डावोस में दिखा बदला-बदला माहौल, कई बड़े नेता कार्यक्रम से रहे दूर
डावोस।
विश्व आर्थिक मंच (WEF) के दौरान डावोस में हुए “बोर्ड ऑफ पीस” के साइनिंग सेरेमनी में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी जरूर रही, लेकिन इस बार उनके सामने वही “दुनिया के ताकतवर चेहरे” नहीं थे जो आमतौर पर डावोस में नजर आते हैं।
जब मंच से आवाज आई — “अब बोर्ड ऑफ पीस के चेयरमैन का स्वागत कीजिए” — तो ट्रंप उसी हॉल में पहुंचे, जहाँ एक दिन पहले उन्होंने वैश्विक नेताओं को संबोधित किया था। मगर इस बार दर्शक दीर्घा में बैठे लोग कुछ अलग ही थे।
मजबूत छवि वाले नेता, लेकिन भीड़ कम
इस कार्यक्रम में जिन नेताओं को बुलाया गया था, उनमें अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली, हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो जैसे नाम शामिल थे — जिन्हें अंतरराष्ट्रीय राजनीति में “स्ट्रॉन्गमैन” नेताओं के रूप में देखा जाता है।
हालाँकि, हॉल में मौजूद लोगों की संख्या 20 से भी कम थी। तालियाँ भी बेहद हल्की थीं और माहौल कुछ ठंडा-सा नजर आया।
ट्रंप बोले – “मुझे ये सब पसंद हैं”
मंच से ट्रंप ने हल्के अंदाज़ में कहा,
“ये सब मेरे दोस्त हैं… कुछ मुझे बहुत पसंद हैं, कुछ कम… नहीं, दरअसल मुझे ये पूरा ग्रुप ही पसंद है।”
उनके एक तरफ अज़रबैजान के राष्ट्रपति बैठे थे और दूसरी तरफ आर्मेनिया के प्रधानमंत्री। ट्रंप ने दावा किया कि इन दोनों देशों के बीच शांति समझौता उनके कार्यकाल की बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
बड़े नामों की गैरमौजूदगी चर्चा में
इस कार्यक्रम को लेकर एक और दिलचस्प बात यह रही कि कई बड़े वैश्विक नेता इसमें शामिल नहीं हुए। जितनी लंबी निमंत्रण सूची थी, उतनी ही लंबी उन नेताओं की “माफी की सूची” भी बताई जा रही है, जिन्होंने किसी न किसी बहाने से इस कार्यक्रम से दूरी बना ली।

