नई दिल्ली: देश की राजधानी एक बार फिर आतंकी सायों के घेरे में है। खुफिया एजेंसियों से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले और चांदनी चौक के प्रसिद्ध मंदिरों सहित देश के कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को दहलाने की फिराक में है।
IED धमाके की आशंका
सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि आतंकी संगठन इस बार IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) के जरिए हमले की योजना बना रहा है। बताया जा रहा है कि यह साजिश बदला लेने की भावना से रची जा रही है। दरअसल, 6 फरवरी को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद की एक मस्जिद में हुए आत्मघाती हमले (जिसमें 31 लोगों की मौत हुई थी) का बदला लेने के लिए लश्कर भारत में खून-खराबा करना चाहता है।
दिलचस्प बात यह है कि इस्लामाबाद हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (IS) ने ली थी, लेकिन लश्कर इसका निशाना भारत को बनाने की कोशिश कर रहा है।
बीते साल का वो काला दिन: 10 नवंबर 2025
यह अलर्ट इसलिए भी गंभीर है क्योंकि महज तीन महीने पहले, 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास एक भीषण कार धमाका हुआ था। उस हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था:
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घटना: लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास विस्फोटकों से लदी एक हुंडई i20 कार में ब्लास्ट हुआ।
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नुकसान: इस हमले में 12 निर्दोष लोगों की जान गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए।
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जांच का खुलासा: DNA टेस्ट से पता चला कि कार फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी का एक डॉक्टर, उमर मोहम्मद (उर्फ उमर उन नबी) चला रहा था।
जांच में अब तक क्या हुआ?
सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए एक बड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। हालिया अपडेट्स के अनुसार:
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गिरफ्तारियां: मामले में अब तक आमिर राशिद मीर, डॉ. मुजम्मिल शकील और डॉ. अदील राथर सहित सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।
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हिरासत: कोर्ट ने इन सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत 13 मार्च तक बढ़ा दी है।
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विस्फोटकों की बरामदगी: नवंबर में हमले वाले दिन ही हरियाणा के फरीदाबाद से लगभग 2,900 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया था। माना जाता है कि अपने साथियों की गिरफ्तारी से घबराकर उमर मोहम्मद ने समय से पहले ही कार धमाका कर दिया था।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
ताजा इनपुट के बाद दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने चांदनी चौक, लाल किला और आसपास के भीड़भाड़ वाले इलाकों में चौकसी बढ़ा दी है। संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है और लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी लावारिस वस्तु की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
संपादकीय टिप्पणी: यह खबर सुरक्षा एजेंसियों से प्राप्त प्राथमिक जानकारी पर आधारित है। नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सतर्क रहने की आवश्यकता है।

