Jana Nayagan Movie Release: तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय की आने वाली फिल्म ‘जना नायकन’ (Jana Nayagan) को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अब खत्म होने की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में फिल्म के निर्माताओं को सेंसर बोर्ड के खिलाफ दायर की गई याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी है।
इस फैसले के बाद अब फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC की रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजा जा सकेगा। इससे फिल्म की रिलीज का रास्ता काफी हद तक साफ हो गया है।
कोर्ट में क्या हुआ?
फिल्म के निर्माता KVN प्रोडक्शंस की ओर से हाईकोर्ट में एक पत्र दाखिल किया गया था। इस पत्र में कहा गया कि वे अपनी याचिका वापस लेना चाहते हैं।
यह मामला न्यायमूर्ति पी.टी. आशा के सामने पेश हुआ, जहां अदालत ने याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी।
इसके बाद कोर्ट ने मामले को समाप्त कर दिया और फिल्म को सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ने का मौका मिल गया।
क्यों टली थी फिल्म की रिलीज?
‘जना नायकन’ को पहले जनवरी के मध्य में पोंगल के मौके पर रिलीज किया जाना था। दर्शकों को उम्मीद थी कि यह फिल्म त्योहार पर सिनेमाघरों में आएगी।
लेकिन सेंसर सर्टिफिकेट से जुड़ी दिक्कतों के कारण इसकी रिलीज रोक दी गई। बिना प्रमाणपत्र के किसी भी फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज नहीं किया जा सकता।
यही वजह रही कि जनवरी से ही फिल्म की रिलीज को लेकर अनिश्चितता बनी रही।
सेंसर बोर्ड से जुड़ा विवाद
इस मामले की शुरुआत तब हुई, जब एकल पीठ ने CBFC को निर्देश दिया कि वह फिल्म को जल्द से जल्द U/A सर्टिफिकेट दे।
हालांकि, बाद में हाईकोर्ट की दूसरी बेंच ने इस आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि फिल्म में सेना और धार्मिक भावनाओं से जुड़े कुछ संदर्भ हैं, जिन पर दोबारा विचार जरूरी है।
कोर्ट का मानना था कि इन विषयों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। इसलिए सेंसर बोर्ड को पूरी जांच करनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
हाईकोर्ट के फैसले के बाद CBFC ने सुप्रीम कोर्ट में भी कैविएट दाखिल की।
इसमें कहा गया कि फिल्म की रिलीज से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले सेंसर बोर्ड को सुना जाए।
इससे साफ हो गया था कि मामला काफी संवेदनशील है और कानूनी स्तर पर गंभीरता से लिया जा रहा है।
विजय की राजनीति में एंट्री से जुड़ी फिल्म
‘जना नायकन’ को थलापति विजय की आखिरी फिल्म माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फिल्म के बाद विजय सक्रिय राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं।
इसी वजह से यह फिल्म सिर्फ एक मनोरंजन प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि विजय के करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बन गई है।
फिल्म में सामाजिक मुद्दों, आम जनता की समस्याओं और सिस्टम से जुड़े सवालों को दिखाया गया है।
दर्शकों में जबरदस्त उत्साह
फिल्म रिलीज न होने के बावजूद दर्शकों का उत्साह कम नहीं हुआ है।
BookMyShow पर इस फिल्म को लेकर 10 लाख से ज्यादा लोगों ने इंटरेस्ट दिखाया है। यह आंकड़ा बताता है कि लोग इसे देखने के लिए कितने उत्सुक हैं।
सोशल मीडिया पर भी फिल्म से जुड़े पोस्ट और ट्रेलर लगातार वायरल हो रहे हैं।
अब आगे क्या होगा?
अब फिल्म को CBFC की रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजा जाएगा।
कमेटी फिल्म को दोबारा देखेगी और अगर जरूरत पड़ी तो कुछ बदलाव सुझा सकती है।
इसके बाद फिल्म को सर्टिफिकेट मिलेगा और मेकर्स नई रिलीज डेट का ऐलान कर सकते हैं।
माना जा रहा है कि अगर सब कुछ सही रहा, तो फिल्म जल्द ही सिनेमाघरों में आ सकती है।
फिल्म इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया
फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि ‘जना नायकन’ तमिल सिनेमा की बड़ी फिल्मों में से एक साबित हो सकती है।
विजय की लोकप्रियता और फिल्म के विषय को देखते हुए इसे बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता मिलने की उम्मीद है।
निर्माता और वितरक भी अब राहत की सांस ले रहे हैं।
निष्कर्ष
मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के बाद ‘जना नायकन’ की रिलीज को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। याचिका वापस लेने से कानूनी अड़चनें काफी हद तक दूर हो गई हैं।
अब सबकी नजरें सेंसर बोर्ड के अगले फैसले पर टिकी हैं। अगर फिल्म को जल्द सर्टिफिकेट मिल जाता है, तो दर्शकों को विजय की आखिरी फिल्म जल्द देखने को मिल सकती है।

