श्रीनगर/जम्मू: जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी का सपना फिलहाल कुछ और दिनों के लिए टल गया है। रेलवे बोर्ड ने श्रीनगर और जम्मू के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस के विस्तार के अपने फैसले को फिलहाल ‘होल्ड’ पर डाल दिया है। यह घोषणा उस समय आई जब महज कुछ घंटों पहले ही 1 मार्च से इस सेवा को शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई थी।
अचानक क्यों लिया गया फैसला?
मंगलवार (24 फरवरी, 2026) की रात रेलवे बोर्ड ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस विस्तार को रोकने की जानकारी दी। सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर उचित सिंघल ने बताया कि “कुछ अपरिहार्य परिस्थितियों (Unavoidable Circumstances)” के कारण 1 मार्च से होने वाले इस कार्यक्रम को फिलहाल अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है।
हालांकि, रेलवे ने स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि तकनीकी जांच या सुरक्षा कारणों से यह फैसला लिया गया होगा।
श्रीनगर-जम्मू रेल मार्ग: क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
जम्मू-कश्मीर की दोनों राजधानियों (श्रीनगर और जम्मू) को सीधे रेल मार्ग से जोड़ना एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
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बढ़ी हुई क्षमता: रेलवे ने इस रूट पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए वंदे भारत के कोचों की संख्या 8 से बढ़ाकर 20 करने का भी फैसला किया था।
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कनेक्टिविटी: फिलहाल नियमित ट्रेनें केवल कटरा तक ही आती हैं। श्रीनगर जाने वाले यात्रियों को कटरा में उतरकर दूसरी ट्रेन या साधन बदलना पड़ता है।
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सपना अभी बाकी: भले ही वंदे भारत को जम्मू तक विस्तार दिया जा रहा था, लेकिन कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली ‘डायरेक्ट दिल्ली-श्रीनगर’ ट्रेन सेवा का इंतजार अभी भी बना हुआ है।
अब तक का सफर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल जून में श्रीनगर-कटरा वंदे भारत सेवा की शुरुआत की थी। इसके बाद से ही इस रूट को जम्मू तक बढ़ाने की मांग लगातार उठ रही थी ताकि यात्रियों को बार-बार ट्रेन न बदलनी पड़े। मंगलवार सुबह जब उत्तर रेलवे ने 1 मार्च की तारीख का ऐलान किया, तो घाटी और जम्मू में खुशी की लहर थी, जो रात होते-होते इस स्थगन के बाद थोड़े इंतजार में बदल गई।
निष्कर्ष
रेलवे के इस फैसले से उन यात्रियों को निराशा हुई है जिन्होंने 1 मार्च के बाद की यात्रा की योजना बनाई थी। अब सभी की नजरें रेलवे के अगले नोटिफिकेशन पर टिकी हैं कि आखिर कब इस अत्याधुनिक ट्रेन के पहिए श्रीनगर से जम्मू के बीच दौड़ेंगे।

