचान कर ली गई।
पूछताछ में उससे कई अहम जानकारियां मिली हैं और अब जांच एजेंसी उसके संपर्क में रहे अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
छात्रों के भविष्य पर पड़ा असर
इस घोटाले का सबसे बड़ा नुकसान उन लाखों छात्रों को हुआ है जिन्होंने ईमानदारी से परीक्षा दी थी।
परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों की तैयारी की रणनीति बिगड़ गई है। कई छात्र मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं क्योंकि अब उन्हें दोबारा तैयारी करनी होगी।
अभिभावकों का कहना है कि मेहनत करने वाले बच्चों के साथ यह बड़ा अन्याय है और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
क्या अब सुरक्षित होगी परीक्षा?
सरकार और परीक्षा एजेंसियों ने भरोसा दिलाया है कि 21 जून को होने वाली परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित होगी।
इस बार परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी, डिजिटल सुरक्षा और प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
हालांकि छात्रों का भरोसा वापस जीतना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
निष्कर्ष
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला देश की शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। शुभम खैरनार की गिरफ्तारी और व्हाट्सऐप चैट्स से यह साफ हो गया है कि यह एक सुनियोजित साजिश थी।
अब छात्रों और अभिभावकों की नजर CBI जांच और सरकार की अगली कार्रवाई पर है। देश उम्मीद कर रहा है कि दोषियों को सख्त सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

