जयपुर | 24 अप्रैल, 2026 | Breaking Rajasthan News | Jaipur Bomb Threat: राजस्थान की राजधानी जयपुर आज सुबह उस वक्त थर्रा गई जब राज्य के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ठिकानों— राजस्थान विधानसभा, राजस्थान हाईकोर्ट और सत्र न्यायालय— को बम से उड़ाने की धमकी मिली। शुक्रवार की सुबह एक अज्ञात ईमेल ने पुलिस महकमे और खुफिया एजेंसियों के होश उड़ा दिए। ईमेल में दावा किया गया कि विधानसभा परिसर में भीषण विस्फोट किया जाएगा, जिसके बाद आनन-फानन में पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
ईमेल की खौफनाक भाषा: LTTE और ISI का कनेक्शन?
धमकी भरे ईमेल की भाषा बेहद डरावनी और साजिश से भरी थी। ईमेल भेजने वाले ने दावा किया कि विधानसभा परिसर के भीतर चार साइनाइड गैस बम पहले ही प्लांट किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं, ईमेल में लिखा था:
“हमने दो वॉलिंटियर्स को तैयार किया है जिन्हें चेन्नई में LTTE और पाकिस्तान की ISI ने ट्रेनिंग दी है। वे इलेक्ट्रॉनिक जैकेट पहनकर परिसर में प्रवेश करेंगे। यदि बमों को डिफ्यूज किया गया, तो ये सुसाइड हमलावर खुद को उड़ा लेंगे।”
ईमेल में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या का जिक्र करते हुए ‘बेल्ट बम’ और 1.5 किलोग्राम ‘सिलिकॉन विस्फोटक’ की बात भी कही गई थी। साथ ही, इसमें राजनीतिक और जातिगत टिप्पणी करते हुए EWS आरक्षण के मुद्दे पर तमिलनाडु का संदर्भ भी दिया गया।
विधानसभा में अफरा-तफरी: चप्पे-चप्पे की तलाशी
धमकी मिलने के तुरंत बाद, प्रशासन ने बिना देरी किए विधानसभा परिसर को खाली कराने के आदेश दिए। दोपहर 1:00 बजे विस्फोट का समय दिया गया था, इसलिए पुलिस ने युद्ध स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया:
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BDDS और डॉग स्क्वायड: बम निरोधक दस्ते (BDDS) और डॉग स्क्वायड की कई टीमों ने विधानसभा के गलियारों, पार्किंग, गार्डन और मुख्य सदन की सघन तलाशी ली।
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इलाका सील: ज्योति नगर और विधानसभा की ओर जाने वाली सभी सड़कों पर नाकेबंदी कर दी गई। किसी भी बाहरी व्यक्ति या कर्मचारी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
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हाई अलर्ट: पुलिस कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
राजनीतिक बवाल: गहलोत और जूली को गेट पर रोका गया
इस सुरक्षा संकट के बीच राजस्थान की राजनीति भी गरमा गई। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली जब विधानसभा पहुँचे, तो उन्हें सुरक्षा कारणों से मुख्य गेट पर ही रोक दिया गया।
इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कांग्रेस नेताओं ने राज्य की भाजपा सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर तीखे हमले किए। अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य में इंटेलिजेंस और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
क्या यह केवल एक ‘होक्स’ (Hoax) कॉल है?
जयपुर में पिछले कुछ महीनों में बम की धमकियों का एक पैटर्न देखा गया है। यह चौथी बार है जब राजस्थान हाईकोर्ट को इस तरह की धमकी मिली है।
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साइबर सेल की जांच: पुलिस की साइबर सेल ईमेल के ओरिजिन (Origin) का पता लगा रही है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि ईमेल भेजने वाले ने अपनी पहचान छिपाने के लिए Masked IP Address और VPN का इस्तेमाल किया है।
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पुराना रिकॉर्ड: हालांकि पिछले सभी खतरे फर्जी (Hoax) साबित हुए थे, लेकिन शुक्रवार को आए ईमेल की विस्तृत और तकनीकी भाषा को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां कोई जोखिम नहीं लेना चाहतीं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और भविष्य की चुनौतियां
पचपदरा रिफाइनरी में हाल ही में हुई आग की घटना और राज्य में होने वाले आगामी हाई-प्रोफाइल आयोजनों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी थी। प्रशासन का कहना है कि जब तक पूरे परिसर को ‘क्लीन चिट’ नहीं मिल जाती, तब तक किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
जयपुर बम धमकी: मुख्य बिंदु एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
| लक्ष्य | राजस्थान विधानसभा, हाईकोर्ट, सत्र न्यायालय |
| धमकी का माध्यम | अज्ञात ईमेल |
| दावा | 4 साइनाइड गैस बम और सुसाइड अटैकर्स |
| प्रशासनिक कार्रवाई | परिसर खाली कराया गया, BDDS तैनात |
| राजनीतिक असर | पूर्व सीएम अशोक गहलोत को गेट पर रोका गया |
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निष्कर्ष:
जयपुर में बार-बार मिल रही ये धमकियां न केवल सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती हैं, बल्कि आम जनता और कर्मचारियों के मन में भी भय पैदा करती हैं। भले ही यह एक ‘होक्स’ हो, लेकिन लोकतंत्र के मंदिर (विधानसभा) को इस तरह निशाना बनाना एक गंभीर चिंता का विषय है। अब देखना यह है कि साइबर सेल इस ‘डिजिटल अपराधी’ तक कब पहुँच पाती है।

