नई दिल्ली: राजधानी में आयोजित हाई-प्रोफाइल ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ में यूथ कांग्रेस के सदस्यों द्वारा किए गए हंगामे ने अब एक गंभीर कानूनी और राजनीतिक मोड़ ले लिया है। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार के खिलाफ किया गया यह ‘शर्टलेस’ (अर्धनग्न) प्रदर्शन महज एक विरोध नहीं, बल्कि एक बड़ी साजिश का हिस्सा था।
नेपाल कनेक्शन और ‘Gen Z’ आंदोलन का जिक्र
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से आरोपियों की कस्टडी मांगते हुए कहा कि यह प्रदर्शन पड़ोसी देश नेपाल में हुए उस हिंसक ‘Gen Z’ आंदोलन से प्रेरित था, जिसने वहां की सत्ता पलट दी थी। पुलिस के मुताबिक:
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प्रदर्शनकारी वैश्विक नेताओं और सुंदर पिचाई व सैम ऑल्टमैन जैसे टेक दिग्गजों के सामने भारत की छवि खराब करना चाहते थे।
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पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस पूरे प्रदर्शन की फंडिंग किसने की। विशेष रूप से उन टी-शर्ट्स की छपाई का खर्च किसने उठाया, जिन पर “PM is compromised” और “Epstein Files” जैसे विवादित नारे लिखे थे।
बीजेपी का तीखा हमला: “Topless, Brainless और Shameless”
इस घटना के बाद देशभर में सियासी पारा चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे ‘राष्ट्रविरोधी’ कृत्य करार दिया है।
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संबित पात्रा का बयान: बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, “कांग्रेस के लिए मेरे पास सिर्फ तीन शब्द हैं— टॉपलेस, ब्रेनलेस और शेमलेस।”
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देशव्यापी विरोध: इस घटना के विरोध में बीजेपी ने दिल्ली, सूरत, मुंबई और हैदराबाद सहित कई शहरों में प्रदर्शन किया। मुंबई में राहुल गांधी को काले झंडे दिखाए गए और “लश्कर-ए-राहुल” जैसे नारे लगाए गए।
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भूपेंद्र यादव की प्रतिक्रिया: केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि जब भारत एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी पावरहाउस बन रहा है, तब कांग्रेस देश को शर्मिंदा करने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस का बचाव: ‘लोकतांत्रिक गुस्से की अभिव्यक्ति’
दूसरी ओर, कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं का बचाव किया है। पार्टी नेता पवन खेड़ा ने कहा कि यह प्रदर्शन युवाओं के भीतर व्याप्त गुस्से और हताशा को दर्शाता है। यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा, “लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध हमारा अधिकार है और हम युवाओं की आवाज़ उठाते रहेंगे।”
गिरफ्तारियां और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में अब तक यूथ कांग्रेस के चार प्रमुख पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया है:
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कृष्णा हरि (राष्ट्रीय सचिव)
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कुंदन यादव (बिहार प्रदेश सचिव)
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अजय कुमार (यूपी उपाध्यक्ष)
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नरसिंह यादव (राष्ट्रीय समन्वयक)
राहुल गांधी पर मानहानि का साया
यह हंगामा उस समय हुआ जब राहुल गांधी महाराष्ट्र के ठाणे में एक पुराने मानहानि मामले में जमानत देने पहुंचे थे। यह मामला RSS कार्यकर्ता राजेश कुंते द्वारा दायर किया गया है, जिसमें आरोप है कि राहुल गांधी ने महात्मा गांधी की हत्या के पीछे संघ का हाथ होने का झूठा दावा किया था।
निष्कर्ष
AI समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का प्रदर्शन भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ और कूटनीति के लिए नई चुनौतियां पेश कर सकता है। क्या यह वास्तव में किसी विदेशी आंदोलन से प्रेरित था या केवल राजनीतिक विरोध, इसका फैसला अब पुलिस की गहरी जांच और अदालती कार्यवाही के बाद ही होगा।

