ED Raid in Punjab: पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा के करीबियों पर ED का शिकंजा; ‘दोषी पाया गया तो राजनीति छोड़ दूँगा’ – अरोड़ा की खुली चुनौती

Channelindiaone
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चंडीगढ़/दिल्ली | 9 मई, 2026 | ED Raid in Punjab: पंजाब की सियासत में शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा (Aman Arora) के करीबियों और उनसे जुड़ी संपत्तियों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। ईडी की टीमों ने चंडीगढ़ और दिल्ली-NCR क्षेत्र सहित कुल चार स्थानों पर तलाशी ली。

इस छापेमारी के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।

क्या है पूरा मामला?

प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को मंत्री अमन अरोड़ा और उनसे जुड़ी संस्थाओं से संबंधित ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया。 उल्लेखनीय है कि इससे पहले 17 अप्रैल को भी विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के नागरिक प्रावधानों के तहत अरोड़ा और उनसे जुड़ी संस्थाओं पर छापेमारी की गई थी।

62 वर्षीय अमन अरोड़ा लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट से ‘आप’ के विधायक हैं और वर्तमान में पंजाब सरकार में बिजली मंत्री के रूप में कार्यरत हैं。

अमन अरोड़ा की सफाई: “चरित्र हनन की राजनीति”

छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए अमन अरोड़ा ने इसे भाजपा की “डराने-धमकाने और चरित्र हनन” की राजनीति करार दिया है。 उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि जांच में वे दोषी पाए जाते हैं, तो वे राजनीति छोड़ देंगे。

अमन अरोड़ा के मुख्य तर्क:

  • अंजान नाम: अरोड़ा ने दावा किया कि मामले में जिन लोगों (सुरेश कुमार बजाज, अजय सहगल, नितिन गोयल और प्रीतपाल सिंह ढींडसा) के नाम लिए जा रहे हैं, उन्होंने बुधवार से पहले उनके नाम तक नहीं सुने थे。

  • गौरव धीर से संबंध: गौरव धीर के साथ अपने संबंधों पर उन्होंने कहा कि उनकी दोस्ती 22 साल पुरानी है, जो केवल व्यक्तिगत विश्वास और स्नेह पर आधारित है。 उन्होंने धीर के साथ किसी भी तरह के व्यावसायिक या वित्तीय लेनदेन से साफ इनकार किया。

  • पक्षपात का आरोप: अरोड़ा ने आरोप लगाया कि ईडी पक्षपाती रवैया अपना रही है。 उन्होंने दावा किया कि मामले में शामिल सुरेश कुमार बजाज ने 2023-24 के दौरान भाजपा को ₹2.5 लाख का चंदा दिया था, लेकिन ईडी ने इस तथ्य को जानबूझकर छिपाया。

अल्टस प्रोजेक्ट (Altus Project) का विवाद

अमन अरोड़ा ने अल्टस कंपनी के 600 एकड़ के मेगा प्रोजेक्ट से जुड़े आरोपों पर भी स्थिति स्पष्ट की。 उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट को 2013-14 में ही लैंड यूज चेंज (CLU) की मंजूरी मिल गई थी।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब पंजाब सरकार और GMADA ने कंपनी को ‘नो-ड्यूज सर्टिफिकेट’ (No-dues Certificate) जारी कर दिया है और कंपनी पर सरकार का एक भी रुपया बकाया नहीं है, तो फिर धोखाधड़ी कहाँ हुई? अरोड़ा ने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से छह एकड़ जमीन के मामले को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है。

भगवंत मान का पलटवार: “एजेंसियां बनीं राजनीतिक हथियार”

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पूरी कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने कहा कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए “राजनीतिक हथियार” के रूप में कर रही है。 ‘आप’ नेताओं का कहना है कि यह पंजाब सरकार के विकास कार्यों को बाधित करने की एक कोशिश है।


मामले का सारांश: मुख्य बिंदु (At a Glance)

विवरण जानकारी
कार्रवाई करने वाली एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED)
निशाने पर कौन? मंत्री अमन अरोड़ा और उनके सहयोगी
छापेमारी के स्थान चंडीगढ़ और दिल्ली-NCR (4 लोकेशन)
प्रमुख आरोप मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA, 2002)
अरोड़ा का दावा “दोषी साबित होने पर राजनीति छोड़ दूँगा”

पंजाब में ईडी की इस ताजा कार्रवाई ने राज्य में एक नई राजनीतिक जंग छेड़ दी है। जहाँ ‘आप’ इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है, वहीं जांच एजेंसी साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ने का दावा कर रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ईडी की इस जांच में क्या नए खुलासे होते हैं।

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