Breaking Rajasthan News | Rajasthan Teacher Protest: राजस्थान के सरकारी शिक्षकों ने खोला मोर्चा; 14 मई से प्रदेशव्यापी आंदोलन का आगाज, जानें क्या हैं प्रमुख मांगें

Channelindiaone
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जयपुर | 11 मई, 2026 | Breaking Rajasthan News | Rajasthan Teacher Protest: राजस्थान में शिक्षा विभाग और सरकार के खिलाफ सरकारी शिक्षकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। अपनी लंबित मांगों और विभाग की ‘उदासीनता’ से नाराज शिक्षकों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) ने रविवार को जयपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गहलोत सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का शंखनाद कर दिया है।

संगठन का आरोप है कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल को दो साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन शिक्षकों की जायज मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। तृतीय श्रेणी (Grade III) शिक्षकों के स्थानांतरण, पदोन्नति में देरी और छुट्टियों में कटौती जैसे मुद्दों को लेकर अब शिक्षक सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।

आंदोलन का पूरा शेड्यूल: ब्लॉक से लेकर राजधानी तक घेराव

महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश पुष्करणा ने मीडिया को संबोधित करते हुए आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार समय रहते नहीं जागी, तो जून में जयपुर में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।

आंदोलन के प्रमुख चरण:

  1. 14 मई: ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन।

  2. 29 मई: जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और जिला कलेक्टर को ज्ञापन।

  3. 5 जून: बीकानेर निदेशालय पर संभाग स्तरीय धरना और प्रदर्शन।

  4. 10 जून: जयपुर संभाग स्तर पर विशाल धरना और विधानसभा के घेराव की चेतावनी।

गर्मी की छुट्टियों में कटौती पर उठे सवाल: “अवैज्ञानिक है फैसला”

शिक्षकों के गुस्से का एक बड़ा कारण ग्रीष्मकालीन अवकाश (Summer Vacations) में की गई कटौती है। सरकार ने शिक्षण दिवस बढ़ाने के तर्क के साथ छुट्टियों को कम किया है, जिसे महासंघ ने पूरी तरह ‘अवैज्ञानिक’ करार दिया है।

रमेश पुष्करणा ने कहा, “राजस्थान जैसी भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य में, जहाँ गर्मी का पारा 50 डिग्री के पास पहुँच जाता है, छुट्टियों में कटौती करना शिक्षकों और छात्रों दोनों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। ऐतिहासिक रूप से यहाँ की भौगोलिक स्थिति को देखकर ही छुट्टियां निर्धारित की जाती थीं, लेकिन वर्तमान फैसला तर्कहीन है।”

ग्रेड थर्ड शिक्षकों के तबादले और रिक्त पदों का संकट

शिक्षकों ने सरकार पर आरोप लगाया कि गृह जिलों में हजारों पद खाली होने के बावजूद शिक्षकों को जबरन दूसरे जिलों में भेजा जा रहा है। स्थानांतरण नीति (Transfer Policy) के अभाव में तृतीय श्रेणी शिक्षक पिछले कई वर्षों से एक ही स्थान पर फंसे हुए हैं।

संगठन के महासचिव महेंद्र लखारा ने स्कूलों के अपग्रेडेशन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने वाहवाही लूटने के लिए स्कूलों को ‘उच्च माध्यमिक’ का दर्जा तो दे दिया, लेकिन वहां जरूरी पदों के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं की। आज स्थिति यह है कि स्कूल के बोर्ड पर ‘सीनियर सेकेंडरी’ लिखा है, लेकिन वहां प्राथमिक स्तर के शिक्षक भी पूरे नहीं हैं।

प्रमुख मांगें जिन पर अड़े हैं शिक्षक:

  • तृतीय श्रेणी स्थानांतरण: ग्रेड थर्ड शिक्षकों के लिए स्पष्ट और पारदर्शी तबादला नीति लागू करना।

  • वेतन विसंगति: सातवें वेतन आयोग के अनुसार पदोन्नति और वेतन विसंगतियों को दूर करना।

  • गैर-शैक्षणिक कार्य: शिक्षकों पर बीएलओ (BLO) और अन्य प्रशासनिक कार्यों के बढ़ते दबाव को कम करना।

  • पद सृजन: क्रमोन्नत स्कूलों में विषयवार व्याख्याताओं और शिक्षकों के पदों को तुरंत भरना।


आंदोलन की मुख्य बातें: एक नजर में

चरण तिथि स्थान/प्रकार
पहला चरण 14 मई, 2026 ब्लॉक स्तरीय प्रदर्शन
दूसरा चरण 29 मई, 2026 जिला स्तरीय विरोध
तीसरा चरण 05 जून, 2026 बीकानेर निदेशालय का घेराव
चौथा चरण 10 जून, 2026 जयपुर संभाग स्तरीय महा-आंदोलन

राजस्थान के शिक्षा ढांचे में सुधार का दावा करने वाली सरकार के लिए यह आंदोलन एक बड़ी चुनौती बन सकता है। शिक्षकों का तर्क है कि जब पढ़ाने वाले ही मानसिक तनाव और सुविधाओं के अभाव में रहेंगे, तो प्रदेश के बच्चों का भविष्य कैसे सुधरेगा? अब देखना यह होगा कि 14 मई को शुरू होने वाले इस आंदोलन से पहले क्या सरकार शिक्षकों को वार्ता के लिए बुलाती है या यह गतिरोध और लंबा खिंचेगा।

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