Suvendu Adhikari to take oath today: बंगाल में ‘कमल’ राज की शुरुआत; शुभेंदु अधिकारी आज लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ, रवींद्र संगीत और शंखनाद के साथ होगा भव्य स्वागत

Channelindiaone
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कोलकाता | 9 मई, 2026 | Suvendu Adhikari to take oath today: पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) आज, शनिवार (9 मई, 2026) को राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत हासिल करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 साल पुराने शासन का अंत कर दिया है।

नवनिर्वाचित विधायकों ने सर्वसम्मति से 57 वर्षीय शुभेंदु अधिकारी को अपना नेता चुना है। उनकी यह ताजपोशी न केवल उनके राजनीतिक करियर का शिखर है, बल्कि बंगाल की सत्ता के केंद्र में हुए बड़े बदलाव का प्रतीक भी है।

भवानीपुर और नंदीग्राम: शुभेंदु ने ढहाया ममता का किला

शुभेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में अपनी राजनीतिक क्षमता का लोहा मनवाया है। उन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर—दोनों ही हाई-प्रोफाइल सीटों से चुनाव लड़ा और शानदार जीत दर्ज की। विशेष रूप से भवानीपुर सीट पर उन्होंने निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15,115 मतों के अंतर से करारी शिकस्त दी, जिसे ममता बनर्जी के राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के आंकड़े: एक नजर में

भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा (चुनाव 293 सीटों पर हुए) में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों पर कब्ज़ा किया है। वहीं, राज्य में लंबे समय तक राज करने वाली तृणमूल कांग्रेस दो अंकों (80 सीटों) पर सिमट गई है।

  • भाजपा: 207 सीटें

  • TMC: 80 सीटें

  • कांग्रेस: 02 सीटें

  • माकपा (CPM): 01 सीट

  • शेष सीटें अन्य छोटे दलों और निर्दलीयों के खाते में गई हैं।

शपथ ग्रहण समारोह: बंगाली अस्मिता और परंपरा का संगम

भाजपा ने आज के शपथ ग्रहण समारोह के लिए रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती का दिन चुना है, ताकि बंगाली मतदाताओं के बीच अपनी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत दिखाया जा सके। समारोह स्थल पर बंगाली पहचान के हर छोटे-बड़े पहलू का ध्यान रखा गया है:

  • सांस्कृतिक प्रतीक: मंच पर माँ दुर्गा की प्रतिमा और शक्तिपीठ कालीघाट मंदिर का चित्रण किया गया है।

  • पारंपरिक उत्सव: कार्यक्रम की शुरुआत शंखनाद, ढाक की गूंज और पारंपरिक धुनुची नृत्य के साथ होगी।

  • संगीत: समारोह के दौरान लाउडस्पीकरों पर रवींद्र संगीत की मधुर धुनें गूंजेंगी।

चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने खुद पर लगे “बाहरी” होने के आरोपों को सफलतापूर्वक खारिज किया। प्रचार के दौरान मछली जैसे बंगाली आहार के प्रतीकों का उपयोग करना पार्टी की इसी “ऑप्टिक्स” रणनीति का हिस्सा था।

प्रधानमंत्री मोदी और दिग्गजों का जमावड़ा

आज के इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं उपस्थित रहेंगे। उनके साथ एनडीए शासित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और देश के कई वरिष्ठ नेता भी इस शक्ति प्रदर्शन का हिस्सा बनेंगे। यह आयोजन भाजपा की ओर से बंगाल की जनता को यह संदेश देने का प्रयास है कि केंद्र और राज्य अब मिलकर विकास के पथ पर आगे बढ़ेंगे।

हिंसा और सुरक्षा: नई सरकार के सामने पहली चुनौती

4 मई को चुनाव परिणाम आने के बाद से ही बंगाल के कई हिस्सों से चुनाव बाद हिंसा (Post-poll violence) की खबरें सामने आई हैं। इसी क्रम में बुधवार (6 मई) को मध्यमग्राम इलाके में शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। ऐसी तनावपूर्ण स्थिति में मुख्यमंत्री के रूप में शुभेंदु अधिकारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य में शांति बहाल करना और कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाना होगी।


पश्चिम बंगाल में सत्ता का यह परिवर्तन केवल चेहरों का बदलाव नहीं, बल्कि एक नई राजनीतिक विचारधारा की शुरुआत है। रवींद्र जयंती के पावन अवसर पर शुरू हो रहा यह नया सफर बंगाल के विकास और सुरक्षा के लिए कितना सफल होगा, इस पर पूरे देश की नज़रें टिकी हैं।

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