AI Summit protests: यूथ कांग्रेस के 5 सदस्यों की पुलिस कस्टडी बढ़ी, निशिकांत दुबे के प्रस्ताव पर मचा घमासान

Channelindiaone
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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट’ के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। दिल्ली की एक अदालत ने इस मामले में गिरफ्तार भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के पांच सदस्यों की पुलिस हिरासत चार दिनों के लिए बढ़ा दी है।

बता दें कि सोमवार (23 फरवरी, 2026) को आईवाईसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को भी इस विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।

संसदीय समिति में प्रस्ताव पर विवाद

इस बीच, मंगलवार को संचार और सूचना प्रौद्योगिकी पर बनी संसदीय स्थाई समिति (Parliamentary Standing Committee) में भी इस मुद्दे पर भारी हंगामा देखने को मिला। समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पिछले हफ्ते समिट के दौरान हुए “शर्टलेस” (बिना शर्ट के) विरोध प्रदर्शन की कड़ी निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पेश किया।

प्रस्ताव की मुख्य बातें:

  • ध्वनि मत से पारित: इस प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। इसमें एनडीए के 10 सांसदों ने समर्थन किया, जबकि विपक्ष के 6 सदस्यों ने इसके खिलाफ वोट दिया।

  • विपक्ष का विरोध: कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC), शिवसेना (UBT) और समाजवादी पार्टी (SP) के सदस्यों ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। विपक्षी सांसदों ने निशिकांत दुबे पर समिति का राजनीतिकरण करने और बिना सलाह-मशविरे के प्रस्ताव लाने का आरोप लगाया।

  • सोशल मीडिया पर वार-पलटवार: प्रस्ताव पारित होने के बाद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, “हम गुंडागर्दी के खिलाफ हैं।” उन्होंने इस घटना को ‘घोर कदाचार’ करार दिया।

राहुल गांधी की सदस्यता पर भी संकट?

निशिकांत दुबे ने केवल इस प्रस्ताव तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ भी मोर्चा खोल रखा है। दुबे ने राहुल गांधी की सदस्यता खत्म करने की मांग करते हुए एक औपचारिक प्रस्ताव पेश किया है। उम्मीद जताई जा रही है कि संसद के बजट सत्र के दूसरे हिस्से (9 मार्च से शुरू) में इस पर चर्चा हो सकती है।

क्या था मामला?

20 फरवरी को दिल्ली में ‘AI इम्पैक्ट समिट’ का आयोजन किया गया था। जहाँ एक तरफ इस समिट के सफल आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की जा रही थी, वहीं दूसरी तरफ युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने वहां पहुंचकर प्रदर्शन किया था। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान नियमों का उल्लंघन किया गया।


घटनाक्रम पर एक नज़र:

तारीख मुख्य घटना
20 फरवरी AI समिट के दौरान युवा कांग्रेस का ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन।
23 फरवरी IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी।
24 फरवरी संसदीय समिति में निंदा प्रस्ताव पारित।
26 फरवरी 5 सदस्यों की पुलिस कस्टडी 4 दिन के लिए बढ़ी।
09 मार्च संसद के बजट सत्र के दूसरे भाग में राहुल गांधी पर प्रस्ताव संभव।

हमारा विश्लेषण: यह मामला अब केवल एक विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक बड़ी राजनीतिक लड़ाई में बदल चुका है। आने वाले दिनों में कोर्ट की कार्यवाही और संसद का सत्र इस पर और स्पष्टता लाएगा।

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