जयपुर: राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र बुधवार से शुरू होने जा रहा है और इसके काफी हंगामेदार रहने के संकेत पहले ही मिल गए हैं। सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े के अभिभाषण से होगी। यह सत्र लगभग एक महीने तक चलने की संभावना है। वित्त वर्ष 2026–27 का राज्य बजट करीब 10 फरवरी के आसपास पेश किया जा सकता है, जिसकी तारीख बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में तय होगी।
विपक्ष का सरकार पर तीखा हमला
सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायकों के सवाल पूछने और उन पर चर्चा से जुड़ी नई प्रक्रियाओं को विपक्ष ने “अत्यधिक प्रतिबंधात्मक” बताया है। वहीं, प्रस्तावित डिस्टर्ब्ड एरियाज बिल 2026 ने राजनीतिक तनाव और बढ़ा दिया है।
क्या है डिस्टर्ब्ड एरियाज बिल?
भजनलाल शर्मा सरकार ने कैबिनेट बैठक में इस बिल को लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत सरकार किसी भी इलाके को “डिस्टर्ब्ड एरिया” घोषित कर सकेगी। ऐसे क्षेत्रों में:
• तीन साल तक जमीन और संपत्ति की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई जा सकेगी
• पूरा इलाका कानून के दायरे में रहेगा
• प्रशासन को विशेष अधिकार मिलेंगे
यदि यह कानून लागू होता है तो राजस्थान, गुजरात के बाद ऐसा करने वाला देश का दूसरा राज्य होगा।
मनरेगा का नाम बदलने पर भी घमासान
इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा (MGNREGA) का नाम बदलकर VB-GRAMG करने के फैसले पर भी विपक्ष नाराज है। विपक्ष का कहना है कि इससे योजना की वैचारिक और सामाजिक पहचान को कमजोर किया जा रहा है। चूंकि राजस्थान में बड़ी आबादी मनरेगा पर निर्भर है, इसलिए यह मुद्दा बजट सत्र में जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।
सरकार पर ध्यान भटकाने का आरोप
विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह जनता से जुड़े असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में सदन के भीतर तीखी बहस और टकराव की पूरी संभावना है।
सत्र को शांतिपूर्ण बनाने की कोशिश
इसी बीच विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मंगलवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है, ताकि सत्र की कार्यवाही सुचारू और मर्यादित तरीके से चल सके।
बीजेपी की रणनीति भी तैयार
सत्तारूढ़ भाजपा ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार शाम 4:30 बजे उनके निवास पर भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसके बाद रात्रिभोज भी रखा गया है।
सरकार के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग के अनुसार, बैठक में:
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बजट सत्र की प्राथमिकताओं पर चर्चा
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विधायकों के बीच समन्वय
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विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की रणनीति
पर फोकस रहेगा। विधायकों को सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं को मजबूती से रखने के निर्देश दिए जाएंगे।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, राजस्थान विधानसभा का यह बजट सत्र काफी गर्म रहने वाला है। डिस्टर्ब्ड एरियाज बिल, मनरेगा का नाम बदलना और सवालों पर लगी पाबंदियां – ये सभी मुद्दे सरकार और विपक्ष के बीच टकराव का कारण बन सकते हैं।

