नई दिल्ली | 25 अप्रैल, 2026 | BJP on Arvind Kejriwal’s Sheesh Mahal 2: दिल्ली की सियासत में ‘बंगला विवाद’ एक बार फिर केंद्र में आ गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के नए सरकारी आवास को लेकर तीखा हमला बोला है। दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री और बीजेपी नेता परवेश साहिब सिंह वर्मा ने केजरीवाल के 95, लोधी एस्टेट स्थित नए बंगले को ‘शीश महल 2’ करार देते हुए सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।
परवेश वर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ तस्वीरें और वीडियो दिखाते हुए दावा किया कि जो व्यक्ति कभी ‘आम आदमी’ की तरह रहने की कसमें खाता था, वह अब आलीशान और विलासितापूर्ण जीवन का आदी हो चुका है।
“दिल्ली का रहमान डकैत”: परवेश वर्मा के तीखे बोल
बीजेपी नेता परवेश वर्मा ने केजरीवाल पर हमला करते हुए उन्हें “दिल्ली का रहमान डकैत” तक कह दिया। वर्मा ने आरोप लगाया कि दिल्ली के मतदाताओं द्वारा नकार दिए जाने के बाद अब केजरीवाल का ध्यान पंजाब पर है।
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पंजाब कनेक्शन: वर्मा का दावा है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास के आसपास के कई सरकारी बंगलों पर आप नेताओं (केजरीवाल, सत्येंद्र जैन, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह) का कब्जा है, जिससे खुद भगवंत मान भी परेशान हैं।
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95 लोधी एस्टेट: वर्मा ने कहा, “कल ही वह 95 लोधी एस्टेट में शिफ्ट हुए हैं। यह वही व्यक्ति है जो कहता था कि मैं सरकारी घर नहीं लूंगा, लेकिन अब उन्होंने इसे दूसरे ‘शीश महल’ में बदल दिया है।”
वर्मा ने आगे तंज कसते हुए कहा कि जब उन्होंने पिछला ‘शीश महल’ देखा था, तो उन्हें आश्चर्य हुआ था कि कोई इतने वैभव के बीच सो कैसे पाता है।
AAP का पलटवार: “तस्वीरें फर्जी हैं, मानहानि का केस करेंगे”
आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने परवेश वर्मा द्वारा दिखाए गए विजुअल्स को “पूरी तरह से फर्जी” बताया है।
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कानूनी कार्रवाई की चेतावनी: संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर चेतावनी दी कि परवेश वर्मा और इन तस्वीरों को दिखाने वाले टीवी चैनलों को मानहानि के मुकदमों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
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चुनौती: संजय सिंह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, एलजी वी.के. सक्सेना और परवेश वर्मा को चुनौती दी कि वे अपने घर जनता के लिए खोलें, केजरीवाल भी अपना घर खोल देंगे। फिर जनता तय करे कि किसका घर वाकई ‘लक्जरी’ है।
दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने भी स्पष्ट किया कि परवेश वर्मा द्वारा साझा की गई कोई भी तस्वीर केजरीवाल के आवास की नहीं है और यह केवल छवि खराब करने की कोशिश है।
AAP के लिए ‘ब्लैक फ्राइडे’: 7 सांसदों का इस्तीफा
यह विवाद ऐसे समय में आया है जब आम आदमी पार्टी अपने सबसे बड़े राजनीतिक संकट से गुजर रही है। कल ही राघव चड्ढा के नेतृत्व में राज्यसभा के 7 सांसदों (संदीप पाठक, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल आदि) ने पार्टी छोड़ दी और बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया।
राघव चड्ढा ने कहा कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और मूल्यों से भटक गई है, इसलिए उन्होंने यह कठिन निर्णय लिया है। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने इन नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि वे ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को पूरा करने में मदद करेंगे।
[Image showing a symbolic split in a political party logo representing the exit of Rajya Sabha MPs]
निष्कर्ष: सादगी बनाम सियासत
एक समय भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से निकली ‘आम आदमी पार्टी’ के लिए सादगी का मुद्दा हमेशा से उसकी यूएसपी (USP) रहा है। बीजेपी का ‘शीश महल’ वाला हमला सीधे तौर पर केजरीवाल की उसी छवि पर चोट करता है। आने वाले दिनों में यह विवाद कानूनी और राजनीतिक रूप से और गहराने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों पक्ष झुकने को तैयार नहीं हैं।
विवाद के मुख्य बिंदु: एक नज़र में
| पक्ष | मुख्य आरोप/दावा |
| बीजेपी (परवेश वर्मा) | 95 लोधी एस्टेट ‘शीश महल 2’ है; निजी पैसे से विलासिता की वस्तुएं लगाई गईं। |
| AAP (संजय सिंह/आतिशी) | तस्वीरें 100% फर्जी हैं; बीजेपी नेताओं के बंगले कहीं ज्यादा आलीशान हैं। |
| राजनीतिक संदर्भ | 7 राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे के बाद पार्टी को कमजोर करने की कोशिश। |
| भविष्य की कार्रवाई | ‘आप’ मानहानि का केस दर्ज करने की तैयारी में है। |
राजनीति में नैतिकता और सादगी के मानक हमेशा चर्चा का विषय रहे हैं। जनता यह देख रही है कि क्या आरोप तथ्यों पर आधारित हैं या यह केवल चुनावी बिसात बिछाने की कोशिश है। पारदर्शिता ही इस विवाद का एकमात्र समाधान है।

