Stock Market Crash: शेयर बाजार में कोहराम! सेंसेक्स 1,000 अंक टूटा, निवेशकों के डूबे ₹6 लाख करोड़; आईटी शेयरों ने डुबोई लुटिया

Channelindiaone
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मुंबई | 24 अप्रैल, 2026 | Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार का दिन ‘ब्लैक फ्राइडे’ साबित हुआ। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन दलाल स्ट्रीट पर जबरदस्त बिकवाली का दौर देखने को मिला। दोपहर के सत्र में सेंसेक्स (Sensex) करीब 1,000 अंक तक फिसल गया, वहीं निफ्टी (Nifty) भी 23,900 के अहम स्तर के नीचे आ गया।

बाजार में आई इस सुनामी की मुख्य वजह आईटी सेक्टर के कमजोर नतीजे और मिड-ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को माना जा रहा है। इस गिरावट ने निवेशकों को तगड़ा झटका दिया है और महज कुछ ही घंटों में बीएसई (BSE) पर सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप लगभग 6 लाख करोड़ रुपये घट गया।

निवेशकों के ₹6 लाख करोड़ स्वाहा

बाजार में आई चौतरफा गिरावट के कारण बीएसई का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन गिरकर 460 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। कल तक जो बाजार तेजी की उम्मीद जगा रहा था, आज वहां हर तरफ लाल निशान नजर आ रहा है।

IT सेक्टर ने बढ़ाया दबाव: इंफोसिस के नतीजों का असर

गिरावट की सबसे बड़ी वजह IT इंडेक्स में आई लगभग 3% की गिरावट रही। दिग्गज आईटी कंपनी Infosys के चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों ने निवेशकों को निराश किया, जिसके बाद टेक शेयरों में भगदड़ मच गई।

  • टॉप लूजर्स: इंफोसिस, एचसीएल टेक (HCLTech), टेक महिंद्रा और टीसीएस (TCS) के शेयरों में 2% से 4% तक की गिरावट दर्ज की गई।

  • अन्य प्रभावित शेयर: सन फार्मा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) और भारती एयरटेल भी 2% तक लुढ़क गए।

बाजार में क्यों मची खलबली? (मुख्य कारण)

  1. आईटी कंपनियों का कमजोर आउटलुक: इंफोसिस और अन्य आईटी दिग्गजों के भविष्य के विकास अनुमानों (Growth Outlook) ने बाजार का सेंटिमेंट खराब कर दिया है।

  2. कच्चा तेल और भू-राजनीति: मिड-ईस्ट में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता (Risk Appetite) को कम कर दिया है।

  3. बढ़ती वोलैटिलिटी: बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडेक्स India VIX आज 3% बढ़कर 19.17 के स्तर पर पहुँच गया, जो बाजार में घबराहट का संकेत है।

मिडकैप और स्मॉलकैप भी पस्त

शुरुआती कारोबार में बढ़त दिखाने वाले मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी दोपहर होते-होते बिकवाली के दबाव में आ गए। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.8% तक की गिरावट देखी गई। एनएसई (NSE) पर आंकड़ों के मुताबिक, करीब 2,222 शेयरों में गिरावट रही, जबकि केवल 639 शेयर ही बढ़त बनाने में कामयाब रहे।

अशोका बिल्डकॉन के लिए राहत भरी खबर

बाजार की इस भारी गिरावट के बीच अशोका बिल्डकॉन (Ashoka Buildcon) के लिए एक अच्छी खबर आई। कंपनी को अंगोला गणराज्य के ऊर्जा और जल मंत्रालय से बिजली क्षेत्र में सुधार के लिए 7.23 करोड़ डॉलर (लगभग ₹600 करोड़) का प्रोजेक्ट मिला है। हालांकि, बाजार के खराब मूड के चलते कंपनी का शेयर भी करीब 1.40% गिरकर ₹133.95 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।

इन शेयरों ने दिखाई मजबूती

इतनी बड़ी गिरावट के बावजूद कुछ चुनिंदा शेयरों ने बाजार को संभालने की कोशिश की। M&M, अल्ट्राटेक सीमेंट और इंडिगो (IndiGo) मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में ट्रेड कर रहे थे।


बाजार का लेखा-जोखा (दोपहर का सत्र)

इंडेक्स/सेक्टर स्थिति प्रभाव
BSE Sensex ~1,000 अंक नीचे निवेशकों को ₹6 लाख करोड़ का घाटा
NSE Nifty 23,900 के नीचे 1.5% से अधिक की गिरावट
Nifty IT ~3% की गिरावट सबसे अधिक टूटने वाला सेक्टर
India VIX 19.17 (+3%) बाजार में बढ़ता डर और अस्थिरता

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ग्लोबल स्तर पर तनाव कम नहीं होता और आईटी सेक्टर की ओर से सकारात्मक संकेत नहीं मिलते, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे इस भारी गिरावट में जल्दबाजी में फैसला न लें और अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों में ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपनाएं।

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