नई दिल्ली/ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच पिछले कुछ महीनों से जारी कड़वाहट अब धीरे-धीरे कम होती दिख रही है। बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन और तारिक रहमान (Tarique Rahman) के प्रधानमंत्री बनने के बाद, भारत सरकार ने वहां अपनी वीजा सेवाओं को पूर्ण रूप से बहाल करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।
वीजा सेवाओं को लेकर क्या है ताजा अपडेट?
भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में मेडिकल और डबल-एंट्री वीजा जारी किए जा रहे हैं। सिलेट में भारतीय सहायक उच्चायुक्त अनिरुद्ध दास ने हाल ही में पुष्टि की है कि जल्द ही टूरिस्ट (Travel) वीजा सहित अन्य सभी श्रेणियों के वीजा सामान्य रूप से मिलने शुरू हो जाएंगे।
यह फैसला दोनों देशों के बीच बिगड़े हुए रिश्तों को सुधारने की एक बड़ी कोशिश माना जा रहा है। ज्ञात हो कि 2024 में शेख हसीना के पद छोड़ने और भारत आने के बाद से ही दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया था।
क्यों रुकी थीं वीजा सेवाएं? (पृष्ठभूमि)
बांग्लादेश में अस्थिरता और सुरक्षा कारणों के चलते दिसंबर 2025 में भारतीय वीजा केंद्रों (IVAC) को अपना कामकाज सीमित करना पड़ा था। इस तनाव के पीछे कुछ मुख्य कारण थे:
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छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत: दिसंबर 2025 में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर भारत विरोधी प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने ढाका स्थित भारतीय मिशन के पास भी विरोध दर्ज कराया था।
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सुरक्षा चिंताएं: भारतीय अधिकारियों ने सुरक्षा का हवाला देते हुए ढाका, राजशाही और खुलना जैसे केंद्रों पर कामकाज बंद कर दिया था।
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पारस्परिक प्रतिबंध: जवाब में जनवरी 2026 में बांग्लादेश ने भी भारतीय नागरिकों के लिए वीजा नियमों में सख्ती कर दी थी, जिसे अब धीरे-धीरे ढीला किया जा रहा है।
निष्कर्ष
भारत और बांग्लादेश के बीच वीजा सेवाओं का फिर से शुरू होना न केवल व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि उन हजारों मरीजों और छात्रों के लिए भी बड़ी राहत है जो हर साल सीमा पार आवाजाही करते हैं। तारीख रहमान की नई सरकार और भारत के बीच यह ‘डिप्लोमैटिक रिसेट’ दक्षिण एशिया की राजनीति के लिए एक नया मोड़ साबित हो सकता है।

