Kolkata Earthquake News: कोलकाता में महसूस हुए भूकंप के झटके, लोग हुए सतर्क

Channelindiaone
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Kolkata Earthquake News: मंगलवार की शाम पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में अचानक भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे कुछ देर के लिए लोगों में दहशत का माहौल बन गया। कई इलाकों में लोगों ने कंपन महसूस किया और एहतियात के तौर पर अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।

हालांकि राहत की बात यह रही कि इस भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान या घायल होने की कोई सूचना सामने नहीं आई है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखी और लोगों से शांत रहने की अपील की।

शाम के समय महसूस हुआ कंपन, लोगों में बढ़ी चिंता

मंगलवार शाम जब लोग अपने रोजमर्रा के काम में व्यस्त थे, तभी अचानक हल्का कंपन महसूस हुआ। कई लोगों को ऐसा लगा जैसे जमीन हिल रही हो या इमारतों में झटका लगा हो।

कुछ लोगों ने बताया कि वे ऑफिस में बैठे थे, तभी कुर्सी और टेबल हल्की-सी हिलने लगी। वहीं, कई घरों में रहने वाले लोगों ने भी दीवारों और खिड़कियों में कंपन महसूस किया।

कुछ ही मिनटों में यह खबर शहर में फैल गई और लोग सतर्क हो गए।

सोशल मीडिया पर लोगों ने साझा किए अनुभव

भूकंप के झटके महसूस होते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कई यूजर्स ने ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर पूछा कि क्या दूसरों को भी झटका महसूस हुआ।

एक यूजर ने लिखा, “क्या कोलकाता में अभी भूकंप आया? किसी और को भी महसूस हुआ?” वहीं दूसरे ने पोस्ट किया, “हम ऑफिस में बैठे थे और अचानक भूकंप जैसा लगा।”

इन पोस्ट्स के जरिए साफ हो गया कि शहर के कई हिस्सों में लोगों ने इस हल्के झटके को महसूस किया।

म्यांमार में आया था 6 तीव्रता का भूकंप

जर्मनी के जियोसाइंसेज रिसर्च सेंटर (GFZ) के अनुसार, मंगलवार को म्यांमार में रिक्टर स्केल पर 6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इस भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था।

विशेषज्ञों का मानना है कि म्यांमार में आए इस भूकंप के कारण ही पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों, खासकर कोलकाता और आसपास के इलाकों में हल्के झटके महसूस किए गए।

हालांकि भूकंप का केंद्र काफी दूर था, लेकिन इसकी तरंगें कोलकाता तक पहुंच गईं।

क्यों महसूस हुआ कोलकाता में असर?

भूवैज्ञानिकों के अनुसार, म्यांमार और पूर्वोत्तर भारत भूकंपीय रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में आते हैं। यहां अक्सर टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल के कारण भूकंप आते रहते हैं।

जब म्यांमार में तेज भूकंप आता है, तो उसकी ऊर्जा आसपास के क्षेत्रों तक फैल सकती है। इसी वजह से पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में हल्के झटके महसूस होना असामान्य नहीं है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे झटके आमतौर पर नुकसानदायक नहीं होते, लेकिन इन्हें नजरअंदाज भी नहीं किया जाना चाहिए।

प्रशासन की नजर, फिलहाल स्थिति सामान्य

भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट हो गया। संबंधित एजेंसियों ने शहर के विभिन्न इलाकों से जानकारी जुटाई और हालात की समीक्षा की।

अब तक किसी भी क्षेत्र से नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। बिजली, पानी और यातायात सेवाएं भी सामान्य रूप से चल रही हैं।

अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

भूकंप के दौरान क्या करें और क्या न करें?

विशेषज्ञों के मुताबिक, भूकंप के समय घबराने के बजाय सतर्क रहना सबसे जरूरी होता है। अगर आप घर या ऑफिस में हैं, तो मजबूत टेबल या फर्नीचर के नीचे बैठ जाना सुरक्षित होता है।

खिड़कियों, शीशों और भारी सामान से दूर रहना चाहिए। अगर बाहर हैं, तो खुले स्थान पर चले जाना बेहतर होता है।

भूकंप के बाद भी कुछ समय तक सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि आफ्टरशॉक आने की संभावना रहती है।

कोलकाता और भूकंप का इतिहास

कोलकाता भले ही देश के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में न आता हो, लेकिन पूर्वी भारत में होने वाले भूकंप का असर यहां कभी-कभी देखने को मिलता है।

पिछले कुछ वर्षों में भी म्यांमार, नेपाल और पूर्वोत्तर भारत में आए भूकंपों के झटके कोलकाता तक महसूस किए गए हैं। इससे यह साफ होता है कि शहर को भी आपदा प्रबंधन के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।

विशेषज्ञों की राय: घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन सतर्कता जरूरी

भूविज्ञान विशेषज्ञों का कहना है कि यह भूकंप कोलकाता के लिए खतरे की बड़ी चेतावनी नहीं है। यह एक दूरस्थ भूकंप का हल्का प्रभाव था।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि शहरी इलाकों में इमारतों की मजबूती और आपदा जागरूकता बेहद जरूरी है। समय-समय पर मॉक ड्रिल और लोगों को ट्रेनिंग दी जानी चाहिए।

आम लोगों के लिए जरूरी सलाह

लोगों को चाहिए कि वे अपने घरों और दफ्तरों में आपात स्थिति के लिए छोटी सी किट तैयार रखें, जिसमें टॉर्च, पानी, जरूरी दवाइयां और जरूरी दस्तावेज हों।

इसके अलावा, परिवार के साथ पहले से तय कर लें कि आपात स्थिति में कहां इकट्ठा होना है और किससे संपर्क करना है।

ऐसी छोटी-छोटी सावधानियां बड़े हादसों से बचा सकती हैं।

निष्कर्ष

कोलकाता में मंगलवार शाम महसूस हुए भूकंप के झटके भले ही हल्के थे, लेकिन उन्होंने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहने की जरूरत को याद दिलाया है।

म्यांमार में आए 6 तीव्रता के भूकंप का असर कोलकाता तक पहुंचना यह दिखाता है कि प्रकृति की गतिविधियां सीमाओं तक सीमित नहीं रहतीं। ऐसे में जागरूकता, तैयारी और सही जानकारी ही सबसे बड़ा बचाव है।

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