Rajasthan Latest Live News | Rajasthan Water Project: दक्षिण राजस्थान के लिए 10,000 करोड़ की महायोजना तैयार; उदयपुर संभाग में दूर होगा जल संकट

Channelindiaone
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उदयपुर/जयपुर | 6 मई, 2026 | Rajasthan Latest Live News | Rajasthan Water Project: राजस्थान की भजनलाल सरकार प्रदेश को जल आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। दक्षिण राजस्थान, विशेषकर उदयपुर संभाग के लिए 10,000 करोड़ रुपये की एक विशाल जल परियोजना की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य क्षेत्र में वर्षों से चले आ रहे पेयजल और सिंचाई के संकट को स्थायी रूप से समाप्त करना है।

जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने अपने हालिया उदयपुर दौरे के दौरान इस मेगा प्रोजेक्ट का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने जाखम-जयसमंद-बड़गांव-मातृकुण्डिया जल परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर केंद्रीय जल आयोग को भेज दी है।

दक्षिण राजस्थान की सबसे बड़ी जल योजना

10 हजार करोड़ रुपये की यह परियोजना दक्षिण राजस्थान के इतिहास की सबसे बड़ी जल योजनाओं में से एक होगी। इस परियोजना के प्रमुख लाभ इस प्रकार होंगे:

  • पेयजल और सिंचाई: योजना के माध्यम से न केवल लाखों लोगों को स्वच्छ पेयजल मिलेगा, बल्कि हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा भी प्राप्त होगी।

  • अतिरिक्त जल का संचयन: मानसून के दौरान व्यर्थ बहने वाले अतिरिक्त पानी को बड़े बांधों और फीडरों के जरिए सुरक्षित कर बेहतर उपयोग में लाया जा सकेगा।

  • आर्थिक विकास: सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलने से संभाग के किसानों की आय में वृद्धि होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

तीन बजट में 900 करोड़ की सौगात

मंत्री सुरेश रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार जल प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। पिछले तीन बजट सत्रों के दौरान उदयपुर संभाग के लिए कुल 900 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न जल परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।

  • विशेष रूप से, बजट 2026-27 में उदयपुर संभाग के लिए 275 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है, जिससे चल रहे कार्यों को गति मिलेगी।

देवास और बागोलिया फीडर पर विशेष फोकस

उदयपुर शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली देवास तृतीय और चतुर्थ चरण परियोजना को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मंत्री ने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं कि इस परियोजना का कार्य दिसंबर 2027 तक हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए।

इसके साथ ही अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है:

  1. बागोलिया फीडर परियोजना: मावली क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी बनने वाली इस 200 करोड़ की योजना से न केवल पेयजल आपूर्ति मजबूत होगी, बल्कि लगभग 3700 हेक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी।

  2. खारी फीडर परियोजना: राजसमंद जिले में 131 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना का कार्य भी प्रगति पर है।

रामजल सेतु: राजस्थान के आधे जिलों को फायदा

राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी ‘रामजल सेतु परियोजना’ का जिक्र करते हुए मंत्री ने दावा किया कि इस योजना के पूरा होने के बाद राजस्थान के आधे जिलों की प्यास बुझेगी। यह परियोजना पेयजल और सिंचाई नेटवर्क को जोड़ने की दिशा में एक गेम-चेंजर साबित होगी। सरकार और विभाग स्तर पर इन सभी परियोजनाओं की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता न हो।


उदयपुर संभाग जल परियोजना: मुख्य आंकड़े

परियोजना का नाम अनुमानित लागत मुख्य उद्देश्य
जाखम-जयसमंद मेगा प्रोजेक्ट 10,000 करोड़ रुपये पेयजल एवं सिंचाई (DPR प्रेषित)
देवास III व IV चरण समय सीमा: Dec 2027 उदयपुर शहर की पेयजल आपूर्ति
बागोलिया फीडर 200 करोड़ रुपये मावली क्षेत्र में सिंचाई व पेयजल
खारी फीडर (राजसमंद) 131 करोड़ रुपये जल वितरण सुदृढ़ीकरण

राजस्थान सरकार की ये पहल दक्षिण राजस्थान के भविष्य को बदलने वाली साबित हो सकती है। यदि 10 हजार करोड़ की इस मेगा परियोजना को केंद्र से हरी झंडी मिल जाती है, तो उदयपुर संभाग जल आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिखेगा।

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