मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने उद्योगपति अनिल अंबानी के मुंबई स्थित आलीशान आवास ‘एबोड’ (Abode) को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) कर लिया है। पाली हिल स्थित इस 17 मंजिला इमारत की कीमत लगभग 3,716 करोड़ रुपये आंकी गई है।
इस ताजा कार्रवाई के साथ ही रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप से जुड़ी अब तक जब्त की गई कुल संपत्तियों का आंकड़ा बढ़कर करीब 15,700 करोड़ रुपये हो गया है।
क्यों हुई यह कार्रवाई?
यह पूरा मामला बैंकों के साथ हुई कथित धोखाधड़ी और लोन डिफॉल्ट से जुड़ा है। ईडी की जांच के अनुसार:
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लोन की भारी बकाया राशि: रिलायंस कम्युनिकेशंस और उसकी सहयोगी कंपनियों ने देशी-विदेशी बैंकों से भारी कर्ज लिया था, जिसमें से लगभग 40,185 करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं।
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संपत्ति छिपाने का आरोप: जांच में सामने आया कि पाली हिल स्थित इस प्रॉपर्टी को ‘RiseE Trust’ (एक प्राइवेट फैमिली ट्रस्ट) के तहत रखा गया था। ईडी का दावा है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि यह दिखाया जा सके कि अनिल अंबानी का इससे सीधा संबंध नहीं है और इसे बैंकों की देनदारी से बचाया जा सके।
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बैंकों को नुकसान: एजेंसी का कहना है कि यह संपत्ति अंबानी परिवार के निजी इस्तेमाल के लिए सुरक्षित रखी गई थी, जबकि सरकारी बैंकों का पैसा NPA (Non-Performing Assets) बन चुका है।
कल फिर होगी पूछताछ
66 वर्षीय अनिल अंबानी को जांच में शामिल होने के लिए कल, यानी 26 फरवरी को बुलाया गया है। अगर वे पेश होते हैं, तो यह इस मामले में उनसे दूसरी बार पूछताछ होगी। इससे पहले अगस्त 2025 में भी उनका बयान PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत दर्ज किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी स्पेशल टीम
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, ईडी ने अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। यह जांच सीबीआई (CBI) द्वारा दर्ज की गई उस FIR पर आधारित है, जिसमें रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस और रिलायंस होम फाइनेंस जैसी कंपनियों पर बैंक धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं।
मुख्य बातें एक नज़र में:
| विवरण | जानकारी |
| संपत्ति का नाम | एबोड (Abode), पाली हिल, मुंबई |
| अनुमानित कीमत | ₹3,716 करोड़ |
| कुल कुर्क संपत्ति | ₹15,700 करोड़ (लगभग) |
| मुख्य आरोप | बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग |
| अगली पेशी | 26 फरवरी 2026 |
निष्कर्ष: रिलायंस कम्युनिकेशंस के डूबने और भारी कर्ज के बोझ तले दबे अनिल अंबानी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जांच एजेंसियों की यह सख्त कार्रवाई कॉर्पोरेट जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है।

