भारत में गर्मियों के आगमन से पहले ही एयर कंडीशनर (AC) खरीदने वाले ग्राहकों को बड़ा झटका लगा है। देश की प्रमुख एसी निर्माता कंपनियों ने अपने उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। उद्योग से जुड़ी जानकारी के अनुसार कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण एसी की कीमतों में करीब 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। इस बढ़ोतरी का असर खास तौर पर मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है, क्योंकि गर्मी के मौसम में एसी की मांग सबसे ज्यादा रहती है और इसी समय कीमतों में बढ़ोतरी की गई है।
प्रमुख कंपनियों ने बढ़ाई कीमतें
देश की प्रमुख एयर कंडीशनर कंपनियां ने अपने कई मॉडलों की कीमतों में 15% तक की बढ़ोतरी कर दी है। इसके अलावा कुछ अन्य कंपनियां भी कीमतें बढ़ाने की तैयारी में हैं। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार कंपनियों का कहना है कि कच्चे माल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण उत्पादन लागत काफी बढ़ गई है, जिसके चलते कीमतों को बढ़ाना मजबूरी बन गया है।
कच्चे माल की बढ़ती लागत बना मुख्य कारण
एयर कंडीशनर के निर्माण में कॉपर, एल्यूमीनियम, स्टील और प्लास्टिक जैसे कई कच्चे माल का इस्तेमाल होता है। पिछले कुछ महीनों में इन सभी धातुओं की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ोतरी देखी गई है। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स और आयात से जुड़ी लागत भी बढ़ी है। एसी के कई महत्वपूर्ण पुर्जे विदेशों से आयात किए जाते हैं। डॉलर की मजबूती और शिपिंग लागत में बढ़ोतरी का असर भी कीमतों पर पड़ा है।
गर्मियों से पहले बढ़ती मांग
भारत में मार्च से ही कई राज्यों में गर्मी का असर शुरू हो जाता है। खासकर उत्तर और पश्चिम भारत में अप्रैल से जून के बीच एसी की बिक्री अपने चरम पर होती है। कंपनियों के अनुसार इसी समय सबसे ज्यादा मांग आती है, इसलिए उत्पादन लागत में बढ़ोतरी का असर सीधे खुदरा कीमतों पर दिखाई दे रहा है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में अगर कच्चे माल की कीमतें और बढ़ती हैं तो एसी की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है।
उपभोक्ताओं पर क्या पड़ेगा असर
कीमतों में बढ़ोतरी का असर सबसे ज्यादा उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो इस साल नया एसी खरीदने की योजना बना रहे हैं। उदाहरण के तौर पर अगर किसी एसी की कीमत पहले 35,000 रुपये थी, तो 15 प्रतिशत बढ़ोतरी के बाद उसकी कीमत करीब 40,000 रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि कुछ कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए बैंक ऑफर, ईएमआई विकल्प और सीजनल डिस्काउंट देने की योजना बना रही हैं ताकि बिक्री पर ज्यादा असर न पड़े।
ऑनलाइन और ऑफलाइन बाजार में भी असर
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और ऑफलाइन इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार दोनों में एसी की नई कीमतें लागू हो चुकी हैं। रिटेलर्स के अनुसार कई कंपनियों ने नए स्टॉक पर बढ़ी हुई कीमतें लागू कर दी हैं। कुछ दुकानदारों का कहना है कि पुराने स्टॉक पर अभी भी थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन जैसे-जैसे नया स्टॉक बाजार में आएगा, कीमतें पूरी तरह बढ़ी हुई दिखाई देंगी।
भारत में एसी बाजार तेजी से बढ़ रहा
भारत में एयर कंडीशनर बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। बढ़ती गर्मी, शहरीकरण और लोगों की बढ़ती आय के कारण एसी की मांग हर साल बढ़ रही है। उद्योग रिपोर्ट के अनुसार आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के सबसे बड़े एसी बाजारों में से एक बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ऊर्जा दक्ष और इन्वर्टर तकनीक वाले एसी की मांग तेजी से बढ़ेगी। हालांकि कीमतों में बढ़ोतरी से अल्पकालिक रूप से बिक्री पर कुछ असर पड़ सकता है।
आगे और बढ़ सकती हैं कीमतें
उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में धातुओं और अन्य कच्चे माल की कीमतों में गिरावट नहीं आती है तो आने वाले महीनों में एसी की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। गर्मी के मौसम के दौरान मांग बढ़ने के कारण कंपनियां उत्पादन बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन लागत में बढ़ोतरी उनके लिए चुनौती बनी हुई है। कुल मिलाकर इस साल गर्मी में एसी खरीदना पिछले साल की तुलना में महंगा साबित हो सकता है। कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और उत्पादन लागत में वृद्धि के कारण कंपनियों ने अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ा दी हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को एसी खरीदने से पहले विभिन्न ब्रांड और ऑफर की तुलना करना जरूरी होगा।

