जम्मू: जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले से सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी कामयाबी की खबर आई है। बसंतगढ़ के जोफर जंगलों में सुरक्षाबलों ने एक भीषण मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के दो खूंखार पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया है। यह ऑपरेशन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जम्मू-कश्मीर दौरे से ठीक पहले हुआ है।
खुफिया इनपुट पर शुरू हुआ ‘ऑपरेशन किया’ (Operation Kiya)
इस सैन्य कार्रवाई को ‘ऑपरेशन किया’ कोडनेम दिया गया था। इसकी शुरुआत 3 फरवरी को हुई थी, जब जम्मू-कश्मीर पुलिस को बसंतगढ़ इलाके में जैश के आतंकियों की मौजूदगी का सटीक इनपुट मिला था। इस ऑपरेशन को भारतीय सेना की ‘व्हाइट नाइट कॉर्प्स’ (16 कॉर्प्स) की विशिष्ट इकाई सीआईएफ डेल्टा (CIF Delta), जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) ने मिलकर अंजाम दिया।
गुफा में छिपे थे आतंकी, स्निफर डॉग्स की ली गई मदद
मुठभेड़ काफी चुनौतीपूर्ण थी क्योंकि आतंकवादी घने जंगलों के बीच एक गुफा (Hideout) में छिपे हुए थे। आतंकियों की सही लोकेशन का पता लगाने के लिए सुरक्षाबलों ने कैमरों से लैस स्निफर डॉग्स का इस्तेमाल किया। पूरी रात रुक-रुक कर फायरिंग होती रही ताकि आतंकी घेरा तोड़कर भाग न सकें।
अंत में, सुरक्षाबलों ने रणनीति बदलते हुए रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) से गुफा के मुहाने को निशाना बनाया, जिसमें दोनों आतंकी कमांडर मारे गए।
भारी मात्रा में घातक हथियार बरामद
मारे गए आतंकियों के पास से सुरक्षाबलों को अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा मिला है, जिसमें शामिल हैं:
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M4 कार्बाइन राइफलें
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AK-47 राइफलें
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भारी मात्रा में गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री।
स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस
ये आतंकी पिछले कई महीनों से इलाके में सक्रिय थे और अपना बेस बनाने की कोशिश कर रहे थे। गौरतलब है कि पिछले साल 15 दिसंबर को इसी इलाके में एक स्पेशल पुलिस ऑफिसर (SPO) की शहादत हुई थी, जिसके बाद से सुरक्षाबल इन आतंकियों की तलाश में थे। इनकी मौत से स्थानीय निवासियों ने चैन की सांस ली है।
सेना के ‘व्हाइट नाइट कॉर्प्स’ ने सोशल मीडिया (X) पर जानकारी साझा करते हुए कहा, “यह ऑपरेशन विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतरीन तालमेल, सामरिक सटीकता और उच्च स्तरीय पेशेवर मानकों का उदाहरण है।”

