जयपुर | 2 मई, 2026 | Breaking Rajasthan News | Digital Census 2027: राजस्थान में जनगणना-2027 (Census-2027) की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। राज्य के जयपुर और टोंक समेत सभी जिलों में ‘सेल्फ-इन्यूमरेशन’ (स्व-गणना) चरण की शुरुआत हो चुकी है। आधुनिक तकनीक का लाभ उठाते हुए इस बार नागरिकों को यह सुविधा दी गई है कि वे अपने परिवार और आवास का विवरण ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से खुद दर्ज कर सकें। यह पोर्टल 15 मई तक खुला रहेगा, जिसके बाद जमीनी स्तर पर सत्यापन का कार्य शुरू होगा।
महामहिम राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ
प्रदेशव्यापी इस महत्वपूर्ण अभियान का औपचारिक उद्घाटन राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने लोक भवन में किया। इन शीर्ष नेताओं ने स्वयं अपना ‘सेल्फ-इन्यूमरेशन’ फॉर्म भरकर प्रदेशवासियों को इस डिजिटल मुहिम से जुड़ने का संदेश दिया। नेताओं ने अपील करते हुए कहा, “हमने अपना फॉर्म भर दिया है, आप भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं।”
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार शाम तक ही लगभग एक लाख से अधिक निवासी ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर चुके थे, जो जनता के सकारात्मक रुझान को दर्शाता है।
सेल्फ-इन्यूमरेशन: सरल, तेज और बहुभाषी
डिजिटल इंडिया के तहत शुरू की गई यह प्रक्रिया बेहद यूजर-फ्रेंडली है:
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समय की बचत: पोर्टल पर लॉगिन कर आप महज 15 से 20 मिनट में अपने परिवार का विवरण भर सकते हैं।
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भाषा का विकल्प: यह प्लेटफॉर्म हिंदी और अंग्रेजी सहित 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है, ताकि हर नागरिक आसानी से अपनी जानकारी साझा कर सके।
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प्रक्रिया: यूजर्स को घर के मुखिया, परिवार के सदस्यों, आवास की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देनी होगी।
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SE ID का महत्व: फॉर्म सबमिट करने के बाद 11 अंकों की एक ‘सेल्फ-इन्यूमरेशन (SE) ID’ जनरेट होगी, जो मोबाइल और ईमेल पर भेजी जाएगी। इसे संभाल कर रखना अनिवार्य है क्योंकि सत्यापन के समय इसकी आवश्यकता होगी।
सावधानी: एक बार फॉर्म सबमिट होने के बाद उसमें कोई संपादन (Edit) नहीं किया जा सकेगा, इसलिए जानकारी भरते समय पूरी सटीकता बरतें।
16 मई से शुरू होगा डोर-टू-डोर सर्वे
ऑनलाइन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद, 16 मई से 14-15 जून तक प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाकर डेटा का सत्यापन करेंगे।
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तैयारी: अकेले जयपुर में 5,277 ब्लॉक बनाए गए हैं। इस कार्य के लिए 4,779 प्रगणक और 780 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं।
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सत्यापन: जो लोग सेल्फ-इन्यूमरेशन कर चुके हैं, उन्हें फील्ड वेरिफिकेशन के समय अपनी SE ID प्रगणक को दिखानी होगी।
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श्रेणी: इस दौरान हर इमारत का रिकॉर्ड रखा जाएगा और उसे आवासीय या व्यावसायिक श्रेणी में वर्गीकृत किया जाएगा।
नीति निर्धारण की रीढ़ है जनगणना: टीना डाबी
जयपुर जिला कलेक्टर टीना डाबी ने जनगणना को शासन और नीति नियोजन की रीढ़ बताया है। उन्होंने कहा कि यह डेटा सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने में मदद करेगा। सटीक डेटा से ही संसाधनों का सही आवंटन और लक्षित कल्याण संभव है।
महत्वपूर्ण चेतावनी: OTP साझा न करें
प्रशासन ने नागरिकों के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। सेल्फ-इन्यूमरेशन या सत्यापन के दौरान अपना OTP (वन टाइम पासवर्ड) किसी के साथ भी साझा न करें, चाहे वह घर आने वाला प्रगणक ही क्यों न हो। सभी व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और इसका उपयोग केवल आधिकारिक कार्यों के लिए होगा।
अगला पड़ाव: फरवरी 2027
जनगणना-2027 का यह पहला चरण केवल हाउस लिस्टिंग और डेटा सत्यापन तक सीमित है। वास्तविक जनसंख्या गणना यानी जनगणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा।
डिजिटल जनगणना: मुख्य तिथियां
| चरण | विवरण | समय सीमा |
| चरण 1 (अ) | ऑनलाइन सेल्फ-इन्यूमरेशन | 15 मई, 2026 तक |
| चरण 1 (ब) | प्रगणकों द्वारा घर-घर सत्यापन | 16 मई से 15 जून, 2026 |
| चरण 2 | वास्तविक जनसंख्या गणना | फरवरी 2027 |
जनगणना 2027 राष्ट्र की प्रगति का आईना बनेगी। नागरिकों से अनुरोध है कि वे इस डिजिटल पहल में जिम्मेदारी के साथ भाग लें ताकि भविष्य की योजनाओं के लिए सटीक और विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध हो सकें।

